बाजार निशब्द डिबेंचरों की दशा में पूजी अभिलाभ की संगणना के लिए विशेष उपबध
वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2024 से धारा 50क के पश्चात् धारा 50कक अंत:स्थापित कि जाएगी।
बाजार संबद्ध डिबेंचरों की दशा में पूंजी अभिलाभ की संगणना के लिए विशेष उपबंध
50कक. धारा 2 के खंड (42क) या धारा 48 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां पूंजी आस्ति, 1 अप्रैल, 2023 को या उसके पश्चात् अर्जित किसी विनिर्दिष्ट पारस्परिक निधि की यूनिट या बाजार संबद्ध डिबेंचर है, ऐसे डिबेंचर या यूनिट के अंतरण या मोचन या परिपक्वता के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोदभूत प्रतिफल के पूर्ण मूल्य को,—
(i) डिबेंचर या यूनिट के अर्जन की लागत ;
(ii) ऐसे अंतरण या मोचन या परिपक्वता के संबंध में पूर्णतया और विशिष्टया उपगत व्यय से,
घटा दिया जाएगा, उसे अल्पकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से उदभूत पूंजी अभिलाभ समझा जाएगा :
परंतु वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2004 (2004 का 23) के अध्याय 7 के उपबंधों के अधीन प्रतिभूति संव्यवहार कर के मद्दे संदत्त किसी राशि के संबंध में "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।
स्पष्टीकरण--इस धारा के प्रयोजनों के लिए,--
(i) "बाजार संबद्ध डिबेंचर" से किसी भी नाम से ज्ञात कोई प्रतिभूति अभिप्रेत है, जो ऋण सुरक्षा के रूप में अंतर्निहित मूल घटक रखती है और जहां रिटर्न अन्य अंतर्निहित प्रतिभूतियों पर बाजार रिटर्न या सूचकों से संबद्ध हैं तथा इसके अंतर्गत भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा बाजार संबद्ध डिबेंचर के रूप में वर्गीकृत या विनियमित कोई प्रतिभूति भी है ;
(ii) "विनिर्दिष्ट पारस्परिक निधि" से किसी भी नाम से ज्ञात कोई पारस्परिक निधि अभिप्रेत है, जहां इसके कुल आगमों का पैंतीस प्रतिशत से अनधिक घरेलू कंपनियों के साम्या शेयरों में विनिधान किया जाता है :
परंतु यह कि विनिर्दिष्ट पारस्परिक निधि के संबंध में धृत साम्या शेयर धृति की प्रतिशतता की संगणना दैनिक बंद होने वाली संख्या के औसत को निर्दिष्ट करते हुए की जाएगी ।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

