आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 48

संगणना करने का ढंग

धारा

धारा संख्या

48

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2011

संगणना करने का ढंग

संगणना करने का ढंग

46[संगणना करने का ढंग

4748. "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना, पूंजी आस्ति के अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भूत प्रतिफल48 के पूरे मूल्य48 में से निम्नलिखित रकमों की कटौती करके की जाएगी, अर्थात् :–

(i) ऐसे अंतरण के संबंध में48 पूर्णत: और अनन्यत: उपगत व्यय;

(ii) आस्ति के अर्जन की लागत और उसमें किसी सुधार48 की लागत :

49परन्तु ऐसे निर्धारिती की दशा में, जो अनिवासी भारतीय है, किसी भारतीय कंपनी में शेयरों या उसके डिबेंचरों के रूप में किसी पूंजी आस्ति के अंतरण से उद्भूत पूंजी अभिलाभ की संगणना, अर्जन की लागत, ऐसे अंतरण के संबंध में पूर्णत: और अनन्यत: उपगत व्यय और शेयरों या डिबेंचरों के क्रय में आरंभिक रूप से उपयोग की गर्इ उसी विदेशी करेंसी में पूंजी आस्ति के अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या उद्भूत प्रतिफल के पूरे मूल्य को संपरिवर्तित करके की जाएगी और ऐसी विदेशी करेंसी में इस प्रकार संगणित पूंजी अभिलाभ को भारतीय करेंसी में पुन: संपरिवर्तित किया जाएगा, तथापि इस प्रकार की पूंजी अभिलाभ की संगणना की पूर्वोक्त रीति तत्पश्चात् किसी भारतीय कंपनी में शेयरों में प्रत्येक पुन: विनिधान या डिबेंचरों के विक्रय से प्रोद्भूत या उद्भूत पूंजी अभिलाभ की बाबत लागू होगी :

परन्तु यह और कि जहां दीर्घकालिक पूंजी अभिलाभ किसी दीर्घकालिक पूंजी आस्ति के, जो किसी अनिवासी को पहले परंतुक में निर्दिष्ट किसी भारतीय कंपनी में शेयरों या उसके डिबेंचरों के अंतरण में उद्भूत पूंजी अभिलाभ से भिन्न है, अंतरण से उद्भूत होता है, वहां खंड (ii) के उपबंध इस प्रकार प्रभावी होंगे मानो "अर्जन की लागत" और "किसी सुधार की लागत" शब्दों के स्थान पर क्रमश: "अर्जन की सूचकांकित लागत" और "किसी सुधार की सूचकांकित लागत" शब्द रखे गए हों :

50[परन्तु यह भी कि दूसरे परन्तुक में की कोर्इ भी बात दीर्घकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से जो सरकार द्वारा जारी केपिटल इन्डेक्स बांड से भिन्न बांड या डिबेंचर हैं उत्पन्न होने वाले दीर्घकालिक पूंजी अभिलाभ को लागू नहीं होगी :]

51[परन्तु यह भी कि जहां धारा 47 के खंड (iii) के परन्तुक में निर्दिष्ट शेयर, डिबेंचर या वारन्ट दान या अप्रतिसंहरणीय न्यास के अधीन अंतरित किए जाते हैं, वहां ऐसे अंतरण की तारीख को बाजार मूल्य इस धारा के प्रयोजनों के लिए अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भूत होने वाले प्रतिफल का पूरा मूल्य समझा जाएगा :]

52[परन्तु यह भी कि वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2004 के अध्याय 7 के अधीन "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में प्रतिभूति संव्यवहार कर के मद्दे संदत्त किसी राशि की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]

स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(i) "विदेशी करेंसी"53 और "भारतीय करेंसी"53 के वही अर्थ हैं जो क्रमश: विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) की धारा 2 में उनका है;

(ii) भारतीय करेंसी का विदेशी करेंसी में संपरिवर्तन और विदेशी करेंसी का भारतीय करेंसी में संपरिवर्तन इस निमित्त विहित विनिमय की दर पर किया जाएगा;

(iii) "अर्जन की सूचकांकित लागत" से अभिप्रेत है वह रकम जिसका उसी अनुपात में अर्जन की लागत से संबंध है जिस प्रकार के उस वर्ष का मुद्रास्फीति सूचकांक जिसमें अंतरित की गर्इ आस्ति का संबंध उस प्रथम वर्ष के जिसमें निर्धारिती ने आस्ति धारित की थी या 1 अप्रैल, 1981 को प्रारंभ होने वाले वर्ष के लिए, इनमें से जो भी पश्चात्वर्ती हो, लागत मुद्रास्फीति सूचकांक से है;

(iv) "किसी सुधार की सूचकांकित लागत" से ऐसी रकम अभिप्रेत है जिसका उसी अनुपात में जो उस वर्ष के लिए, जिसमें आस्ति का अंतरण किया जाता है का उस वर्ष के लागत मुद्रास्फीति सूचकांक से संबंधित जिसमें आस्ति में सुधार हुआ है;

54[(v) किसी वर्ष के लिए "लागत मुद्रास्फीति सूचकांक" से ऐसा सूचकांक अभिप्रेत है जो केंद्रीय सरकार, शारीरिक श्रम न करने वाले नगरीय कर्मचारियों के लिए, ऐसे पूर्ववर्ष के ठीक पूर्ववर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में पचहत्तर प्रतिशत की औसत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए राजपत्र में अधिसूचना55 द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे।]]

 

46. वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व धारा 48 वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से, प्रत्यक्ष कर विधि (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से, वित्त अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा 1.4.1992 से यथासंशोधित की गयी थी।

47. सुसंगत केस लॉज़ के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

48. "प्रतिफल", "प्रतिफल का पूरा मूल्य", "ऐसे अंतरण के संबंध में" और "सुधार" पदों के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.

49. नियम 115क देखिए

50. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1998 से अंत:स्थापित।

51. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से अंत:स्थापित।

52. वित्त (सं. 2) अधिनियम 2004 द्वारा 1.4.2005 से अंत:स्थापित।

53. "विदेशी करेंसी" और "भारतीय करेंसी" की परिभाषा के लिए, क्रमश: पूर्व पृष्ठ 1.79 पर पाद टिप्पण 43 और पृष्ठ 1.329 पर पाद-टिप्पण 59 देखिए

54. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.1993 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व स्पष्टीकरण का खंड (v) इस प्रकार से था :–

'(v) किसी वर्ष के लिए "लागत मुद्रास्फीति सूचकांक" से ऐसा सूचकांक अभिप्रेत है जो केन्द्रीय सरकार, उस वर्ष के लिए शारीरिक श्रम न करने वाले नगरीय कर्मचारियों के लिए, उस वर्ष के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में पचहत्तर प्रतिशत औसत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे।'

55. सुसंगत वित्तीय वर्ष के लिए अधिसूचित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक इस प्रकार से है :

1981-82 : 100/1982-83 : 109/1983-84 : 116/1984-85 : 125/1985-86 : 133/1986-87 : 140/ 1987-88 : 150/1988-89 : 161/1989-90 : 172/1990-91 : 182/1991-92 : 199/1992-93 : 223/ 1993-94 : 244/1994-95 : 259/1995-96 : 281/1996-97 : 305/1997-98 : 331/1998-99 : 351/ 1999-2000 : 389/2000-2001 : 406/2001-2002 : 426/2002-2003 : 447/2003-2004 : 463/2004-2005 : 480/2005-2006 : 497/2006-2007 : 519, ब्यौरे के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा संशोधित रूप में]

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