आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 47

नई धारा 115खखड़ की प्रविष्टि

धारा

धारा संख्या

47

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2012

नई धारा 115खखड़ की प्रविष्टि

नई धारा 115खखड़ की प्रविष्टि

नई धारा 115खखङ का अंतःस्थापन

47. आय-कर अधिनियम की धारा 115खखघ के पश्चात्, निम्नलिखित धारा 1 अप्रैल, 2013 से अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात् : -

"115खखङ. धारा 68 या धारा 69 या धारा 69क या धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट आय पर कर - (1) जहां किसी निर्धारिती की कुल आय में धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट कोई आय सम्मिलित है, वहां संदेय आय-कर,-

() धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट आय पर तीस प्रतिशत की दर पर परिकलित आय-कर की रकम ; और

() आय-कर की ऐसी रकम, जिसके लिए निर्धारिती उस दशा में प्रभार्य होता, यदि उसकी कुल आय में से खंड (क) में निर्दिष्ट आय की रकम घटा दी जाती, का योग होगा ।

(2) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, निर्धारिती को किसी व्यय या मोक के संबंध में उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट उसकी आय की संगणना करने में इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।"।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2012]

© कॉपीराइट. टैक्समैन पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड

फ़ुटनोट