नर्इ धारा 115खखछ का अंत:स्थापन।
नर्इ धारा 115खखछ का अंत:स्थापन।
45. आय-कर अधिनियम की धारा 115खखच [वित्त अधिनियम, 2016 (2016 का 28) की धारा 54 द्वारा यथा अंत:स्थापित] के पश्चात्, 1 अप्रैल, 2018 से निम्नलिखित धारा अंत:स्थापित की जाएगी, अर्थात्:-
'115खखछ. कार्बन प्रत्ययों के अंतरण से आय पर कर-(1) जहां किसी निर्धारिती की कुल आय में, कार्बन प्रत्ययों के अंतरण के माध्यम से होने वाली कोर्इ आय सम्मिलित है, वहां संदेय आय-कर निम्नलिखित का योग होगा-
(क) कार्बन प्रत्ययों के अंतरण के माध्यम से होने वाली आय पर दस प्रतिशत की दर से परिकलित आय-कर की रकम; और
(ख) आय-कर की वह रकम, जो उस समय निर्धारिती से प्रभार्य होती, यदि उसकी कुल आय में से खंड (क) में निर्दिष्ट आय की रकम को घटा दिया जाता।
(2) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, निर्धारिती को, उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट उसकी आय की संगणना में इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन किए गए किसी व्यय या मोक के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए एक यूनिट के संबंध में "कार्बन प्रत्यय" से कार्बन डार्इआक्साइड उत्सर्जनों या उसके समतुल्य गैसों के उत्सर्जन में, जिसका विधिमान्यकरण संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संबंधी फ्रेमवर्क द्वारा किया जाता है, एक टन की ऐसी कमी अभिप्रेत होगी और जिसका बाजार में व्यापार उसकी विद्यमान बाजार कीमत पर किया जा सकता है।'।

