धारा 139 का संशोधन
धारा 139 का संशोधन।
39. आय-कर अधिनियम की धारा 139 की उपधारा (1) में, 1 अप्रैल, 2020 से,–
(क) छठे परंतुक में और स्पष्टीकरण के पूर्व, "धारा 10खक या" शब्दों, अंकों और अक्षरों के स्थान पर, "धारा 10खक या धारा 54 या धारा 54ख या धारा 54घ या धारा 54ड़ग या धारा 54च या धारा 54छ या धारा 54छक या धारा 54छख या" शब्द, अंक और अक्षर रखे जाएंगे;
(ख) छठे परंतुक के पश्चात् और स्पष्टीकरण 1 के पूर्व निम्नलिखित परंतुक अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात्:–
"परंतुयह भी की खंड (ख) में विनिर्दिष्ट ऐसा कोर्इ व्यक्ति, जिससे इस उपधारा के अधीन कोर्इ विवरणी प्रस्तुत करना अपेक्षित नहीं है और जो पूर्ववर्ष के दौरान,–
(i) किसी बैंककारी कंपनी या किसी सहकारी बैंक के साथ रखे गए एक या अधिक चालू खातों में एक करोड़ रुपए से अधिक किसी रकम या कुल रकमो को जमा करता है; या
(ii) किसी विदेश यात्रा के लिए स्वयं हेतु या किसी अन्य व्यक्ति के लिए दो लाख रुपए से अधिक किसी रकम या कुल रकमों का व्यय उपगत करता है; या
(iii) विद्युत के उपभोग के मद्दे एक लाख रुपए से अधिक रकम या कुल रकमों का व्यय उपगत करता है; या
(iv) ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करता है, जो विहित की जाएं,
नियत तारीख को या उसके पूर्व ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में सत्यापित, जो विहित की जाए, और ऐसी अन्य विशिष्टियों का, जो विहित की जाए, वर्णन करते हुए अपनी आय की विवरणी प्रस्तुत करेगा:";
(ग) स्पष्टीकरण 5 के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात्:–
'स्पष्टीकरण 6–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,–
(क) "बैंककारी कंपनी" का वही अर्थ होगा, जो धारा 269धध के स्पष्टीकरण के खंड (i) में उसका है;
(ख) "सहकारी बैंक" का वही अर्थ होगा, जो धारा 269धध के स्पष्टीकरण के खंड (ii) में उसका है।'।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

