आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 36

धारा 115कघ का संशोधन

धारा

धारा संख्या

36

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2024 (सं.2)

धारा 115कघ का संशोधन

धारा 115कघ का संशोधन।

36. आय-कर अधिनियम की धारा 115कघ की उपधारा (1) में, 23 जुलाई, 2024 से,-

() दीर्घ पंक्ति में, खंड (ii) के परंतुक के स्थान पर, निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा और रखा गया समझा जाएगा, अर्थात् :-
 "परंतु धारा 111क में निर्दिष्ट अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों के माध्यम से हुई आय कर परिकलित आय-कर की रकम,-
()  किसी ऐसे अंतरण के लिए जो 23 जुलाई, 2024 से पहले होता है, पंद्रह प्रतिशत की दर से; और
()  किसी ऐसे अंतरण के लिए जो 23 जुलाई, 2024 को या उसके पश्चात् होता है, बीस प्रतिशत की दर से ;";
() खंड (iii) में, परंतुक के स्थान पर, निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा और रखा गया समझा जाएगा, अर्थात् :-
 "परंतु धारा 112क में निर्दिष्ट किसी दीर्घकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से उद्भूत होने वाली आय की दशा में, जो एक लाख पच्चीस हजार रुपए से अधिक है, आय-कर की संगणना निम्नलिखित दर से की जाएगी,-
() किसी ऐसे अंतरण के लिए जो 23 जुलाई, 2024 से पहले होता है, दस प्रतिशत की दर से; और
() किसी ऐसे अंतरण के लिए जो 23 जुलाई, 2024 को या उसके पश्चात् होता है, साढ़े बारह प्रतिशत की दर से :
 परंतु यह और कि पहले परंतुक में उल्लिखित एक लाख पच्चीस हजार रुपए की सीमा, खंड (अ) और खंड (आ) में निर्दिष्ट दीर्घकालिक पूंजी अभिलाभों के कुल योग को लागू होगी; और" ।

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