प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण के कार्यक्रमों को चलाने के लिए संगमों या संस्थाओं को संदाय के रूप में व्यय
7[प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण के कार्यक्रमों को चलाने के लिए संगमों या संस्थाओं को संदाय के रूप में व्यय
35गगख. 8[(1) जहां निर्धारिती,—
(क) किसी ऐसा संगम या संस्था को, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण या वनरोपण का कार्यक्रम चलाना है, विहित प्राधिकारी9 द्वारा अनुमोदित10 प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण या वनरोपण के कार्यक्रम को कार्यान्वित करने में उपयोग करने के लिए; या
(ख) किसी ऐसी निधि को, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, वनरोपण के लिए,
किसी राशि के संदाय के रूप में 11[31 मार्च, 2002 को या उसके पूर्व] कोर्इ व्यय उपगत करता है, वहां निर्धारिती को, उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, उस पूर्ववर्ष के दौरान उपगत ऐसे व्यय की रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी।]
(2) उपधारा (1) 12[के खंड (क)] के अधीन कटौती किसी संगम या संस्था को संदाय के रूप में किए गए व्यय की बाबत तभी अनुज्ञात की जाएगी जब ऐसा संगम या संस्था विहित प्राधिकारी13 द्वारा इस निमित्त तत्समय अनुमोदित है :
परन्तु विहित प्राधिकारी ऐसा अनुमोदन एक बार में तीन वर्ष से अधिक के लिए नहीं देगा।
(3) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी व्यय की बाबत किसी निर्धारण वर्ष के लिए इस धारा के अधीन कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात की जाती है, वहां ऐसे व्यय की बाबत उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]
7. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से पुन: पुर:स्थापित। इससे पूर्व इसका प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा उसी तारीख से लोप किया गया था। मूल धारा 35गगख वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.6.1982 से अन्त:स्थापित की गर्इ थी।
8. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से प्रतिस्थापित।
9. नियम 6ककग के अधीन विहित प्राधिकारी, सचिव, पर्यावरण विभाग, भारत सरकार है।
10. अनुमोदित संगमों या संस्थाओं के सूची के लिए सम्बंधित अधिसूचना देखिये।
11. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से अंत:स्थापित।
12. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से अंत:स्थापित।
13. नियम 6ककग देखिए। विहित प्राधिकारी, सचिव, पर्यावरण विभाग, भारत सरकार है।
[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

