आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 294

कर के प्रभार के लिए विधायी उपबंध के लम्बित रहने तक अधिनियम का प्रभावी रहना

धारा

धारा संख्या

294

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXIII - विविध

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2014

कर के प्रभार के लिए विधायी उपबंध के लम्बित रहने तक अधिनियम का प्रभावी रहना

कर के प्रभार के लिए विधायी उपबंध के लम्बित रहने तक अधिनियम का प्रभावी रहना

कर के प्रभार के लिए विधायी उपबंध के लम्बित रहने तक अधिनियम का प्रभावी रहना

294. यदि किसी निर्धारण वर्ष के लिए आय-कर 47[* * *] प्रभारित करने के लिए किसी केन्द्रीय अधिनियम द्वारा कोर्इ उपबंध उस निर्धारण वर्ष में अप्रैल के प्रथम दिन तक न किया गया हो तो भी यह अधिनियम, तब तक जब तक ऐसा उपबंध इस प्रकार नहीं कर दिया जाता है ऐसे प्रभाव रखेगा मानो पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष में प्रवृत्त उपबंध या ऐसे विधेयक में जो उस समय संसद् के समक्ष हो, प्रस्तावित उपबंधों में से, जो भी निर्धारिती के अधिक अनुकूल हैं, वे वस्तुत: प्रवृत्त थे।

 

47. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से ‘या अधिकर’ शब्दों का लोप किया गया।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

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