सिविल न्यायालयों में वादों का वर्जन
सिविल न्यायालयों में वादों का वर्जन
293. इस अधिनियम के अधीन की गर्इ किसी कार्यवाही या किए गए किसी आदेश को अपास्त करने या उपान्तरित करने के लिए किसी सिविल न्यायालय में कोर्इ वाद नहीं लाया जाएगा तथा सरकार या सरकार के किसी अधिकारी के विरुद्ध कोर्इ अभियोजन, वाद या अन्य कार्यवाही किसी ऐसी बात के लिए नहीं हो सकेगी जो इस अधिनियम के अधीन सद्भावपूर्वक की गर्इ है या की जानी आशयित है।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

