आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 286

अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करना

धारा

धारा संख्या

286

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXIII - विविध

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2022

अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करना

अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करना

अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करना

286. (1) भारत में निवासी प्रत्येक घटक अस्तित्व, यदि वह किसी अंतरराष्ट्रीय समूह, जिसका मूल अस्तित्व भारत में निवासी नहीं है, का घटक है विहित आय-कर प्राधिकारी को (जिसे इसमें विहित प्राधिकारी कहा गया है) ऐसे प्ररूप और रीति में, ऐसी तारीख को या उससे पहले, जो विहित किए जाएं,—

() क्या वह अंतरराष्ट्रीय समूह का अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व है; या

() अंतरराष्ट्रीय समूह के मूल अस्तित्व या अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व, यदि कोर्इ हो, तथा देश या राज्य क्षेत्र, जिसके उक्त अस्तित्व निवासी हैं के ब्यौरे,

सूचित करेगा।

(2) भारत में निवासी प्रत्येक मूल अस्तित्व या अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व ऐसे अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में, जिसका वह घटक है, प्रत्येक रिपोर्ट करने वाला लेखांकन वर्ष के लिए 45[उक्त रिपोर्ट किए जाने वाले लेखांकन वर्ष से बारह मास की अवधि के भीतर] विहित प्राधिकारी को ऐसे रूप और रीति में, जो विहित की जाए, रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ।

(3) उपधारा (2) 46[और उपधारा (4)] के प्रयोजनों के लिए, किसी अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में रिपोर्ट में निम्नलिखित सम्मिलित होगा—

() प्रत्येक देश या राज्यक्षेत्र, जिसमें समूह क्रियाशील है, के संबंध में राजस्व की रकम, आय-कर के पूर्व लाभ या हानि, संदत्त आय-कर की रकम, प्रोद्भूत आय-कर की रकम, कथित पूंजी, संचित उपार्जन, कर्मचारियों की संख्या या मूर्त आस्तियों, जो नकद या नकद के समतुल्य हैं, की बाबत सूचना का संकलन;

() समूह के प्रत्येक घटक अस्तित्व के ब्यौरे जिसके अंतर्गत वह देश या राज्यक्षेत्र सम्मिलित है जिसमें ऐसा घटक अस्तित्व निगमित, संघटित या स्थापित है, और देश या क्षेत्र जहां का वह निवासी है;

() प्रत्येक अस्तित्व के प्रमुख कारबार क्रियाकलाप या क्रियाकलापों की प्रकृति और ब्यौरे; और

() कोर्इ अन्य जानकारी जो विहित की जाए ।

(4) उक्त धारा की उपधारा (2) में निर्दिष्ट अस्तित्व से भिन्न, भारत में निवासी किसी अंतरराष्ट्रीय समूह का घटक अस्तित्व रिपोर्ट किए जाने वाले लेखांकन वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में उपधारा (2) में निर्दिष्ट रिपोर्ट 47[को विहित की जाने वाली अवधि के भीतर ] प्रस्तुत करेगा यदि मूल अस्तित्व ऐसे देश या राज्यक्षेत्र का निवासी है, —

48[() जहां मूल अस्तित्व उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की रिपोर्ट फाइल करने के लिए बाध्य न हो;]

49[(कक)] जिसके साथ भारत का उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की रिपोर्ट आदान-प्रदान वाला करार नहीं है; या

() उस देश या राज्यक्षेत्र में क्रमबद्ध असफलता रही है और उक्त असफलता की सूचना विहित प्राधिकारी द्वारा ऐसे घटक अस्तित्व को दे दी गर्इ है :

परंतु जहां समूह के एक से अधिक, भारत में ऐसे अस्तित्व हैं, वहां रिपोर्ट एक घटक अस्तित्व द्वारा प्रस्तुत की जाएगी यदि—

() अंतरराष्ट्रीय समूह ने, भारत में निवासी सभी घटक अस्तित्वों की ओर से उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसरण में ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अभिहित किया है; और

() समूह की ओर से जानकारी लिखित रूप में विहित प्राधिकारी को भेज दी गर्इ है ।

(5) उपधारा (4) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात लागू नहीं होगी, यदि अंतरराष्ट्रीय समूह के किसी अनुकल्पी अस्तित्व ने, इस देश या राज्यक्षेत्र के कर प्राधिकारी के पास 50[उस देश या राज्यक्षेत्र द्वारा] विनिर्दिष्ट नियत तारीख को या उसके पूर्व उक्त उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की कोर्इ रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है जहां ऐसा अस्तित्व निवासी है और निम्नलिखित शर्तों का समाधान हो गया है, अर्थात् :—

() उक्त देश या राज्यक्षेत्र में तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी अपेक्षित है;

() उक्त देश या राज्यक्षेत्र ने उक्त रिपोर्ट के आदान-प्रदान के लिए उपबंध करने वाला करार भारत के साथ किया है;

() विहित प्राधिकारी ने समूह के किसी ऐसे घटक, जो अस्तित्व भारत में निवासी है, को उक्त देश या राज्यक्षेत्र के संबंध में कोर्इ क्रमबद्ध असफलता सूचित की है;

() उक्त देश या राज्यक्षेत्र घटक अस्तित्व द्वारा लिखित में सूचित किया गया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समूह की ओर से अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व है; और

() विहित प्राधिकारी को उपधारा (1) के अनुसार उपधारा (4) में निर्दिष्ट 51[अस्तित्व] द्वारा सूचित कर दिया गया है।

(6) विहित प्राधिकारी, किसी रिपोर्ट करने वाले अस्तित्व द्वारा दी गर्इ रिपोर्ट के सही होने का अवधारण करने के प्रयोजनों के लिए लिखित में सूचना जारी करके ऐसी जानकारी और दस्तावेज, जो सूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, सूचना की प्राप्ति के तीस दिन के अंदर अस्तित्व से प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगा :

परंतु विहित प्राधिकारी ऐसे अस्तित्व द्वारा किए गए आवेदन पर, तीस दिन की अवधि का विस्तार तीस दिन से अनधिक की और अवधि तक कर सकेगा।

(7) इस धारा के उपबंध किसी लेखा वर्ष के अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में लागू नहीं होंगे यदि कुल समेकित समूह राजस्व जो ऐसे लेखा वर्ष के पूर्ववर्ती लेखा वर्ष के लिए समेकित वित्तीय विवरण में परिलक्षित हैं, ऐसी रकम, जो विहित की जाए, से अधिक नहीं है ।

(8) इस धारा के उपबंध ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार और ऐसी शर्तों के अधीन लागू होंगे, जो विहित की जाएं।

(9) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—

() "लेखा वर्ष" से निम्नलिखित अभिप्रेत है,—

(i) कोर्इ पूर्ववर्ष, उस मामले में जहां मूल अस्तित्व 51क[***] जो भारत में निवासी है; या

(ii) वार्षिक लेखा कालावधि जिसके संबंध में अंतरराष्ट्रीय समूह का मूल अस्तित्व तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या किसी अन्य मामले में उस देश या राज्यक्षेत्र के, जिसमें ऐसा अस्तित्व निवासी है, लागू लेखा मानकों के अधीन अपने वित्तीय विवरण तैयार करते हों;

52[() "करार" से निम्नलिखित सभी करारों का संयोजन अभिप्रेत है,—

(i) धारा 90 की उपधारा (1) या धारा 90क की उपधारा (1) के अधीन किया गया कोर्इ करार; और

(ii) उपधारा (2) में निर्दिष्ट रिपोर्ट के आदान-प्रदान के लिए और केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित कोर्इ करार;]

() "अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व" से अंतरराष्ट्रीय समूह का ऐसा कोर्इ घटक अस्तित्व अभिप्रेत है जिसे समूह द्वारा उस देश या राज्यक्षेत्र, जिसमें उक्त घटक अस्तित्व ऐसे समूह की ओर से निवासी है, उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मूल अस्तित्व के स्थान पर पदाभिहित किया गया है;

() "घटक अस्तित्व" से निम्नलिखित अभिप्रेत है,—

(i) किसी अंतरराष्ट्रीय समूह का ऐसा कोर्इ पृथक् अस्तित्व जो वित्तीय रिपोर्ट करने वाले प्रयोजनों के लिए उक्त समूह के समेकित वित्तीय विवरण में सम्मिलित किया है या उक्त प्रयोजन के लिए इस प्रकार सम्मिलित किया जा सकेगा, यदि अंतरराष्ट्रीय समूह के किसी अस्तित्व के अस्तित्व शेयर विनिमय स्टाक पर सूचीबद्ध किए जाने थे;

(ii) ऐसा कोर्इ अस्तित्व जिसे आकार या ताित्त्वकता के आधार पर एकमात्र रूप से अंतरराष्ट्रीय समूह के समेकित वित्तीय विवरण से अपवर्जित किया गया है; या

(iii) 53[उपखंड (i) या उपखंड (ii)] में सम्मिलित अंतरराष्ट्रीय समूह के किसी पृथक् कारबार अस्तित्व का कोर्इ स्थायी स्थापन, यदि ऐसी कारबार यूनिट वित्तीय रिपोर्ट करने, विनियामक, कर रिपोर्ट करने या आंतरिक प्रबंध नियंत्रण प्रयोजनों के लिए ऐसे स्थायी स्थापन के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करता है;

() "समूह" में ऐसा मूल अस्तित्व और ऐसे सभी अस्तित्व सम्मिलित हैं जिनके संबंध में, स्वामित्व या नियंत्रण के कारण से, वित्तीय रिपोर्ट करने संबंधी प्रयोजनों के लिए समेकित वित्तीय विवरण—

(i) उस देश या राज्यक्षेत्र, जिसका मूल अस्तित्व निवासी है, में तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या लेखांकन मानकों के अधीन तैयार करना अपेक्षित है; या

(ii) यदि किसी उद्यम के साधारण अंश किसी ऐसे देश या राज्यक्षेत्र में, जिसका मूल अस्तित्व निवासी है, स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हों, तैयार किया जाना अपेक्षित होगा;

() "समेकित वित्तीय विवरण" से ऐसे अंतरराष्ट्रीय समूह का वित्तीय विवरण अभिप्रेत है जिसमें मूल अस्तित्व और घटक अस्तित्व की आस्तियां, दायित्व, आय, खर्चे और नकद प्रवाह एकल आर्थिक अस्तित्व के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं;

() "अंतरराष्ट्रीय समूह" से कोर्इ समूह अभिप्रेत है और इसमें सम्मिलित हैं

(i) दो या अधिक उद्यम जो विभिन्न देशों या राज्यक्षेत्रें के निवासी हैं; या

(ii) कोर्इ उद्यम, जो एक देश या राज्यक्षेत्र का निवासी है, अन्य देशों या राज्यक्षेत्रें में किसी स्थायी स्थापन के माध्यम से कोर्इ कारबार चलाता है;

() "मूल अस्तित्व" से किसी अंतरराष्ट्रीय समूह का कोर्इ घटक अस्तित्व अभिप्रेत है जो अंतरराष्ट्रीय समूह के एक या अधिक अन्य घटक अस्तित्वों में कोर्इ हित, प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:, धारित करता है, जैसे कि,—

(i) उसके द्वारा उस देश या राज्यक्षेत्र, जिसका मूल अस्तित्व निवासी है, में तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या लेखांकन मानकों के अधीन समेकित वित्तीय विवरण तैयार करना अपेक्षित है; या

(ii) उसके द्वारा किसी उद्यम के साधारण अंश किसी ऐसे देश या राज्यक्षेत्र में, जिसका मूल अस्तित्व निवासी है, स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हों, समेकित वित्तीय विवरण तैयार किया जाना अपेक्षित होगा, और ऐसे समूह का कोर्इ घटक अस्तित्व नहीं है, जिससे पहले वर्णित घटक अस्तित्व में प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत:

किसी हित के स्वामित्व के कारण 54[उपखंड (i) या उपखंड (ii)] में निर्दिष्ट परिस्थितियों के अंतर्गत, जिसमें पहले उल्लिखित घटक अस्तित्व का पृथक् वित्तीय विवरण सम्मिलित है, समेकित वित्तीय विवरण तैयार करना अपेक्षित है;

() "स्थायी स्थापन" का वही अर्थ होगा जो उसे धारा 92च के खंड (iiiक) में दिया गया है;

() "रिपोर्ट किए जाने वाले लेखांकन वर्ष" से ऐसा लेखांकन वर्ष अभिप्रेत है जिसके संबंध में 55[उपधारा (2) और उपधारा (4)] में निर्दिष्ट रिपोर्ट में वित्तीय और प्रचलनात्मक परिणामों का दर्शित होना अपेक्षित है;

() "रिपोर्ट किए जाने वाले अस्तित्व" से घटक अस्तित्व अभिप्रेत है, जिसके अंतर्गत मूल अस्तित्व या अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व है जिसके द्वारा उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की कोर्इ रिपोर्ट प्रस्तुत करना अपेक्षित है;

() किसी देश या राज्यक्षेत्र के संबंध में "क्रमबद्ध असफलता" से ऐसा देश या राज्यक्षेत्र अभिप्रेत है जिसका भारत के साथ उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रकृति की रिपोर्ट के आदान-प्रदान करने वाला करार है, किंतु—

(i) उक्त करार के अतिक्रमण में, इसने स्वत: आदान-प्रदान निलंबित कर दिया है; या

(ii) भारत में निवासी किसी घटक अस्तित्व वाले किसी अंतरराष्ट्रीय समूह के संबंध में अपने कब्जे में कोर्इ रिपोर्ट भारत को स्वत: उपलब्ध कराने में लगातार असफल रहा है।

 

45. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "सुसंगत लेखांकन वर्ष की आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट नियत तारीख को या उसके पूर्व" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

46. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।

47. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।

48. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।

49. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से खंड () को खंड (कक) के रूप में पुन:अक्षंराकित किया गया।

50. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "उपधारा (2) में" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

51. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "अस्तित्वों" शब्द के स्थान पर प्रतिस्थापित।

51क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2017 से "या अनुकल्पी रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व" शब्दों का लोप किया गया।

52. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व खंड () निम्न प्रकार था:

'() "करार" से धारा 90 की उपधारा (1) या धारा 90क की उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार या कोर्इ ऐसा करार जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित किया जाए, अभिप्रेत है;'

53. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "खंड (i) या खंड (ii)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

54. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "खंड (i) या खंड (ii)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

55. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2017 से भूतलक्षी प्रभाव से "उपधारा (2)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

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