कुछ दशाओं में शास्ति अधिरोपित न किया जाना
कुछ दशाओं में शास्ति अधिरोपित न किया जाना
273ख. धारा 271 की उपधारा (1) का खंड (ख), धारा 271क, धारा 271कक, धारा 271ख, 271खक, धारा 271खख, धारा 271ग, धारा 271गक, धारा 271घ, धारा 271ड़, धारा 271च धारा 271चक, धारा 271चकख, धारा 271चख, धारा 271छ, धारा 271छक, धारा 271छख, धारा 271ज, धारा 271झ, 43क[धारा 271ञ], धारा 272क की उपधारा (1) के खंड (ग) या खंड (घ) या उपधारा (2), धारा 272कक की उपधारा (1) या धारा 272ख या धारा 272खख की उपधारा (1) या उपधारा (1क) या धारा 272खखख की उपधारा (1) या धारा 273 की उपधारा (1) के खंड (ख) या उपधारा (2) के खंड (ख) या खंड (ग) में की किसी बात के होते हुए भी, यथास्थिति, किसी व्यक्ति या निर्धारिती पर उक्त उपबंधों में उल्लिखित किसी असफलता के लिए कोर्इ शास्ति अधिरोपणीय नहीं होगी यदि वह यह साबित कर देता है कि उक्त असफलता के लिए उचित कारण था।
43क. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

