आय की विवरणी न देने के लिए शास्ति
13[आय की विवरणी न देने के लिए शास्ति
271च. यदि कोर्इ व्यक्ति, जिससे धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन या उस उपधारा के परंतुकों की अपेक्षानुसार अपनी आय की विवरणी देने की अपेक्षा की जाती है, सुसंगत निर्धारण वर्ष की समाप्ति से पूर्व ऐसी विवरणी देने में असफल रहता है तो निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में पांच हजार रुपए की राशि का संदाय करेगा।]
वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से धारा 271च में निम्न लिखित परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा।
परंतु इस धारा में अंतर्विष्ट कोर्इ बात 1 अप्रैल, 2018 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए दी जाने के लिए अपेक्षित आय की विवरणी को और उसके संबंध में लागू नहीं होगी।
13. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.6.2002 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, धारा 271च, जो वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1997 से अंत:स्थापित, वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से प्रतिस्थापित तथा बाद में वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.6.2001 से संशोधित की गर्इ थी, इस प्रकार थी :
''271च. आय की विवरणी न देने के लिए शास्ति–यदि कोर्इ व्यक्ति, जिससे धारा 139 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार अपनी आय की विवरणी देने की अपेक्षा की जाती है, सुसंगत निर्धारित वर्ष की समाप्ति से पूर्व ऐसी विवरणी प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो वह शास्ति के रूप में पांच हजार रुपए की राशि का संदाय करने का दायी होगा:
परन्तु कोर्इ व्यक्ति जिससे धारा 139 की उपधारा (1) के परन्तुक की आपेक्षानुसार अपनी आय की विवरणी देने की अपेक्षा की जाती है अंतिम तारीख को या उससे पूर्व नहीं दे पाता है, तो वह शास्ति के रूप में पांच हजार रुपये की राशि का संदाय करने का दायी होगा।"
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

