आयुक्त (अपील) की शक्तियां
आयुक्त (अपील) की शक्तियां
251. (1) अपील निपटाने में आयुक्त (अपील) को निम्नलिखित शक्तियां होंगी–
(क) निर्धारण आदेश के विरुद्ध अपील में, वह निर्धारण की पुष्टि कर सकेगा, उसे घटा सकेगा, बढ़ा सकेगा या रद्द कर सकेगा;
(कक) ऐसे निर्धारण आदेश के विरुद्ध, जिसकी बाबत धारा 245जक के अधीन समझौता आयोग के समक्ष की कार्यवाही की उपशमन समाप्त हो जाता है, किसी अपील में वह समझौता आयोग के समक्ष निर्धारिती द्वारा प्रस्तुत की गर्इ सभी सामग्री और अन्य जानकारी पर अथवा उसके समक्ष की कार्यवाही के दौरान उसके द्वारा की गर्इ किसी जांच या अभिलिखित साक्ष्य पर और ऐसी अन्य सामग्री पर, जो उसके अभिलेख पर लार्इ जाए, विचार करने के पश्चात् निर्धारण की पुष्टि, उसमें कमी, वृद्धि या उसे बातिल कर सकेगा;
(ख) ऐसी अपील में, जो शास्ति अधिरोपित करने संबंधी आदेश के विरुद्ध है, वह ऐसे आदेश की पुष्टि या उसको रद्द कर सकेगा अथवा शास्ति को बढ़ाने या घटाने के लिए उसमें फेरफार कर सकेगा;
(ग) किसी अन्य मामले में, वह अपील में ऐसे आदेश पारित कर सकेगा जैसे वह ठीक समझता है।
(2) आयुक्त (अपील) निर्धारण या शास्ति को तब तक नहीं बढ़ाएगा या रिफंड की रकम को तब तक कम नहीं करेगा जब तक अपीलाथ्र्ाी को ऐसी वृद्धि या कमी के विरुद्ध कारण बताने का युक्तियुक्त अवसर न मिल गया हो।
स्पष्टीकरण.–अपील का निपटारा करते समय आयुक्त (अपील), ऐसे किसी विषय पर जो ऐसी कार्यवाही से उद्भूत हुआ है, जिसमें वह आदेश, जिसके विरुद्ध अपील की गर्इ है, पारित किया गया था, इस बात के होते हुए भी कि ऐसा विषय आयुक्त (अपील) के समक्ष अपीलाथ्र्ाी द्वारा नहीं उठाया गया था।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

