आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 249

अपील का प्ररूप और परिसीमा

धारा

धारा संख्या

249

अध्याय शीर्षक

अध्याय XX - अपील और संशोधन

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2024 (सं.1)

अपील का प्ररूप और परिसीमा

अपील का प्ररूप और परिसीमा

अपील का प्ररूप और परिसीमा

249. (1) इस अध्याय के अधीन प्रत्येक अपील विहित प्ररूप में होगी और विहित रीति से सत्यापित की जाएगी और 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् आयुक्त (अपील) को की गई 1[या 1 अप्रैल, 2023 को या उसके पश्चात् संयुक्त आयुक्त (अपील) को की गई] अपील के मामले में, चाहे उससे संबंधित निर्धारण कार्यवाहियां चलाने की तारीख कुछ भी है, निम्नलिखित फीस साथ में दी जाएगी–

(i) जहां अपील से संबंधित मामले में निर्धारण अधिकारी द्वारा संगणित निर्धारिती की कुल आय एक लाख रुपए या उससे कम है, 250 रुपए;

(ii) जहां अपील से संबंधित मामले में पूर्वोक्त प्रकार से संगणित निर्धारिती की कुल आय एक लाख रुपए से अधिक किंतु दो लाख रुपए से कम है, 500 रुपए;

(iii) जहां अपील से संबंधित मामले में पूर्वोक्त प्रकार से संगणित निर्धारिती की कुल आय दो लाख रुपए से अधिक है, एक हजार रुपए;

(iv) जहां अपील की विषय-वस्तु खंड (i), (ii)या (iii) के अंतर्गत नहीं आती है; 250 रुपए।

(2) अपील निम्नलिखित तारीख से तीस दिन के भीतर प्रस्तुत की जाएगी, अर्थात्:–

() जहां अपील धारा 248 के अधीन की गई है, वहां कर के संदाय की तारीख, अथवा

() जहां अपील किसी निर्धारण या शास्ति के संबंध में है वहां उस निर्धारण या शास्ति से सम्बद्ध मांग की सूचना की तामील की तारीख :

परन्तु जहां धारा 146 के अधीन निर्धारण पर पुन:विचार करने के लिए कोई आवेदन किया गया है, वहां उस तारीख से जिसको आवेदन किया जाता है, उस तारीख तक की अवधि, जिसको उस आवेदन पर पारित आदेश की निर्धारिती पर तामील की जाती है, उसमें से अपवर्जित की जाएगी:

परंतु यह और कि जहां आवेदन धारा 270कक की उपधारा (1) के अधीन किया गया है वहां उस तारीख से, जिसको आवेदन किया जाता है, से आरंभ होकर, उस तारीखतक जिसको आवेदन नामंजूर किया जाने वाला आदेश निर्धारिती पर तामील किया जाता है, की अवधि अपवर्जित की जाएगी, या।

() किसी अन्य दशा में, वह तारीख, जिसको उस आदेश की संसूचना की तामील होती है, जिसके विरुद्ध अपील करना ईप्सित है।

(2क) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी, जहां 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् किन्तु 1 जून, 2000 से पूर्व धारा 201 के अधीन आदेश किया गया है और व्यतिक्रमी निर्धारिती ने उस उपधारा में बताए गए समय के भीतर कोई अपील प्रस्तुत नहीं की है वहां वह 1 जुलाई, 2000 से पूर्व ऐसी अपील प्रस्तुत कर सकता है।

(3) 2[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात् अपील ग्रहण कर सकेगा यदि उसका समाधान हो जाता है कि अपीलाथ्री के पास उस समय के भीतर उसे प्रस्तुत न करने का पर्याप्त कारण था।

(4) इस अध्याय के अधीन कोई अपील तब तक ग्रहण नहीं की जाएगी, जब तक कि अपील फाइल करने के समय–

() जहां निर्धारिती द्वारा विवरणी फाइल की गई है, निर्धारिती ने उसके द्वारा विवरणी में उल्लिखित आय पर देय कर न दे दिया हो; या

() जहां निर्धारिती द्वारा कोई विवरणी फाइल नहीं की गई है, निर्धारिती ने उसके द्वारा संदेय अग्रिम कर की रकम के बराबर रकम न दे दी हो :

परन्तु खंड () के अधीन आने वाले किसी मामले में और अपीलाथ्री द्वारा इस निमित् किए गए आवेदन पर, 2[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] मान्य और पर्याप्त कारण से, जो लेखबद्ध किया जाएगा, उस खंड के उपबंधों के प्रवर्तन से उसे छूट दे सकता है।


1. वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2023  से अंतस्थापित।

2. वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2023  से "आयुक्त (अपील)" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

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