अग्रिम कर के लिए मुजरा
अग्रिम कर के लिए मुजरा
219. इस अध्याय के अनुसरण में अग्रिम कर के रूप में निर्धारिती द्वारा भुगतान की गर्इ या उससे वसूल की गर्इ कोर्इ राशि, जो कि शास्ति या ब्याज से भिन्न है, उस कालावधि की आय की बाबत कर के भुगतान के रूप में समझी जाएगी जो उस वित्तीय वर्ष के ठीक आगामी निर्धारण वर्ष के निर्धारण के लिए पूर्ववर्ष होगा, जिसमें वह देय थी और नियमित निर्धारण में निर्धारिती को मुजरा कर दी जाएगी :
24[* * *]
24. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से परंतुक का लोप किया गया। मूल परन्तुक को वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा 1.4.1968 से अंत:स्थापित किया गया था।
[वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा संशोधित रूप में]

