2013 के अधिनियम सं0 17 का संशोधन
भाग 17
वित्त अधिनियम, 2013 का संशोधन
2013 के अधिनियम सं0 17 का संशोधन।
218. वित्त अधिनियम, 2013 में,-
(क) धारा 116 के खंड (7) में, ''वस्तु व्युत्पन्नियों'' शब्दों के पश्चात् ''या वस्तुओं के भावी सौदों में विकल्प'' शब्द 1 अप्रैल, 2018 से अंत:स्थापित किए जाएंगे;
(ख) धारा 117 और धारा 118 के स्थान पर निम्नलिखित धाराएं 1 अप्रैल, 2018 से रखी जाएंगी अर्थात्:-
117. वस्तु संव्यवहार कर का प्रभार–1 अप्रैल, 2018 से ही, नीचे दी गर्इ सारणी के स्तंभ (2) में विनिर्दिष्ट कराधेय वस्तु संव्यवहार के संबंध में, उक्त सारणी के स्तंभ (3) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट दर पर, ऐसे संव्यवहार के मूल्य पर वस्तु संव्यवहार कर प्रभारित किया जाएगा और ऐसा कर, यथास्थिति, क्रेता या विक्रेता द्वारा संदेय होगा, जैसा कि उक्त सारणी के स्तंभ (4) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट है:
सारणी
| क्रम सं | कराधेय वस्तु संव्यवहार | दर | द्वारा संदेय |
| (1) | (2) | (3) | (4) |
| 1. | वस्तु व्युत्पन्नी का विक्रय | 0.01 प्रतिशत | विक्रेता |
| 2. | वस्तु व्युत्पन्नी पर विकल्प का विक्रय | 0.05 प्रतिशत | विक्रेता |
| 3. | वस्तु व्युत्पन्नी पर विकल्प का विक्रय, जहां विकल्प का प्रयोग कर लिया गया है | 0.0001 प्रतिशत | क्रेता। |
118. कराधेय वस्तु संव्यवहार का मूल्य–धारा 117 में निर्दिष्ट कराधेय वस्तु संव्यवहार का मूल्य,-
(क) वस्तु व्युत्पन्नी से संबंधित कराधेय वस्तु संव्यवहार की दशा में, वह कीमत होगी, जिस पर वस्तु व्युत्पन्नी का व्यापार किया जाता है;
(ख) वस्तु व्युत्पन्नी पर विकल्प से संबंधित कराधेय वस्तु संव्यवहार की दशा में निम्नलिखित होगा,-
(i) धारा 117 की सारणी के क्रम सं0 2 में से संव्यवहार के संबंध में विकल्प प्रीमियम;
(ii) धारा 117 की सारणी के क्रम सं0 3 में के संव्यवहार के संबंध में परिनिर्धारण कीमत।
(ग) धारा 128 में, ''1961 की धारा'' अंकों और शब्दों के पश्चात् ''119 धारा'' अंक और शब्द 1 अप्रैल, 2018 से अंत:स्थापित किए जाएंगे।'।

