अग्रिम कर के भुगतान के लिए दायित्व
ग–कर का अग्रिम संदाय
34[अग्रिम कर का संदाय करने का दायित्व
207. किसी वित्तीय वर्ष के दौरान कर, निर्धारिती की ऐसी कुल आय के बारे में, जो उस वित्तीय वर्ष के ठीक बाद के निर्धारण वर्ष के लिए कर से प्रभार्य होगी, धारा 208 से 219 तक (जिसमें ये दोनों धाराएं भी सम्मिलित हैं) के अनुबंधों के अनुसार अग्रिम रूप से संदेय होगा। ऐसी आय को इस अध्याय में इसके पश्चात् "चालू आय" कहा गया है।]
34. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से प्रतिस्थापित। मूल धारा 207 का इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1972 द्वारा 1.4.1972 से संशोधन किया गया था।
[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

