आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 200क

स्रोत पर काटे गए कर के विवरण की प्रव्रिकृया

धारा

धारा संख्या

200क

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2015

स्रोत पर काटे गए कर के विवरण की प्रव्रिकृया

स्रोत पर काटे गए कर के विवरण की प्रव्रिकृया

62ख[स्रोत पर काटे गए कर के विवरण की प्रव्रिकृया

200क. (1) जहां स्रोत पर कर की कटौती का विवरण 62ग[या संशोधन विवरण] धारा 200 के अधीन किसी धनराशि की कटौती करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् कटौतीकर्ता कहा गया है) बनाया गया है, वहां ऐसे विवरण पर निम्नलिखित रीति में कार्रवार्इ की जाएगी, अर्थात् :-

()  इस अध्याय के अधीन कटौती योग्य धनराशियों की संगणना निम्नलिखित समायोजन करने के पश्चात् की जाएगी, अर्थात् :-

(i)  विवरण में कोर्इ अंकगणितीय भूल; या

(ii)  विवरण में किसी सूचना से प्रकट कोर्इ गलत दावा;

()  ब्याज की, यदि कोर्इ हो, संगणना विवरण में यथासंगणित कटौती योग्य धनराशियों के आधार पर की जाएगी;

62घ[()  फीस, यदि कोर्इ हो, की संगणना धारा 234ड़ के उपबंधों के अनुसार की जाएगी;

()  कटौतीकर्ता को संदेय राशि या उसको शोध्य प्रतिदाय की रकम का अवधारण खंड () और खंड () के अधीन संगणित रकम का धारा 200 या 201 या धारा 234ड़ के अधीन संदत्त किसी रकम और कर या ब्याज या फीस के रूप में अन्यथा संदत्त किसी रकम से समायोजन करने के पश्चात् किया जाएगा;

()  संसूचना, कटौतीकर्ता द्वारा खंड () के अधीन संदेय रूप में अवधारित राशि या उसे शोध्य प्रतिदाय की रकम को विनिर्दिष्ट करते हुए तैयार की जाएगी या बनार्इ जाएगी और उसे भेजी जाएगी; और

()  खंड () के अधीन अवधारण के अनुसरण में कटौतीकर्ता को शोध्य प्रतिदाय की रकम कटौतीकर्ता को मंजूर की जाएगी]

परंतु इस उपधारा के अधीन कोर्इ संसूचना उस वित्तीय वर्ष के, जिसमें विवरण फाइल किया जाता है, अंत से एक वर्ष की समाप्ति के पश्चात् नहीं भेजी जाएगी।

स्पष्टीकरण-इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, “विवरण में किसी सूचना से प्रकट गलत दावा” से किसी विवरण में, किसी प्रविष्टि के आधार पर-

(i)  ऐसी किसी मद का दावा अभिप्रेत है, जो ऐसे विवरण में उसी या किसी अन्य मद की किसी अन्य प्रविष्टि से असंगत है;

(ii)  स्रोत पर कर की कटौती की दर के संबंध में दावा अभिप्रेत है, जहां ऐसी दर इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार नहीं है।

(2) उपधारा (1) के अधीन विवरणों की प्रव्रिकृया के प्रयोजनों के लिए, बोर्ड उक्त उपधारा की अपेक्षा के अनुसार कटौतीकर्ता द्वारा संदेय कर या उसको शोध्य प्रतिदाय का शीघ्रता से अवधारण करने के लिए स्रोत पर काटे गए कर के विवरणों की केंद्रीयवृकृत प्रव्रिकृया के लिए एक स्कीम तैयार कर सकेगा।]

 

62ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा 1.10.2010 से अंत:स्थापित।

62ग. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.10.2014 से अंत:स्थापित।

62घ.  वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.6.2015 से खंड () से खंड () के स्थान पर खंड () से () प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व खंड () से खंड () इस प्रकार थे:

“()  कटौतीकर्ता द्वारा संदेय राशि या उसको शोध्य प्रतिदाय की रकम का अवधारण धारा 200 और धारा 201 के अधीन संदत्त किसी रकम के लिए खंड () के अधीन संगणित रकम और कर या ब्याज के रूप में अन्यथा संदत्त किसी रकम का समायोजन करने के पश्चात् किया जाएगा;

()  खंड () के अधीन कटौतीकर्ता द्वारा संदत्त किए जाने के लिए अवधारित धनराशि या उसे शोध्य प्रतिदाय की रकम विनिर्दिष्ट करते हुए एक संसूचना तैयार की जाएगी या बनार्इ जाएगी और कटौतीकर्ता को भेजी जाएगी; और

()  खंड () के अधीन किए गए अवधारण के अनुसरण में कटौतीकर्ता को शोध्य प्रतिदाय की रकम कटौतीकर्ता को दी जाएगी”

 

 

[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

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