कुछ दशाओं में कटौती का न किया जाना
कुछ दशाओं में कटौती का न किया जाना
197क. (1) धारा 194 या धारा 194ड़ड़ में किसी बात के होते हुए भी, भारत में निवासी किसी व्यष्टि की दशा में उक्त धाराओं में से किसी के भी अधीन कर की कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी, यदि ऐसा व्यष्टि, यथास्थिति, धारा 194 या धारा 194ड़ड़ में निर्दिष्ट प्रकृति की किसी आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को लिखित रूप में इस आशय की घोषणा दो-दो प्रतियों में विहित फार्म में और विहित रीति से सत्यापित करके देता है कि उसकी उस पूर्ववर्ष की, जिसमें ऐसी आय उसकी कुल आय की संगणना में सम्मिलित की जानी है, प्राक्कलित कुल आय पर कर शून्य होगा।
(1क) धारा 192क या धारा 193 या धारा 194क 2[या धारा 194घ] या धारा 194घक या धारा 194झ या धारा 194ट में किसी बात के होते हुए भी, किसी ऐसे व्यक्ति की दशा में (जो कंपनी या फर्म नहीं है) उक्त किसी भी धारा के अधीन कर की कटौती नहीं की जाएगी, यदि ऐसा व्यक्ति, यथास्थिति धारा 192क या धारा 193 या धारा 194क 2[या धारा 194घ] या धारा 194घक या धारा 194झ या धारा 194ट में निर्दिष्ट प्रकृति की आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को विहित फार्म में और विहित रीति से सत्यापित करके, लिखित रूप में इस आशय की घोषणा की दो प्रतियां देता है कि उस पूर्ववर्ष की, जिसमें ऐसी आय उसकी कुल आय की संगणना करने में सम्मिलित की जानी है, प्राक्कलित कुल आय पर कर शून्य होगा।
(1ख) इस धारा के उपबंध वहां लागू नहीं होंगे जहां, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (1क) में निर्दिष्ट प्रकृति की किसी आय की रकम या ऐसी आय राशियों का योग जो, उस पूर्ववर्ष के दौरान, जिसमें ऐसी आय सम्मिलित की जानी है, जमा की गर्इ है या संदाय की गर्इ है या जमा किए जाने या संदाय किए जाने की संभावना है, उस अधिकतम रकम से अधिक है, जो आय-कर से प्रभार्य नहीं है।
(1ग) धारा 192क या धारा 193 या धारा 194 या धारा 194क 2[या धारा 194घ] 2[या धारा 194घक] या धारा 194ड़ड़ या धारा 194झ या धारा 194ट या इस धारा की उपधारा (1ख) में किसी बात के होते हुए भी, भारत में निवासी किसी ऐसे व्यष्टि की दशा में कर की कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी, जो पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय साठ वर्ष या उससे अधिक की आयु का है , यदि ऐसा व्यष्टि, यथास्थिति, धारा 192क या धारा 193 या धारा 194 या धारा 194क 2[या धारा 194घ] या धारा 194घक या धारा 194ड़ड़ या धारा 194झ या धारा 194ट में निर्दिष्ट प्रकृति की किसी आय के संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को विहित प्ररूप में दो प्रतियों में लिखित रूप में और विहित रीति में सत्यापित इस आशय का एक घोषणापत्र प्रस्तुत कर देता है कि उस पूर्ववर्ष की, जिसमें ऐसी आय उसकी कुल आय की संगणना करने में सम्मिलित की जानी है, उसकी अनुमानित कुल आय पर, कर शून्य होगा।
(1घ) इस धारा में की किसी बात के होते हुए भी, किसी अपतट बैंककारी यूनिट द्वारा–
(क) किसी अनिवासी या ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो भारत में मामूली तौर पर निवासी नहीं हो, 1 अपै्रल, 2005 को या उसके पश्चात् किए गए निक्षेप पर; या
(ख) किसी अनिवासी या ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो भारत में मामूली तौर पर निवासी नहीं है, 1 अप्रैल, 2005 को या उसके पश्चात् लिए गए उधार पर,
संदत्त ब्याज से कर की कटौती नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "अपतट बैंककारी यूनिट" का वही अर्थ है, जो विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 की धारा 2 के खंड (प) में उसका है।
(1ड़) इस अध्याय में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, धारा 10 के खंड (44) में निर्दिष्ट नर्इ पेंशन प्रणाली न्यास के लिए या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को किए गए किसी संदाय से कर की कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।
2क[(1च) इस अध्याय में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग को, जिसके अंतर्गत संस्था, संगम या निकाय या संस्थाओं, संगमों या निकायों के वर्ग भी हैं, से ऐसे संदाय से कर की कटौती नहीं की जाएगी या ऐसी निम्नतर दर पर कर की कटौती की जाएगी, जो केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में इस निमित्त अधिसूचित किया जाए।]
(2) उपधारा (1) या उपधारा (1क) या उपधारा (1ग) में विनिर्दिष्ट प्रकृति की आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति उपधारा (1) या उपधारा (1क) या उपधारा (1ग) में निर्दिष्ट घोषणा की एक प्रति, उसे घोषणा दिए जाने के ठीक आगामी मास की सातवीं तारीख को या उसके पहले प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त को परिदत्त करेगा या कराएगा।
2. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.6.2017 से अंत:स्थापित।
2क. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपधारा (1च) निम्न प्रकार थी
"(1च) इस अध्याय में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी संस्था, संगम या निकाय या संस्थाओं, संगमों या निकायों के वर्ग को ऐसे विनिर्दिष्ट संदाय से कर की कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी, जो केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त राजपत्र में अधिसूचित किए जाएं।"
[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप में]

