विनिर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिक की दशा में कर की कटौती
1[विनिर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिक की दशा में कर की कटौती
194त. (1) अध्याय 17ख के उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किसी विनिर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिक की दशा में, विनिर्दिष्ट बैंक, अध्याय 6क के अधीन अनुज्ञेय कटौती और धारा 87क के अधीन अनुज्ञेय रिबेट को प्रभाव देने के पश्चात्, सुंसंगत निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे व्यक्ति की कुल आय की संगणना करेगा और प्रवृत्त दरों के आधार पर ऐसी कुल आप पर आय-कर की कटौती करेगा।
(2) धारा 139 के उपबंध, पूर्ववर्ती वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए, जिसमें उपधारा (1) के अधीन कर की कटौती की गई है, विनिर्दिष्ट वरिष्ट नागरिकों को लागू नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण— इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) "विनिर्दिष्ट बैंक" से ऐसी बैंककारी कंपनी अभिप्रेत है, जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अधिसूचित किया जाए;
(ख) "विनिर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिक" से भारत में निवासी ऐसा व्यष्टि अभिप्रेत हैं,—
(i) जो पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान किसी भी समय पचहत्तर वर्ष या उससे अधिक आयु का है ;
(ii) जो पेंशन की प्रकृति की आय है और ऐसे व्यष्टि द्वारा उसी विनिर्दिष्ट बैंक में, जिसमें वह अपनी पेंशन आय प्राप्त कर रहा है, रखे गए किसी खाते से प्राप्त या प्राप्य ब्याज की प्रकृति की आय के सिवाय, कोई अन्य आय नहीं है; और
(iii) जिसने विनिर्दिष्ट बैंक को, ऐसी विशिष्टियों को अंतर्विष्ट करने वाली, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में सत्यापित, जो विनिर्दिष्ट की जाए, कोई घोषणा प्रस्तुति की है।]
1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2021 से अंत:स्थापित ।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

