आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 194ढ.

नकद रूप में कतिपय रकमों का संदाय

धारा

धारा संख्या

194ढ.

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

नकद रूप में कतिपय रकमों का संदाय

नकद रूप में कतिपय रकमों का संदाय

1ख[नकद रूप में कतिपय रकमों का संदाय

194ढ. प्रत्येक व्यक्ति, जो,—

  (i)  ऐसी कोर्इ बैंककारी कंपनी है, जिसकों बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (जिसके अंतर्गत इस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट कोर्इ बैंक या बैंककारी संस्था भी है) लागू होता है;

 (ii)  ऐसी कोर्इ सहकारी समिति है, जो बैंककारी कारबार चलाने में लगी हुर्इ है; या

(iii)  कोर्इ ऐसा डाकघर है;

जो किसी व्यक्ति को (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् प्राप्तिकर्ता कहा गया है) ऐसी किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी या डाकखाने के पास प्राप्तिकर्ता द्वारा धरित एक या अधिक खाते से पूर्ववर्ष के दौरान एक करोड़ रुपए से अधिक, यथास्थिति, राशि या कुल राशि का नकद रूप से संदाय करने के लिए उत्तरदायी है, ऐसी राशि के संदाय के समय, ऐसी राशि को, जो एक करोड़ रुपए से अधिक है, के दो प्रतिशत के बराबर रकम का आय-कर के रूप में कटौती करेगा;

परन्तु ऐसे प्राप्तिकर्त्ता की दशा में, जिसने तीन पूर्ववर्ती वर्षों से सुसंगत सभी तीन निर्धारण वर्षा के लिए आय की विवरणियां फाइल नहीं की हैं, जिसके लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी फाइल करने की समय सीमा उस पूर्ववर्ष से ठीक पूर्व समाप्त हो गर्इ है, जिसमें राशि का संदाय उसको किया गया है, इस धारा का उपबंध ऐसे उपांतरण के साथ लागू होगा कि,—

  (i)  राशि, पूर्ववर्ष के दौरान नकद रूप में, यथास्थिति, रकम या रकमों का योग बीस लाख रुपए से अधिक होगी; और

 (ii)  कटौती निम्नानुसार होगी,—

 () जहां पूर्ववर्ष के दौरान नकद रूप में संदत्त, यथास्थिति रकम या रकमों का योग, बीस लाख रुपए से अधिक, किन्तु एक करोड़ रुपए से अनधिक है, वहां राशि के दो प्रतिशत के बराबर रकम होगी; या

() जहां पूर्ववर्ष के दौरान नकद रूप में संदत्त, यथास्थिति, रकम या रकमों का योग, एक करोड़ रुपए से अधिक है, वहां राशि के पांच प्रतिशत के बराबर रकम होगी:

परन्तु यह और कि केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा, भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से, उस प्राप्तिकर्ता को विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिसके मामले में, पहला परन्तुक लागू नहीं होगा या घटी हुर्इ दर पर लागू होगा, यदि ऐसा प्राप्तिकर्ता ऐसी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट शर्तों को पूरा करता है:

परन्तु यह भी कि इस धारा की कोर्इ बात निम्नलिखित को किए गए किसी संदाय को लागू नहीं होगी,—

  (i)  सरकार

 (ii)  बैंककारी या डाकखाने के कारबार को चलाने में लगी कोर्इ बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी;

(iii)  भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस संबंध में जारी मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार बैंककारी कारबार चलाने में लगी किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी का कोर्इ कारबार संवाददाता;

(iv)  संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 का 51) के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्राधिकार के अनुसार बैंककारी कारबार चलाने में लगी हुर्इ किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी का कोर्इ श्वेत लेबल स्वचालित टेलर मशीन प्रचालक:

परन्तु यह भी कि केन्द्रीय सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक से परामर्श करने के पश्चात् राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे प्राप्तिकर्ता को विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिसके मामले में इस धारा का उपबंध लागू नहीं होगाा या घटी हुर्इ दर पर लागू होगा, यदि ऐसा प्राप्तिकर्ता ऐसी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट शर्तों को पूरा करता है।'';

 

1ख. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.6.2020 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व धारा 194ढ़ निम्न प्रकार थी

"194ढ. नकद रूप में कतिपय रकमों का संदाय—प्रत्येक व्यक्ति जो,—

   (i) ऐसी कोर्इ बैंककारी कंपनी है, जिसको बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) (जिसके अंतर्गत इस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट कोर्इ बैंक या बैंककारी संस्था भी है) लागू होता है;

  (ii) ऐसी कोर्इ सहकारी समिति है, जो बैंककारी कारबार चलाने में लगी हुर्इ है; या

 (iii) कोर्इ ऐसा डाकघर है;

जो किसी व्यक्ति को (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् प्राप्तिकर्ता कहा गया है) ऐसी किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी या डाकखाने के पास प्राप्तिकर्ता द्वारा धारित एक या अधिक खातों से पूर्ववर्ष के दौरान एक करोड़ रुपए से अधिक, यथास्थिति, राशि या कुल राशि का नकद रूप में संदाय करने के लिए उत्तरदायी है, ऐसी राशि के संदाय के समय, ऐसी राशि जो एक करोड़ रुपए से अधिक है, के दो प्रतिशत के बराबर रकम की आय-कर के रूप में कटौती करेगा:

परंतु इस उपधारा के उपबंध निम्नलिखित को किसी संदाय के संबंध में लागू नहीं होंगे,—

   (i) सरकार;

  (ii) बैंककारी या डाकखाने के कारबार को चलाने में लगी कोर्इ बैंककारी कंपनी, सहकारी सोसाइटी;

 (iii) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस संबंध में जारी मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार बैंककारी कारबार चलाने में लगी किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी की ओर से कोर्इ कारबार संवाददाता;

 (iv) संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 का 51) के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्राधिकार के अनुसार बैंककारी कारबार चलाने में लगी हुर्इ किसी बैंककारी कंपनी या सहकारी सोसाइटी द्वारा किसी श्वेत लेबल स्वचालित टेलर मशीन;

  (v) ऐसे अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों का वर्ग, जो केंद्रीय सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक से परामर्श करने के पश्चात् राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे।"

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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