आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 179

प्राइवेट कंपनी के निदेशकों का दायित्व

धारा

धारा संख्या

179

अध्याय शीर्षक

अध्याय XV - विशेष मामले में देयता

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2023

प्राइवेट कंपनी के निदेशकों का दायित्व

प्राइवेट कंपनी के निदेशकों का दायित्व

ड–प्राइवेट कंपनियां

1[***] प्राइवेट कंपनी के निदेशकों का दायित्व

179. (1) कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) में उल्लिखित किसी बात के होते हुए भी जब किसी पूर्ववर्ष की आय के संबंध में किसी प्राइवेट कंपनी से या किसी ऐसे पूर्ववर्ष की आय के संबंध में किसी अन्य कंपनी से, जिसके दौरान ऐसी अन्य कंपनी प्राइवेट कंपनी थी, देय किसी कर की वसूली नहीं की जा सकती है, तब ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय उस प्राइवेट कंपनी का निदेशक था, ऐसे कर के संदाय के लिए संयुक्त रूप से और पृथक रूप से दायी होगा जब तक कि वह यह साबित नहीं कर देता कि ऐसी गैर-वसूली कंपनी के कार्यों के संबंध में उसकी ओर से हुई घोर उपेक्षा, अपाकरण या कर्तव्य भंग के फलस्वरूप हुई नहीं मानी जा सकती है।

(2) यदि किसी प्राइवेट कंपनी का पब्लिक कंपनी के रूप में संपरिवर्तन किया जाता है और किसी ऐसे पूर्ववर्ष की आय के संबंध में जिसके दौरान ऐसी कंपनी, प्राइवेट कंपनी थी, निर्धारित कर की वसूली नहीं की जा सकती तो उपधारा (1) की कोई बात ऐसे व्यक्ति को, जो ऐसी प्राइवेट कंपनी का निदेशक था, 1 अप्रैल, 1962 से पूर्व प्रारंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय ऐसी प्राइवेट कंपनी की किसी आय के संबंध में देय किसी कर के बारे में लागू नहीं होगी।

स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "देय कर" पद के अंतर्गत अधिनियम के अधीन संदेय शास्ति, ब्याज 2[, फीस] या कोई अन्य राशि भी है।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप में]

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