आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 174क

किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाए गए व्यक्तियों के संगम या व्यष्टियों के निकाय या कृत्रिम विधिक व्यक्ति का निर्धारण

धारा

धारा संख्या

174क

अध्याय शीर्षक

अध्याय XV - विशेष मामले में देयता

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2007

किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाए गए व्यक्तियों के संगम या व्यष्टियों के निकाय या कृत्रिम विधिक व्यक्ति का निर्धारण

किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाए गए व्यक्तियों के संगम या व्यष्टियों के निकाय या कृत्रिम विधिक व्यक्ति का निर्धारण

60[क - किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाया गया व्यक्तियों का संगम या व्यष्टियों का निकाय या कृत्रिम विधिक व्यक्ति

किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाए गए व्यक्तियों के संगम या व्यष्टियों के निकाय या कृत्रिम विधिक व्यक्ति का निर्धारण

174क. धारा 4 में की किसी बात के होते हुए भी, जहां निर्धारण अधिकारी को यह लगता है कि किसी विशिष्ट घटना या प्रयोजन के लिए बनाए गए या स्थापित या निगमित व्यक्तियों के किसी संगम के या व्यष्टियों के किसी निकाय के या किसी कृत्रिम विधिक व्यक्ति के, किसी ऐसे निर्धारण वर्ष में, जिसमें ऐसा व्यक्तियों का संगम या व्यष्टियों का कोर्इ निकाय या कोर्इ कृत्रिम विधिक व्यक्ति, बनाया गया, स्थापित या निगमित किया गया था, या ऐसे निर्धारण वर्ष के पश्चात्, विघटित होने की संभावना है, वहां उस निर्धारण वर्ष के लिए, पूर्ववर्ती वर्ष की समाप्ति से उसके विघटन की तारीख तक की अवधि के लिए, ऐसे व्यक्ति या निकाय या विधिक व्यक्ति की कुल आय, उस निर्धारण वर्ष में कर से प्रभार्य होगी और धारा 174 की उपधारा (2) से उपधारा (6) तक के उपबंध, जहां तक को सके, ऐसे व्यक्ति के मामले में किन्हीं कार्यवाहियों को वैसे ही लागू होंगे, जैसे वे भारत छोड़ने वाले व्यक्तियों की दशा में लागू होते हैं।]

 

60. उपशीर्षक ञक जिसके अंतर्गत धारा 174क है, वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2007 तथा कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित रूप में]

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