मौखिक न्यास की दशा में कर प्रभारित किया जाना
29[मौखिक न्यास की दशा में कर प्रभारित किया जाना
164क. जहां कोर्इ न्यासी मौखिक न्यास के अधीन किसी व्यक्ति की ओर से या उसके फायदे के लिए कोर्इ आय प्राप्त करता है या प्राप्त करने का हकदार है, वहां इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी आय पर कर का प्रभारण अधिकतम मार्जिन दर पर किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजन के लिए,–
(i) 30[* * *]
(ii) "मौखिक न्यास" का वही अर्थ है जो धारा 160 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में है।]
29. वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1981 से अंत:स्थापित।
30. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व, स्पष्टीकरण का खंड (i) निम्नलिखित रूप में था :
"(i) "अधिकतम मार्जिन दर" का वही अर्थ है जो धारा 164 की उपधारा (3) के नीचे के स्पष्टीकरण 2 में है;"
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

