सरकारी विभाग द्वारा उल्लंघन के लिए जुर्माना
[सरकारी विभाग द्वारा उल्लंघन के लिए दंड।
15ख (1) जहां इस अधिनियम के किसी प्रावधान का उल्लंघन केंद्र सरकार या राज्य सरकार के किसी विभाग द्वारा किया गया है, वहां विभागाध्यक्ष को उसके एक महीने के मूल वेतन के बराबर जुर्माना देना होगा:
बशर्ते कि वह ऐसे उल्लंघन के लिए उत्तरदायी नहीं होगा, यदि वह यह साबित कर देता है कि उल्लंघन उसकी जानकारी या अनुदेश के बिना किया गया था या उसने ऐसे उल्लंघन को रोकने के लिए सभी सम्यक तत्परता बरती थी।
(2) जहां उपधारा (1) के अधीन कोई उल्लंघन विभागाध्यक्ष के अलावा किसी अधिकारी की ओर से किसी उपेक्षा के कारण हुआ हो, वहां वह अधिकारी अपने मूल वेतन के एक माह के बराबर शास्ति का भागी होगा:
बशर्ते कि वह उल्लंघन के लिए उत्तरदायी नहीं होगा, यदि वह यह साबित कर देता है कि उसने ऐसे उल्लंघन से बचने के लिए सभी उचित तत्परता बरती थी I ]

