आधार संख्या का उत्कथित किया जाना
1क[आधार संख्या का उत्कथित किया जाना
139कक. (1) ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो आधार संख्या अभिप्राप्त करने के लिए पात्र है, 1 जुलार्इ, 2017 को या उसके पश्चात् निम्नलिखित में आधार संख्या उत्कथित करेगा–
(i) स्थायी लेखा संख्यांक के आबंटन के लिए आवेदन;
(ii) आय की विवरणी;
परंतु जहां किसी व्यक्ति के पास आधार संख्या नहीं है वहां नामांकन के समय उसे जारी किए आधार आवेदन की नामांकन पहचान संख्या, यथास्थिति, स्थायी लेखा संख्यांक के आवेदन या उसके द्वारा दी गर्इ विवरणी में उत्कथित की जाएगी।
(2) प्रत्येक व्यक्ति, जिसे 1 जुलार्इ, 2017 तक स्थायी लेखा संख्यांक आबंटित किया गया है और जो आधार संख्या अभिप्राप्त करने के लिए पात्र है, केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित तारीख को या उससे पहले, अपनी आधार संख्या ऐसे प्राधिकारी को, ऐसे प्रारूप और रीति में, जो विहित की जाएं, सूचित करेगा:
परंतु आधार संख्या को सूचित किए जाने में असफलता की दशा में व्यक्ति को आबंटित स्थायी लेखा संख्यांक को अविधिमान्य समझा जाएगा और इस अधिनियम के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे, मानो उस व्यक्ति को स्थायी लेखा संख्यांक आबंटित नहीें किया गया था।
(3) इस धारा के उपबंध ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग या वर्गों को या किसी राज्य या राज्य के किसी भाग को लागू नहीं होंगे, जो केन्द्रीय सरकार राजपत्र में इस निमित्त अधिसूचित करें।
स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
'(i) "आधार संख्या", "नामांकन" और "निवासी" पदों का वही अर्थ होगा, जो आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लिक्ष्यत परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) की धारा 2 के खंड (क), खंड (ड) और खंड (फ) में क्रमश: उनका है;
(ii) "नामांकन पहचान संख्या" से नामांकन के समय किसी निवासी को जारी की गर्इ 28 अंकों की नामांकन पहचान संख्या अभिप्रेत है।]
1क. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

