प्रारंभ और 1952 के अधिनियम संख्यांक 74 का संशोधन
अध्याय 8
प्रकीर्ण
भाग 1
अग्रिम संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1952 का संशोधन
प्रारंभ और 1952 के अधिनियम संख्यांक 74 का संशोधन
131. (अ) इस भाग के उपबंध ऐसी तारीख को प्रवृत्त होंगे जो केंद्रीय सरकार अधिसूचना द्वारा नियत करे और इस भाग के भिन्न-भिन्न उपबंधों के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी।
नर्इ धारा 28क का अंत:स्थापन।
(आ) अग्रिम संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1952 (1952 का 74) (जिसे इसमें इसके पश्चात् अग्रिम संविदा अधिनियम कहा गया है) की धारा 28 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंत:स्थापित की जाएगी, अर्थात्:-
"28क. मान्यताप्राप्त संगमों की व्यावृत्ति—(1) अग्रिम संविदा विनियमन अधिनियम के अधीन मान्यताप्राप्त सभी संगमों, प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) (इसमें प्रतिभूति संविदा अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट) के अधीन मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज समझे जाएंगे।
परंतु ऐसा मानित मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज तब तक जब तक उक्त मानित मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज को भारतीय प्रतिभूति और विनियमन बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट रूप से अनुज्ञात न किया जाए, वस्तु व्युत्पन्नियों के क्रय, विक्रय या व्यौहार के कारबार में सहायता प्रदान करने, उसे विनियमित करने या नियंत्रित करने के क्रियाकलापों से भिन्न कोर्इ क्रियाकलाप नहीं करेंगे:
परंतु यह और कि वस्तु व्युत्पन्नियों को, वस्तु व्युत्पन्नियों के दलाल के रूप में या ऐसे अन्य मध्यवर्ती के रूप में, क्रय करने या उनका विक्रय करने या अन्यथा व्यौहार करने वाला ऐसा व्यक्ति, जिसे वस्तु व्युत्पन्नी बाजार के साथ, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड को अधिकारों और आस्तियों का अंतरण करने और उनको उसमें निहित करने के, जिसके लिए ऐसे अंतरण पूर्व कोर्इ रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र आवश्यक नहीं था, ठीक पूर्व ऐसे अंतरण से तीन मास की अवधि के लिए या यदि उसने तीन मास की उक्त अवधि के भीतर ऐसे रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन कर दिया है तो ऐसे आवेदन का निपटारा होने पर ऐसा करना जारी रख सकेगा।
(2) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (इसमें प्रतिभूति बोर्ड के रूप में निर्दिष्ट) ऐसे समझे गए एक्सचेंजों को प्रतिभूति संविदा अधिनियम और उक्त अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियमों, नियमों, मार्गदर्शक सिद्धांतों या वैसी ही लिखतों का अनुपालन करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कर सकेगा।
(3) अग्रिम संविदा अधिनियम के अधीन मान्यताप्राप्त संगम द्वारा बनार्इ गर्इ उपविधियां, परिपत्र और वैसी ही कोर्इ लिखत, उस तारीख से, जिसको वह अधिनियम निरसित हुआ है, एक वर्ष की अवधि या प्रतिभूति बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित समय, जो भी पूर्वतर हो, के लिए लागू बने रहेंगे मानो अग्रिम संविदा अधिनियम निरसित ही नहीं किया गया हो।
(4) अग्रिम संविदा अधिनियम के अधीन मान्यताप्राप्त संगमों को लागू आयोग या केंद्रीय सरकार द्वारा बनाए गए सभी नियम, निदेश, मार्गदर्शक स़िद्धांत, अनुदेश परिपत्र या वैसी ही अन्य लिखत उस तारीख से, जिसको वह अधिनियम निरसित हुआ है, एक वर्ष की अवधि या बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित समय, जो भी पूर्वतर हो, के लिए इस प्रकार प्रवृत्त बने रहेंगे मानो अग्रिम संविदा अधिनियम निरसित ही नहीं हुआ हो।
(5) अग्रिम संविदा अधिनियम के अधीन शक्तियों के अतिरिक्त, प्रतिभूति बोर्ड और केंद्रीय सरकार, ऐसे समझे गए एक्सचेंजों पर मान्यताप्राप्त संगमों के संबंध में क्रमश: आयोग और केंद्रीय सरकार की सभी शक्तियों का प्रयोग एक वर्ष की अवधि के लिए इस प्रकार करेगा, मानो अग्रिम संविदा अधिनियम निरसित ही नहीं किया गया हो।"।

