आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 13

धारा 56 के संशोधन

धारा

धारा संख्या

13

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2004

धारा 56 के संशोधन

धारा 56 के संशोधन

धारा 56 का संशोधन

13. आय-कर अधिनियम की धारा 56 की उपधारा (2) में, खंड (iv) के पश्चात्, अंत में, निम्नलिखित खंड, 1 अप्रैल, 2005 से, अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-

'(v) जहां किसी व्यष्टि या किसी हिन्दू अविभक्त कुटुम्ब द्वारा 1 सितम्बर, 2004 को या उसके पश्चात् किसी व्यक्ति से पच्चीस हजार रुपए से अधिक की धनराशि बिना प्रतिफल के प्राप्त की जाती है, वहां ऐसी समस्त राशि :

परन्तु यह कि यह खंड किसी ऐसी राशि के संबंध में लागू नहीं होगा जो -

() किसी नातेदार से ; या

() व्यष्टि के विवाह के अवसर पर ; या

() किसी वसीयत के अधीन या विरासत के रूप में ; या

() दाता की मृत्यु को आसन्न मानकर,

प्राप्त की जाती है ।

स्पष्टीकरण-इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए "नातेदार" से अभिप्रेत है,-

(i) व्यष्टि का पति/की पत्नी ;

(ii) व्यष्टि का भाई या बहन ;

(iii) व्यष्टि के पति/की पत्नी का भाई या बहन ;

(iv) व्यष्टि के माता पिता में से किसी का भाई या बहन ;

(v) व्यष्टि का कोई पारंपरिक पूर्वपुरुष या वंशज ;

(vi) व्यष्टि के पति/की पत्नी का कोई पारंपरिक पूर्वपुरुष या वंशज ;

(vii) खंड (ii) से खंड (vi) में निर्दिष्ट व्यक्ति का पति/की पत्नी ;'।

 

 

[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2004]

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