टनभार आय की संगणना
टनभार आय की संगणना
115फछ. (1) किसी टनभार कर कंपनी की पूर्ववर्ष के लिए टनभार आय प्रत्येक अर्हक पोत की ऐसी कुल टनभार आय होगी जो उपधारा (2) और उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसार संगणित की गर्इ हो।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, प्रत्येक अर्हक पोत की टनभार आय ऐसे प्रत्येक पोत की दैनिक टनभर आय होगी, जिसे यथास्थिति –
(क) पूर्ववर्ष में के दिनों की संख्या से; या
(ख) यदि कंपनी द्वारा पोत को पूर्ववर्ष के केवल एक भाग के लिए अर्हक पोत के रूप में प्रचालित किया जाता है तो पूर्ववर्ष के उस भाग के दिनों की संख्या, से गुणा किया जाएगा।
(3) उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए, नीचे सारणी के स्तंभ (1) में निर्दिष्ट टनभार वाले किसी अर्हक पोत की दैनिक टनभार आय, उसके तत्स्थानी स्तंभ (2) में की प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट रकम होगी :
सारणी
| शुद्ध टनभार वाला अर्हक पोत | दैनिक टनभार आय की रकम |
| (1) | (2) |
| 1,000 टनभार तक | प्रति सौ टन के लिए 46 रु. |
| 1,000 से अधिक किन्तु 10,000 से अनधिक टनभार | 460 रु. + 1000 टन से अधिक प्रति 100 टन के लिए 35 रु. |
| 10,000 से अधिक किन्तु 25,000 से अनधिक टनभार | 3,610 रु. + 10,000 टन से अधिक प्रति टन के लिए 28 रु. |
| 25,000 से अधिक टनभार | 7,810 रु. + 25,000 टन से अधिक प्रति 100 टन के लिए 19 रु. |
(4) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, टनभार से धारा 115फभ में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र में उपदर्शित किसी पोत का टनभार अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत विहित रीति में संगणित समझा गया टनभार भी है।
स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "समझा गया टनभार" स्लाटों के क्रय, स्लाट चार्टर के व्यवस्थापन तथा जलयान से माल निकालने में से हिस्सा बांटने के व्यवस्थापन के संबंध में टनभार होगा।78
(5) टनभार को सौ टन के निकटतम गुणज तक पूर्णांकित किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए किलोग्राम वाले किसी टनभार को हिसाब में नहीं लिया जाएगा और तत्पश्चात् यदि ऐसा टनभार सौ का गुणज नहीं है तब, यदि उस मात्रा में अंतिम अंक पचास टन या अधिक है, तो टनभार को ठीक अगले उच्चतर टनभार तक जो कि सौ का गुणज है, बढ़ा दिया जाएगा, और यदि अंतिम अंक पचास टन से कम है तो टनभार को ठीक नीचे के टनभार तक, जो कि सौ का गुणज है, कम कर दिया जाएगा; तथा इस प्रकार पूर्णांकित टनभार इस धारा के प्रयोजनों के लिए पोत का टनभार होगा।
(6) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में की किसी बात के होते हुए भी, इस अध्याय के अधीन टनभार आय की संगणना करने में कोर्इ कटौती या मुजरा अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।
78. नियम 11थ देखिए।
[वित्त अधिनियम, 2007 तथा कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित रूप में]

