आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115पक

यूनिट धारक और कारबार न्यास की आय पर कर

धारा

धारा संख्या

115पक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIIचक - कारबार न्यास से संबंधित विशेष उपबंध

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2015

यूनिट धारक और कारबार न्यास की आय पर कर

यूनिट धारक और कारबार न्यास की आय पर कर

75चक[अध्याय 12चक

कारबार न्यास से संबंधित विशेष उपबंध

यूनिट धारक और कारबार न्यास की आय पर कर

115पक. (1) इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, कारबार न्यास द्वारा अपने यूनिट धारकों को वितरित किसी आय को उसी प्रकृति की और यूनिट धारक के पास की उसी अनुपात में की आय समझी जाएगी मानो वह कारबार न्यास द्वारा प्राप्त की गर्इ हो या उसे उपगत हुर्इ हो।

(2) धारा 111क और धारा 112 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी कारबार न्यास की कुल आय पर कर अधिकतम सीमांत दर से प्रभारित किया जाएगा।

(3) यदि किसी पूर्ववर्ष में, किसी यूनिट धारक द्वारा कारबार न्यास से प्राप्त वितरित आय या उसका कोर्इ भाग, धारा 10 के खंड (23चग) 75चख[या खंड (23चगक)] में यथानिर्दिष्ट प्रकृति का है, तो वितरित आय या उसके भाग को उस यूनिट धारक की आय समझा जाएगा और उस पर पूर्ववर्ष की आय के रूप में कर प्रभारित किया जाएगा।

(4) किसी कारबार न्यास की ओर से किसी यूनिट धारक को वितरित आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी कोर्इ व्यक्ति, यूनिट धारक और विहित प्राधिकारी को ऐसे समय के भीतर और ऐसे प्ररूप तथा रीति से, जो विहित किए जाएं, उसमें पूर्ववर्ष के दौरान संदत्त आय की प्रकृति के ब्यौरे और ऐसे अन्य ब्यौरे, जो विहित किए जाएं, देते हुए, एक विवरण प्रस्तुत करेगा।]

 

75चख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2016  के अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

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