कुछ मामलों में आय पर कर
74[अध्याय 12च
जोखिम पूंजी कंपनी और जोखिम पूंजी निधि से प्राप्त आय पर कर से संबंधित विशेष उपबंध
कुछ मामलों में आय पर कर
115प. (1) इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी किसी व्यक्ति द्वारा किसी जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि में किए गए विनिधानों से प्राप्त कोर्इ आय उसी रीति में आय-कर से प्रभार्य होगी मानो वह ऐसे व्यक्ति द्वारा प्राप्त ऐसी आय होती, यदि उसने जोखिम पूंजी उपक्रम में सीधे विनिधान किया होता।
(2) किसी जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि की ओर से आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति और जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि, ऐसे समय के भीतर जो विहित किया जाए, ऐसी आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति को और विहित आय-कर प्राधिकारी75 को, विहित फार्म75 में और विहित रीति में सत्यापित एक कथन प्रस्तुत करेगा, जिसमें पूर्ववर्ष के दौरान संदत्त आय की प्रकृति के ब्यौरे और ऐसे अन्य सुसंगत ब्यौरे दिए जाएंगे, जो विहित किए जाएं।
(3) जोखिम पूंजी कंपनी और जोखिम पूंजी निधि द्वारा संदत्त आय ऐसी आय को प्राप्त करने वाले व्यक्ति के पास उसी प्रकृति की और उसी अनुपात में समझी जाएगी मानो वह पूर्ववर्ष के दौरान, यथास्थिति, जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि द्वारा प्राप्त की गर्इ हो या उसे प्रोद्भूत हुर्इ हो।
(4) अध्याय 12घ या अध्याय 12ड़ या अध्याय 17ख के उपबंध इस अध्याय के अधीन जोखिम पूंजी कंपनी या जोखिम पूंजी निधि द्वारा संदत्त आय को लागू नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण.–इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए "जोखिम पूंजी कंपनी", "जोखिम पूंजी निधि" और "जोखिम पूंजी उपक्रम" के वही अर्थ होंगे, जो धारा 10 के खंड (23चख) में क्रमश: उनके हैं।]
[वित्त अधिनियम, 2007 तथा कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित रूप में]

