न्यास या संस्था द्वारा कर के असंदाय के लिए संदेय ब्याज
1[विनिर्दिष्ट व्यक्ति] द्वारा कर के असंदाय के लिए संदेय ब्याज
115नड़. जहां प्रधान अधिकारी या 1[विनिर्दिष्ट व्यक्ति] और 1[विनिर्दिष्ट व्यक्ति], धारा 115नघ की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अनुवर्धित आय पर संपूर्ण कर या उसके किसी भाग को, उस धारा की उपधारा (5) के अधीन अनुज्ञात समय के भीतर संदत्त करने में असफल रहता या रहती है, वहां वह अंतिम तारीख के, जिसको ऐसा कर संदेय था, ठीक पश्चात् की तारीख को आरंभ होने वाली और उस तारीख को, जिसको कर वस्तुत: संदत्त किया गया था, समाप्त होने वाली अवधि के लिए ऐसे कर की रकम पर प्रत्येक मास या उसके भाग के लिए एक प्रतिशत की दर पर साधारण ब्याज का संदाय करने के लिए वास्तविक रूप से दायी होगा या होगी ।
2[स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "विनिर्दिष्ट व्यक्ति" का वही अर्थ होगा, जो उसका धारा 115नघ के खंड (iiक) में है। ]
[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

