अनुकल्पी न्यूनतम कर के लिए कर प्रत्यय
अनुकल्पी न्यूनतम कर के लिए कर प्रत्यय
115ञघ. (1) धारा 115ञग के अधीन 45घ[किसी सीमित दायित्व भागीदारी द्वारा] संदत्त कर प्रत्यय उसको इस धारा के उपबंधों के अनुसार अनुज्ञात किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात किया जाने वाला किसी निर्धारण वर्ष का कर प्रत्यय उस वर्ष के लिए संदेय नियमित आय-कर पर संदत्त अनुकल्पी न्यूनतम कर का आधिक्य होगा।
(3) उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात कर प्रत्यय पर कोर्इ ब्याज संदेय नहीं होगा।
(4) उपधारा (2) के अधीन अवधारित कर प्रत्यय की रकम को उपधारा (5) और उपधारा (6) के उपबंधों के अनुसार अग्रनीत और मुजरा किया जाएगा, किंतु ऐसा अग्रनयन उस निर्धारण वर्ष के, जिसके लिए कर प्रत्यय उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञेय हो जाता है, ठीक उत्तरवर्ती दसवें निर्धारण वर्ष से परे अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।
(5) किसी ऐसे निर्धारण वर्ष में, जिसमें नियमित आय-कर अनुकल्पी न्यूनतम कर से अधिक हो जाता है, कर प्रत्यय को अनुकल्पी न्यूनतम कर पर नियमित आय-कर के आधिक्य की सीमा तक मुजरा किया जाना अनुज्ञात किया जाएगा और कर प्रत्यय के अतिशेष को, यदि कोर्इ हो, अग्रनीत किया जाएगा।
(6) यदि इस अधिनियम के अधीन पारित किसी आदेश के परिणामस्वरूप, किसी नियमित आय-कर या अनुकल्पी न्यूनतम कर की रकम घटार्इ या बढ़ार्इ जाती है, तो इस धारा के अधीन अनुज्ञात कर प्रत्यय की रकम को भी तदनुसार परिवर्तित किया जाएगा।
45घ. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से "किसी सीमित दायित्व भागीदारी द्वारा" शब्दों के स्थान पर "किसी व्यक्ति द्वारा" शब्द रखे जाएंगे।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

