कंपनी से भिन्न कतिपय व्यक्तियों द्वारा कर के संदाय के लिए विशेष उपबंध
45ख[अध्याय 12खक
45ग[कंपनी से भिन्न कतिपय व्यक्तियों] के संबंध में विशेष उपबंध
45गग[कंपनी से भिन्न कतिपय व्यक्तियों द्वारा कर के संदाय के लिए विशेष उपबंध
115ञग. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां कंपनी से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा किसी पूर्ववर्ष के लिए संदेय नियमित आय-कर, उस पूर्ववर्ष के लिए संदेय अनुकल्पी न्यूनतम कर से कम है, वहां समायोजित कुल आय को उस पूर्ववर्ष के लिए उस व्यक्ति की कुल आय समझा जाएगा और वह ऐसी कुल आय पर साढ़े अठारह प्रतिशत की दर से आय-कर का संदाय करने के लिए दायी होगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट समायोजित कुल आय, इस अध्याय को प्रभावी रूप देने के पूर्व,–
(i) "ग.–कतिपय आय की बाबत कटौतियां" शीर्ष के अधीन अध्याय 6क में सम्मिलित किसी धारा के अधीन (धारा 80त से भिन्न) दावा की गर्इ कटौतियों से, यदि कोर्इ हों; और
(ii) धारा 10कक के अधीन दावा की गर्इ कटौतियों से, यदि कोर्इ हों,
बढ़ाकर आय कुल आय होगी।
(3) प्रत्येक ऐसा व्यक्ति, जिसको यह धारा लागू होती है, किसी लेखाकार से यह प्रमाणित करते हुए कि समायोजित कुल आय और अनुकल्पी न्यूनतम कर की संगणना इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार की गर्इ है, एक रिपोर्ट ऐसे प्ररूप में, जो विहित किया जाए, अभिप्राप्त करेगा और धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तारीख को या उससे पूर्व ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।]
45ख. वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से अध्याय 12खक, जिसमें धारा 115 ञ ग से 115 ञ च है अंत:स्थापित।
45ग. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से "कतिपय सीमित दायित्व भागीदारियों" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
45गग. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व धारा 115 ञ ग इस प्रकार थी :

