धारा 68 या धारा 69 या धारा 69क या धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट आय पर कर
वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से धारा 115खखघ के पश्चात् निम्नलिखित धारा 115खखड़ अंत:स्थापित की जाएगी :
धारा 68 या धारा 69 या धारा 69क या धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट आय पर कर
115खखड़. (1) जहां किसी निर्धारिती की कुल आय में धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट कोर्इ आय सम्मिलित है, वहां संदेय आय-कर,–
(क) धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में निर्दिष्ट आय पर तीस प्रतिशत की दर पर परिकलित आय-कर की रकम; और
(ख) आय-कर की ऐसी रकम, जिसके लिए निर्धारिती उस दशा में प्रभार्य होता, यदि उसकी कुल आय में से खंड (क) में निर्दिष्ट आय की रकम घटा दी जाती,
का योग होगा।
(2) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, निर्धारिती को किसी व्यय या मोक के संबंध में उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट उसकी आय की संगणना करने में इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

