आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 115खकक

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

धारा

धारा संख्या

115खकक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XII - कुछ विशेष मामलों में कर का निर्धारण

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

13क[कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

115खकक. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किंतु इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, धारा 115खक और धारा 115खकख के अधीन वर्णित से भिन्न, किसी व्यक्ति, जो देशी कंपनी है, की कुल आय के संबंध में 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्व वर्ष के लिए संदेय आय-कर की, संगणना ऐसे व्यक्ति के विकल्प पर बाईस प्रतिशत की दर से की जाएगी, यदि उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तों को पूरा किया जाता है :

परंतु जहां कोई व्यक्ति किसी पूर्व वर्ष में उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्त को पूरा करने में असफल रहता है, उस पूर्व वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष और पश्चातवर्ती निर्धारण वर्षों के संबंध में विकल्प अविधिमान्य हो जाएगा और अधिनियम के अन्य उपबंध ऐसे लागू होंगे मानो पूर्व वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष और पश्चातवर्ती निर्धारण वर्षों के संबंध में विकल्प का उपयोग नहीं किया गया था।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, कंपनी की कुल आय की संगणना,—

  (i) धारा 10कक या धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (iiक) या धारा धारा 32कघ या धारा धारा 33कख या धारा 33कखक या धारा 35 की उपधारा (1) के उपखंड (ii) या उपखंड (iiक) या उपखंड (iii) या उपधारा (2कक) या उपधारा (2कख) या धारा 35कघ या धारा 35गगग या धारा 35गगघ के उपबंधों के अधीन या धारा 13कक[धारा 80ञञकक या 80ड के उपबंधो से निम्न अध्याय 6क उपबंधों के अधीन] बिना किसी कटौती के की जाएगी ;

 (ii) किसी पूर्वतर निर्धारण वर्ष से अग्रनीत किसी हानि या अवक्षयण का मुजरा किए बिना की जाएगी, यदि ऐसी हानि या अवक्षयण उपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी कटौती के कारण हुई मानी जा सकती है ;

(iii) किसी हानि का मुजरा या धारा 72क के अधीन किसी शेष अवक्षयण का मोक किए बिना की जाएगी, यदि ऐसी हानि या अवक्षयण खंड(i) में निर्दिष्ट किसी कटौती के कारण हुई मानी जा सकती है ; और

(iv) उक्त धारा की उपधारा (1) के खंड (iiक) से भिन्न धारा 32 के अधीन किसी अवक्षयण का दावा करके की जाएगी, यदि कोई हो, जिसका अवधारण ऐसी रीति में किया गया हो, जो विहित की जाए।

(3) उपधारा (2) के खंड (ii) और खंड (iii) में निर्दिष्ट हानि और अवक्षयण के लिए यह समझा जाएगा कि उसे पूर्ण रूप से प्रभावी किया गया है और ऐसी हानि या अवक्षयण के लिए किसी पश्चातवर्ती वर्ष में कोई और कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी :

परंतु जहां किसी आस्ति के खंड के संबंध में कोई अवक्षयण मोक है, जिसे 1 अप्रैल, 2020 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से पूर्व पूर्णतया प्रभावी नहीं किया गया है, 1 अप्रैल, 2019 का विहित रीति में ऐसे आस्ति खंड अवलिखित मूल्य में तत्स्थानी समायोजन ऐसे किया जाएगा, मानो उपधारा (5) के अधीन विकल्प का उपयोग 1 अप्रैल, 2020 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्व वर्ष के लिए किया गया है।

(4) किसी व्यक्ति की दशा में, जिसकी धारा 80ठक की उपधारा (1क) में यथानिर्दिष्ट अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में कोई इकाई है, जिसने उपधारा (5) के अधीन विकल्प का उपयोग किया है, उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तों को उस परिणाम तक उपांतरित किया जाएगा कि धारा 80ठक के अधीन कटौतियां ऐसी इकाई को उक्त धारा में अंतर्विष्ट शर्तों को पूरा करने के अधीन रहते हुए उपलब्ध होंगे।

स्पष्टीकरण-इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए "इकाई" पद का वही अर्थ होगा, जो उसका विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 (2005 का 28) की धारा 2 के खंड (यग) में है।

(5) इस धारा में अंतर्विष्ट कोई भी बात लागू नहीं होगी सिवाय तब जब व्यक्ति द्वारा विहित रीति में 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले सुसंगत निर्धारण वर्ष से किसी पूर्व वर्ष में आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट सम्यक् तारीख को या उससे पूर्व विकल्प का उपयोग नहीं कर लिया जाता है और ऐसा विकल्प एकबार उपयोग कर लिए जाने पर पश्चातवर्ती निर्धारण वर्षों के लिए लागू होगा :

परंतु किसी व्यक्ति की दशा में, जहां उसके द्वारा धारा 115खकख के अधीन उपयोग किया गया विकल्प उक्त धारा की उपधारा (2) के खंड (क) के उपखंड (ii) या उपखंड (iii) या उक्त धारा की उपधारा (2) के खंड (ख) की शर्तों के उल्लंघन के कारण अविधिमान्य ठहराया गया है, ऐसा व्यक्ति इस धारा के अधीन विकल्प का उपयोग कर सकेगा :

परंतु यह और कि एक बार किसी पूर्व वर्ष के लिए विकल्प का उपयोग कर लिया जाता है तो उसका उस या किसी अन्य पूर्व वर्ष के लिए पश्चातवर्ती रूप से वापस नहीं लिया जा सकता है।]

 

13क. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित।

13कक. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1-4-2021 से "धारा 80ञञकक के उपबंधों से भिन्न शीर्ष "ग-कतिपय आय के संबंध में कटौतियां" के अधीन अध्याय 6क के उपबंधों के अधीन" के शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट