कतिपय मामलों में अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों पर कर
11[कतिपय मामलों में अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों पर कर
111क. (1) जहां किसी निर्धारिती की कुल आय में, ऐसी किसी अल्पकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से होने वाली कोर्इ ऐसी आय भी है, जो "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य है और जो किसी कंपनी में साधारण शेयर या किसी साधारण शेयरोन्मुख निधि की यूनिट 11क[या किसी कारबार न्यास की यूनिट] है और-
(क) ऐसे साधारण शेयर या यूनिट के विक्रय का संव्यवहार उस तारीख को या उसके पश्चात्, जिसको वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2004 का अध्याय 7 प्रवृत्त होता है, किया गया है; और
(ख) ऐसा संव्यवहार उस अध्याय के अधीन प्रतिभूति संव्यवहार कर से प्रभार्य है,
वहां निर्धारिती द्वारा कुल आय पर संदेय कर निम्नलिखित का योग होगा-
(i) ऐसे अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों पर 11कक[पंद्रह] प्रतिशत की दर से संगणित आय-कर की रकम; और
(ii) कुल आय की अतिशेष रकम पर संदेय आय-कर की रकम, मानो ऐसी अतिशेष रकम निर्धारिती की कुल आय थी:
परंतु किसी व्यष्टि या हिन्दू अविभक्त कुटुंब की दशा में, जो निवासी है, जहां ऐसे अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों से घटाकर आर्इ कुल आय उस अधिकतम रकम से कम है, जो आय-कर से प्रभार्य नहीं है, वहां ऐसे अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों में से वह रकम घटा दी जाएगी जो इस प्रकार घटाकर आर्इ कुल आय ऐसी अधिकतम रकम से कम पड़ जाती है जो आय-कर से प्रभार्य नहीं है और ऐसे अल्पकालिक पूंजी अभिलाभों के अतिशेष पर कर 11ख[पंद्रह] प्रतिशत की दर से संगणित किया जाएगा।
11खख[***]
वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2017 से धारा 111क की उपधारा (1) के विद्यमान परन्तुक के पश्चात्, निम्नलिखित परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा :
परंतु यह और कि खंड (ख) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात किसी अंर्तराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अवस्थित किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज में किए गए किसी संव्यवहार को, और जहां ऐसे संव्यवहार का प्रतिफल विदेशी मुद्रा में संदत्त या संदेय है, लागू नहीं होगी।
(2) जहां किसी निर्धारिती की सकल कुल आय में उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोर्इ अल्पकालिक पूंजी अभिलाभ सम्मिलित हैं वहां अध्याय 6क के अधीन कटौती ऐसे पूंजी अभिलाभों से घटा कर आर्इ सकल कुल आय पर अनुज्ञात की जाएगी।
(3) जहां किसी निर्धारिती की कुल आय में उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोर्इ अल्पकालिक पूंजी अभिलाभ सम्मिलित हैं वहां ऐसी पूंजी अभिलाभों से घटा कर आर्इ कुल आय पर आय-कर से धारा 88 के अधीन रिबेट अनुज्ञात किया जाएगा।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कोर्इ साधारण शेयरोन्मुख निधि" पद का वही अर्थ है जो उसका धारा 10 के खंड (38) के स्पष्टीकरण में है।]
वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2017 से धारा 111क की उपधारा (3) के विद्यमान स्पष्टीकरण के स्थान पर, निम्नलिखित स्पष्टीकरण प्रतिस्थापित किया जाएगा :
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-
(क) 'साधारण शेयरोन्मुखी निधि'' का वही अर्थ होगा, जो धारा 10 के खंड (38) के स्पष्टीकरण में उसका है;
(ख) ''अंर्तराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र'' का वही अर्थ होगा, जो विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 (2005 का 28) की धारा 2 के खंड (थ) में उसका है;
(ग) ''मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सजेंच'' का वही अर्थ होगा, जो धारा 43 की उपधारा (5) के स्पष्टीकरण 1 के खंड (ii) में उसका है।
11. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2004 द्वारा 1.4.2005 से अंत:स्थापित।
11क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित।
11कक. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से ''दस'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
11ख. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2009 से "दस" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
11खख. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से दूसरे परन्तुक का लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व, वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित दूसरा परन्तुक इस प्रकार था:
"परंतु यह और कि इस उपधारा के उपबंध कारबार न्यास की ऐसी यूनिटों के अंतरण से उद्भूत किसी ऐसी आय के संबंध में लागू नहीं होंगे, जो धारा 47 के खंड (xvii) में यथा निद्रिष्ट किसी अंतरण के प्रतिफलस्वरूप निर्धारिती द्वारा अर्जित की गर्इ थीं।"
[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

