व्यवसाय प्रारंभ करना, आदि
[व्यवसाय प्रारंभ करना, आदि।
10क। (1) कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद निगमित और शेयर पूंजी वाली कोई कंपनी तब तक कोई कारोबार शुरू नहीं करेगी या कोई उधार लेने की शक्ति का प्रयोग नहीं करेगी, जब तक कि-
| (क) | कंपनी के निगमन की तारीख से एक सौ अस्सी दिनों की अवधि के भीतर निदेशक द्वारा पंजीयक के समक्ष ऐसे प्ररूप में और निर्धारित तरीके से सत्यापित घोषणा दाखिल नहीं की जाती है कि ज्ञापन के प्रत्येक ग्राहक ने ऐसी घोषणा करने की तारीख को उसके द्वारा लिए जाने वाले सहमत शेयरों के मूल्य का भुगतान कर दिया है; और | |
| (ख) | कंपनी ने धारा 12 की उपधारा (2) में दिए गए अनुसार पंजीयक के पास अपने पंजीकृत कार्यालय का सत्यापन दाखिल कर दिया है। |
(2) यदि इस धारा की अपेक्षाओं के अनुपालन में कोई चूक की जाती है तो कंपनी पचास हजार रुपए के जुर्माने की दायी होगी और प्रत्येक अधिकारी जो चूक करता है, प्रत्येक दिन के लिए जिसके दौरान ऐसी चूक जारी रहती है, एक हजार रुपए के जुर्माने का दायी होगा, किन्तु यह राशि एक लाख रुपए से अधिक नहीं होगी।
(3) जहां कंपनी के निगमन की तारीख से एक सौ अस्सी दिन की अवधि के भीतर उपधारा (1) के खंड ( क ) के अधीन पंजीयक के पास कोई घोषणा फाइल नहीं की गई है और पंजीयक के पास यह मानने का उचित कारण है कि कंपनी कोई कारोबार या परिचालन नहीं कर रही है, वहां वह उप-धारा (2) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, अध्याय XVIII के अधीन कंपनियों के पंजीयक से कंपनी का नाम हटाने के लिए कार्रवाई आरंभ कर सकता है। ]

