मुक्त व्यापार क्षेत्र में नवस्थापित औद्योगिक उपक्रमों आदि के बारे में विशेष उपबंध
70[मुक्त व्यापार क्षेत्रों में नव स्थापित औद्योगिक उपक्रमों की बाबत विशेष उपबंध–
10क. (1) इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए किसी निर्धारिती द्वारा ऐसे औद्योगिक उपक्रम से, जिसको यह धारा लागू होती है, प्राप्त लाभ और अभिलाभ ऐसे निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित नहीं किए जाएंगे।
(2) यह धारा ऐसे औद्योगिक उपक्रम को लागू होती है, जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :--
(i) उसने,--
(क) किसी मुक्त व्यापार क्षेत्र में, 1अप्रैल, 1981 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले, या
(ख) यथास्थिति, किसी इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क या सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क में, 1 अप्रैल, 1994 को या इसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान वस्तुओं या चीजों का निर्माण या उत्पादन प्रारंभ किया है या करता है;
(iक) किसी उपक्रम के संबंध में, जो किसी वस्तु या चीज का निर्माण या उत्पादन 1 अप्रैल, 1995 को या इसके पश्चात् आरंभ करता है, पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान इसके ऐसी वस्तुओं या चीजों के निर्यात, कुल विक्रय का पचहत्तर प्रतिशत से कम नहीं है।
(ii) वह पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके नहीं बना है :
परन्तु यह शर्त उस औद्योगिक उपक्रम की बाबत लागू नहीं होगी जो धारा 33ख में यथा उल्लिखित किसी ऐसे औद्योगिक उपक्रम के कारबार के, उस धारा में विनिर्दिष्ट परिस्थितियों में और अवधि के भीतर निर्धारिती द्वारा पुन: स्थापन, पुनर्गठन या पुन: चालन के परिणामस्वरूप बनाया गया है।
(iii) वह किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अन्तरित करके नहीं बना है।
स्पष्टीकरण.–धारा 80झ की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 1 और स्पष्टीकरण 2 के उपबंध इस उपधारा के खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उक्त उपधारा के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट लाभ और अभिलाभ उस पूर्ववर्ष से, जिसमें औद्योगिक उपक्रम वस्तुओं या चीजों का निर्माण या उत्पादन प्रारम्भ करता है, सुसंगत निर्धारण वर्ष से आरम्भ होने वाली किन्ही दस वर्षों की अवधि के बाबत निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित नहीं किए जाएंगे ।
(4) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, सुसंगत निर्धारण वर्षों में से अंतिम निर्धारण वर्ष के ठीक बाद के निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष की निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में या पश्चात्वर्ती किसी निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष की निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में,--
(i) धारा 32, धारा 32क, धारा 33, धारा 35 और धारा 36 की उपधारा (1) का खंड (ix) उसी प्रकार लागू होगा मानो उसमें निर्दिष्ट प्रत्येक मोक या कटौती, जो किसी भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर के संबंध में जो ऐसे निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष में औद्योगिक उपक्रम के कारबार के प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त की गर्इ हो, है, सुसंगत निर्धारण वर्षों में से किसी से संबंधित या उसके लिए अनुज्ञेय है या ऐसे पूर्ववर्ष में ऐसे कारबार के प्रयोजनों के लिए उपगत कोर्इ व्यय उसी निर्धारण वर्ष के लिए पूर्ण रूप से प्रभावी किया गया है और तद्नुसार, यथास्थिति, धारा 32 की उपधारा (2), धारा 32क की उपधारा (3) के खंड (ii), धारा 33 की उपधारा (2) के खंड (ii), धारा 35 की उपधारा (4) या धारा 36 की उपधारा (1) के खंड (ix) के द्वितीय परन्तुक के उपबंध ऐसे मोक या कटौती के संबंध में लागू नहीं होंगे;
(ii) धारा 72 की उपधारा (1) या धारा 74 की उपधारा (1) या उपधारा (3) में निर्दिष्ट कोर्इ हानि और धारा 80ञ की उपधारा (3) में उल्लिखित कोर्इ कमी, जहां तक ऐसी हानि या कमी उस औद्योगिक उपक्रम के कारबार से संबंधित है, अग्रनीत या मुजरा नहीं की जाएगी, जहां, यथास्थिति, ऐसी हानि या कमी सुसंगत निर्धारण वर्षों से किसी के संबंध में है;
(iii) धारा 80ड़ज या धारा 80ड़जक या धारा 80झ या धारा 80झक या धारा 80झख या धारा 80ञ के अधीन औद्योगिक उपक्रम के लाभ और अभिलाभ के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी; और
(iv) धारा 32 के अन्तर्गत अवक्षयण मोक की संगणना करने में, किसी आस्ति का, जो औद्योगिक उपक्रम के कारबार में प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त की जाती है, अवलिखित मूल्य इस प्रकार संगणित किया जाएगा मानो निर्धारिती ने प्रत्येक सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए अवक्षयण की बाबत कटौती का दावा किया हो और वह उसे अनुज्ञात की गर्इ हो।
(5) जहां किसी मुक्त व्यापार क्षेत्र में किसी औद्योगिक उपक्रम ने 1 अप्रैल, 1977 को या उसके पश्चात प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष में, किन्तु 1 अप्रैल, 1981 के पहले वस्तुओं या चीजों का निर्माण या उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है वहां निर्धारिती, अपने विकल्प पर धारा 139 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन 1 अप्रैल, 1981 को प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी देने के लिए अनुज्ञात समय की समाप्ति के पहले, चाहे वह मूलत: तय किया गया हो या बढ़ाया गया हो, आयकर अधिकारी को एक लिखित घोषणा देगा कि उपधारा (1) के उपबंध उसे सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए लागू कर दिए जाएं जिनमें से उन निर्धारण वर्षों की संख्या घटा दी जाएगी जो 1 अप्रैल, 1981 के पहले समाप्त हो गए हैं तथा यदि वह ऐसा करता है तो उपधारा (1) के उपबंध उसे ऐसे सुसंगत निर्धारण वर्षों में से प्रत्येक के लिए लागू होंगे और अन्तिम सुसंगत निर्धारण वर्ष के ठीक बाद निर्धारण वर्ष के लिए तथा किसी पश्चातवर्ती निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में उपधारा (4) के उपबंध भी लागू होंगे।
(6) धारा 80झ की उपधारा (8) और उपधारा (9) के उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा में उल्लिखित औद्योगिक उपक्रम के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे धारा 80झ में उल्लिखित औद्योगिक उपक्रम के प्रयोजनार्थ लागू होते हैं।
(7) इस धारा के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी जहां निर्धारिती धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी देने के लिए निश्चित तारीख से पूर्व निर्धारण अधिकारी को लिखित रूप में यह घोषणा देता है कि इस धारा के उपबंध उसे लागू न किए जाएं तो इस धारा के उपबंध किन्हीं भी सुसंगत निर्धारण वर्षों के लिए उसे लागू न होंगे।
(8) उपधारा (5) में इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के प्रति, जिसका प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा संशोधन किया गया है या लोप किया गया है, निर्देशों का, ऐसे संशोधन या लोप के होते हुए भी, उस उपधारा के प्रयोजनों के लिए यह अर्थ लगाया जाएगा मानो ऐसा संशोधन या लोप नहीं किया गया हो।
स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए--
(i) "मुक्त व्यापार क्षेत्र" से अभिप्रेत है कांडला मुक्त व्यापार क्षेत्र और सांताक्रुज इलैक्ट्रानिक निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र और इसके अंतर्गत कोर्इ ऐसा अन्य मुक्त व्यापार क्षेत्र है जिसे केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा धारा के प्रयोजनों के लिए विनिर्दिष्ट करे;
(ii) "सुसंगत निर्धारण वर्ष" से निर्धारिती द्वारा उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्ष अभिप्रेत हैं ;
(iii) "निर्माण के अंतर्गत है,--
(क) कोर्इ प्रसंस्करण, या
(ख) समंजन, या
(ग) किसी डिस्क, टेप, छिद्रित माध्यम या अन्य सूचना संग्रह युक्ति पर प्रोग्राम की रिकार्डिंग,
(iv) "इलैक्ट्रानिक, हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क" से भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा अधिसूचित इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क स्कीम के अनुसार स्थापित कोर्इ पार्क अभिप्रेत है;
(v) "सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क" से भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा अधिसूचित सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क स्कीम के अनुसार स्थापित कोर्इ पार्क अभिप्रेत है;
(vi) "उत्पादन" के अंतर्गत उपधारा (2) के खंड (i) में उल्लिखित वस्तुओं या चीजों के संबंध में कम्प्यूटर प्रोग्राम का उत्पादन भी है।]
वित्त अधिनियम 2000 द्वारा 1.4.2001 से विद्यमान धारा 10क के स्थान पर निम्नलिखित धारा 10क प्रतिस्थापित की जाएगी :
मुक्त व्यापार क्षेत्र में नवस्थापित औद्योगिक उपक्रमों आदि के बारे में विशेष उपबंध
10क. (1) इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए किसी निर्धारिती द्वारा किसी पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष से आरंभ होने वाले दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि के लिए, जिसमें उपक्रम ऐसी वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर, यथास्थिति, का निर्माण या उत्पादन करना आरंभ करता है वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से उपक्रम द्वारा प्राप्त ऐसे लाभ और अभिलाभ की कटौती ऐसे निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित करने के लिए अनुज्ञात की जाएगी :
परन्तु जहां किसी निर्धारण वर्ष के लिए उपक्रम की कुल आय संगणित करने में इस धारा, जैसी यह वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा इसके प्रतिस्थापन से ठीक पहले थी, के उपबंधों को लागू किए जाने से इसके लाभ और अभिलाभ सम्मिलित नहीं किए गए थे वह उपक्रम पूर्वोक्त दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अनावसित अवधि के लिए ही इस उपधारा में निर्दिष्ट कटौतियों के लिए हकदार होगा :
परन्तु यह और कि जहां कोर्इ उपक्रम आरंभिक रूप से कोर्इ मुक्त व्यापार क्षेत्र में अवस्थित है या निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र तत्पश्चात अवस्थित ऐसे मुक्त व्यापार क्षेत्र या निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र को विशेष आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन के कारण किसी आर्थिक क्षेत्र में अवस्थित हो जाता है तो इस उपधारा में निर्दिष्ट दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों की अवधि उस पूर्ववर्ती से सुसंगत निर्धारण वर्ष से गिनी जाएगी जिसमें उपक्रम ऐसे मुक्त व्यापार क्षेत्र या निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र में पहली बार स्थापित किया गया था :
परन्तु यह भी कि ऐसी वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर साफ्टवेयरों के ऐसे घरेलु विक्रयों से प्राप्त लाभ और अभिलाभ, जो कुल विक्रय का पचहत्तर प्रतिशत से अधिक नहीं है, ऐसी वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से प्राप्त लाभ और अभिलाभ समझे जाएंगे :
परन्तु यह भी कि इस धारा के अधीन किसी उपक्रम के 1 अप्रैल, 2010 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष और पश्चात्वर्ती वर्षों के लिए कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(2) यह ऐसे किसी उपक्रम को लागू होती है जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता है, अर्थात्:--
(i) जिसने निम्नलिखित निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर साफ्टवेयर का निर्माण या उत्पादन आरंभ कर दिया है या निर्माण या उत्पादन आरंभ करती है--
(क) जो किसी मुक्त व्यापार क्षेत्र में 1 अप्रैल, 1981 को या इसके पश्चात् आरंभ होता है; या
(ख) जो यथास्थिति, किसी इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क या सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क में 1 अप्रैल, 1994 को या इसके पश्चात् आरंभ होता है;
(ग) जो किसी विशेष आर्थिक क्षेत्र में 1 अप्रैल, 2001 को या इसके पश्चात आरंभ होता है;
(ii) इसे पहले से ही अस्तित्व में किसी कारबार के विखंडन या पुनर्निर्माण द्वारा बनाया गया है:
परन्तु यह शर्त किसी ऐसे उपक्रम के संबंध में लागू नहीं होगी जो उस धारा में विनिर्दिष्ट परिस्थितियों और अवधि के भीतर, किसी ऐसे उपक्रम, जो धारा 33ख में उल्लिखित हैं, के कारबार के निर्धारती द्वारा पुनस्र्थापन, पुनर्गठन या पुन:चालन के परिणामस्वरूप बनी है;
(iii) यह किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में उपयोग किए गए किसी मशीनरी या संयंत्र के किसी नए कारबार को अंतरित करके नहीं बना है।
स्पष्टीकरण.–धारा 80झ की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 1 और स्पष्टीकरण 2 के उपबंध इस उपधारा के खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे इस उपखंड के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं।
(3) यह धारा उस उपक्रम को लागू होती है यदि भारत से बाहर निर्यात की गर्इ वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर साफ्टवेयर के विक्रय आगम पूर्ववर्ती वर्ष की समाप्ति से छह माह के भीतर या ऐसी और अवधि के भीतर जैसा सक्षम प्राधिकारी इस निमित्त अनुज्ञात करे, संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में निर्धारिती द्वारा भारत में प्राप्त किया या लाया जाता है।
स्पष्टीकरण 1.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए "सक्षम प्राधिकारी" पद से भारतीय रिजर्व बैंक या ऐसा अन्य प्राधिकारी अभिप्रेत है जो विदेशी मुद्रा में संदायों और संव्यवहारों को विनियमित करने के लिए तत्समय किसी विधि के अधीन प्राधिकृत है।
स्पष्टीकरण 2.–इस उपधारा में उल्लिखित विक्रय आगम भारत में वहां प्राप्त किए गए समझे जाएंगे जहां ऐसे विक्रय आगम भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमोदन से भारत से बाहर किसी बैंक में निर्धारिती द्वारा इस प्रयोजन के लिए रखे गए किसी पृथक लेखे में जमा किए जाते हैं।
(4) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से प्राप्त लाभ वह रकम होगी जो कारबार के लाभों की है, उसका अनुपात वह होगा जो ऐसी चीजों या वस्तुओं या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का निर्धारिती द्वारा चलाए जा रहे कारबार के कुल आवर्त का अनुपात है।
(5) उपधारा (1) के अधीन कटौती 1 अप्रैल, 2001 को या इसके पश्चात आरम्भ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए तब तक अनुज्ञात नहीं होगी जब तक कि निर्धारिती धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में यथा परिभाषित आय विवरणी के साथ लेखाकार की रिपोर्ट विहित प्ररूप70क में यह प्रमाणित करते हुए कि इस उपधारा के उपबंधों के अनुसार कटौती का ठीक प्रकार से दावा कर लिया है, प्रस्तुत नहीं करता है।
(6) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी सुसंगत निर्धारण वर्षों के अंतिम वर्ष के ठीक उत्तरवर्ती निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ती वर्ष या किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ती वर्ष की निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में--
(i) धारा 32, धारा 32(क), धारा 33, धारा 35 और धारा 36 की उपधारा (1) का खण्ड (ix) वैसे ही लागू होगा जैसे मानो उसमें निर्दिष्ट और सुसंगत निर्धारण वर्षों में से किसी वर्ष से संबंधित या उसके लिए अनुज्ञेय, ऐसे निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ती वर्ष में उपक्रम के कारबार के प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किसी भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर के संबंध में प्रत्येक भत्ता या कटौती ऐसे पूर्ववर्ती वर्ष में ऐसे कारबार के प्रयोजनों के लिए उपगत कोर्इ व्यय उस वर्ष के लिए पूर्ण रूप से प्रभावी किया गया हो और तदनुसार धारा 32 की उपधारा (2), धारा 32क की उपधारा (3) का खण्ड (ii), धारा 33 की उपधारा (2) का खण्ड (ii), धारा 35 की उपधारा (4), धारा 36 की उपधारा (1) का खंड (ix) का दूसरा परन्तुक, यथास्थिति, ऐसे किसी भत्ते या कटौती के संबंध में लागू नहीं होंगे;
(ii) धारा 72 की उपधारा (1) या धारा 74 की उपधारा (1) या उपधारा (3) में निर्दिष्ट कोर्इ हानि, जहां तक ऐसी हानि उपक्रम के कारबार से संबंधित है, वहां अग्रनीत या मुजरा कर दी जाएगी जहां ऐसी हानि सुसंगत निर्धारण वर्षों में से किसी वर्ष से संबंधित हैं;
(iii) उपक्रम के लाभों या अभिलाभों से संबंधित धारा 80जज या धारा 80जजक या धारा 80झ या धारा 80झक या धारा 80झख के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी;
(iv) धारा 32 के अधीन अवक्षयण मोक संगणित करने में उपक्रम के कारबार के प्रयोजनों के लिए उपयोग की गर्इ किसी आस्ति को अवलिखित मूल्य उस प्रकार संगणित किया जाएगा मानो निर्धारिती ने प्रत्येक सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए अवक्षयण की बाबत कटौतियों का दावा किया था और वास्तव में यह अनुज्ञात की गर्इ थी।
(7) धारा 80झक की उपधारा (8) और उपधारा (10) के उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा में निर्दिष्ट उपक्रमों के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे धारा 80झक में निर्दिष्ट उपक्रमों के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं।
(8) इस धारा के पूर्वगामी उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए, भी, जहां निर्धारती, धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए देय तारीख से पहले लिखित में एक घोषणा निर्धारण अधिकारी को प्रस्तुत करता है कि इस धारा के उपबंध उसके लिए लागू न किए जाएं, वहां इस धारा के उपबंध सुसंगत निर्धारण वर्षों में से किसी वर्ष के लिए उसे लागू नहीं होंगे।
(9) जहां किसी पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान, किसी उपक्रम के स्वामित्व या फायदाप्रद हित किसी अन्य साधन द्वारा अंतरित कर दिया जाता है वहां उपधारा (1) के अधीन कटौती ऐसे पूर्ववर्ती वर्ष या पश्चात्वर्ती वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती को अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण 1.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए, किसी कंपनी की दशा में, जहां किसी पूर्ववर्ती वर्ष के अंतिम दिन को, मतदान शक्ति के इक्यावन प्रतिशत से अन्यून शक्ति वाले कंपनी के शेयर फायदाप्रद रूप में ऐसे व्यक्तियों द्वारा धारित नहीं किए जाते हैं जो उस वर्ष के, जिसमें उपक्रम स्थापित किया गया था, अंतिम दिन को मतदान शक्ति के इक्यावन प्रतिशत शक्ति वाले शेयर धारित किए हुए थे, वहां कंपनी के बारे में यह उपधारणा की जाएगी कि उसने उपक्रम में अपने स्वामित्व या फायदाप्रद हित अंतरित कर दिए हैं.
स्पष्टीकरण 2.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए---
(i) "कम्प्यूटर साफ्टवेयर" से निम्नलिखित अभिप्रेत है--
(क) किसी डिस्क, टेप, छिद्रित माध्यम या अन्य सूचना भंडारण युक्ति पर अभिलिखित कोर्इ कंप्यूटर प्रोग्राम, या
(ख) कोर्इ ग्राहक अपेक्षित इलैक्ट्रानिक डाटा या समान प्रकृति की सेवा जो बोर्ड द्वारा अधिसूचित70ख की जाए,
जिसे किसी साधन द्वारा भारत से बाहर किसी स्थान में भारत से पारेषित या निर्यात किया गया है;
(ii) "संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा" से ऐसी विदेशी मुद्रा अभिप्रेत है जिसे विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) या तदधीन बनाए गए किसी नियम या तत्समय प्रवृत किसी अन्य तत्समान विधि के प्रयोजनों के लिए तत्समय संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा माना जाता है;
(iii) "इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क" से ऐसा पार्क अभिप्रेत है जिसे भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिकी पार्क (र्इएचटीपी) स्कीम के अनुसार स्थापित किया गया है;
(iv) "निर्यात आवर्त" से उपधारा (3) के अनुसार संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में निर्धारिती द्वारा प्राप्त या लार्इ गर्इ वस्तुओं या चीजों या कम्प्यूटर साफ्टवेयर के निर्यात की बाबत प्रतिफल अभिप्रेत है किंतु जिसमें भारत से बाहर वस्तुओं या चीजों का कम्प्यूटर साफ्टवेयर के परिदान के कारण भाड़ा, दूरसंचार प्रभार और बीमा या भारत से बाहर तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के लिए विदेशी मुद्रा में उपगत कोर्इ व्यय, यदि कोर्इ हो, सम्मिलित नहीं है;
(v) "मुक्त व्यापार क्षेत्र" से काण्डला मुक्त व्यापार क्षेत्र और सान्ताक्रुज इलैक्ट्रॉनिक निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र अभिप्रेत हैं और जिसके अंतर्गत कोर्इ अन्य मुक्त व्यापार क्षेत्र भी है, जिसे केन्द्रीय सरकार इस धारा के प्रयोजनों के लिए राजपत्र70ग में अधिसूचना द्वारा अधिसूचित करे;
(vi) "सुसंगत निर्धारण वर्ष" से इस धारा में निर्दिष्ट दस क्रमवर्ती वर्षों की किसी अवधि के भीतर आने वाला कोर्इ निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है;
(vii) "साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क" से ऐसा कोर्इ पार्क अभिप्रेत है जो भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क स्कीम के अनुसार स्थापित किया गया है;
(viii) "विशेष आर्थिक क्षेत्र" से ऐसा क्षेत्र अभिप्रेत है जिसे केन्द्रीय सरकार इस धारा के प्रयोजनों के लिए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र विनिर्दिष्ट करे।
70. वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1981 से अन्त:स्थापित और तत्पश्चात कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988/1.4.1989 से, वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1981/1.4.1988 से, वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989 से, वित्त अधिनियम, 1993 द्वारा 1.4.1994/1.4.1991 से, वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.4.1996 से आय-कर (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से और वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से यथा संशोधित।
70क. नियम 16घ और प्ररूप सं. 56च देखें।
70ख. अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी समर्थ उत्पाद या सेवाओं के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
70ग. अधिसूचित मुक्त व्यापार क्षेत्रों के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

