आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
'अनुसूची भाग क—ओआई', आयकर विवरणी (आईटीआर) प्रपत्र में अन्य सूचनाएँ करदाता के व्यवसाय या पेशे के विभिन्न वित्तीय और परिचालन विवरणों को संग्रहित करती हैं। यह अनुसूची उन व्यक्तियों और निकायों के लिए अनिवार्य है जिन्हें लेखा बहियों का रखरखाव करना आवश्यक है और यह विशेष रूप से धारा 44कख के तहत लेखा परीक्षा के लिए उत्तरदायी लोगों के लिए प्रासंगिक है।
इसमें नियोजित लेखांकन की पद्धति (वाणिज्यिक या नकद), अंतिम स्टॉक के लिए मूल्यांकन पद्धति, लाभ और हानि खाते में डेबिट की गई राशियाँ (जैसे कि ब्याज, मूल्यह्रास, भागीदारों को भुगतान), और आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अस्वीकार्य राशि का विवरण जैसी जानकारी शामिल है। यह ऋणों या अग्रिमों, कल्पित आय, और भागीदारों के पूंजी खाते के विवरण आदि के बारे में भी जानकारी अभिलिखित करता है।
अनुसूची ओआई का उद्देश्य कर योग्य आय की गणना में किए गए वित्तीय कार्यों और विशिष्ट समायोजनों का विस्तृत दृष्टिकोण प्रदान करना है, जिससे विवरणी में अधिक सटीक और व्यापक प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
यह अनुसूची आईटीआर-3, आईटीआर-5 और आईटीआर-6 पर लागू होती है।