धारा 9 (12) के प्रयोजनों के लिए अपने विकल्प पर विनिधान विनिधान निधि का अनुमोदन ।
275. (1) कोई विनिधान निधि, अपने विकल्प पर धारा 9 (12) के प्रयोजनों के लिए अपनी पात्रता के संबंध में बोर्ड से अनुमोदन की ईप्सा कर सकेगी।
(2) अनुमोदन ईप्सा करने वाली निधि, सुसंगत दस्तावेजों और साक्ष्य को संलग्न करते हुए, विदेशी कर और कर अनुसंधान प्रभाग के कार्य पर पर्यवेक्षण और नियंत्रण रखने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य को लिखित में आवेदन कर सकेगी।
(3) उपनियम (2) में निर्दिष्ट आवेदन उस कर वर्ष के आरंभ से तीन मास पूर्व किया जाएगा जिसके लिए निधि अनुमोदन की ईप्सा करती है।
(4) बोर्ड, आवेदन की जांच करने और अनुमोदन देने या अन्यथा और उसकी ऐसी शर्तों जिनके अधीन ऐसा अनुमोदन दिया जाना है, यदि कोई हो, के संबंध में सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए एक प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त या मुख्य आयकर आयुक्त की अध्यक्षता वाली और दो अन्य ऐसे आयकर प्राधिकारियों से मिलकर बनने वाली एक समिति को अधिसूचित करेगा, जो आयुक्त के पद से नीचे के न हो।
(5) बोर्ड की ओर से समिति अपनी सिफारिश देने से पहले, विनिधान निधि, आयकर प्राधिकारियों और अन्य विभागों या अभिकरणों से ऐसे दस्तावेज या जानकारी मांग सकेगी, जो वह उचित समझे।
(6) बोर्ड, समिति की सिफारिशों के आधार पर आवेदन किए जाने वाले मास के अंत से दो मास के भीतर, —
| (क) | लिखित में एक आदेश द्वारा, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए निधि का अनुमोदन प्रदान करेगा जो वह उचित समझे, या | |
| (ख) | लिखित में अभिलिखित किए जाने वाले कारणों के साथ आवेदन को नामंजूर करेगा। |
(7) इस निमित्त विनिर्दिष्ट किसी शर्त के अधीन रहते हुए एक बार दिया गया अनुमोदन, उपनियम (3) और पश्चात्वर्ती कर वर्षों में निर्दिष्ट कर वर्ष के लिए लागू होगी, जब तक कि इसे बोर्ड द्वारा वापस नहीं लिया जाता है।
(8) धारा 9 (12) का फायदा किसी पात्र विनिधान निधि को किसी भी कर वर्ष के लिए नहीं दिया जाएगा जिसके लिए अनुमोदन लागू है और जिसे वापस नहीं लिया गया है।
(9) बोर्ड किसी निधि को दी गई मंजूरी वापस ले सकता है, यदि उसे संतुष्ट किया जाता है कि—
| (क) | तथ्यों के गलत बयानी या धोखाधड़ी के आधार पर अनुमोदन प्राप्त किया गया है, या | |
| (ख) | अधिनियम की धारा 9(12) और अनुसूची में उल्लिखित शर्तें और उक्त अनुसूची के पैरा 5 के अधीन निर्दिष्ट दिशानिर्देशों को पूरा नहीं किया गया है, या | |
| (ग) | कोई भी शर्त, जिसके अध्यधीन अनुमोदन दिया गया था, का उल्लंघन किया गया है। |
(10) आवेदन को अस्वीकार करने या अनुमोदन वापस लेने का कोई आदेश सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना पारित नहीं किया जाएगा और ऐसा आदेश-
| (क) | निधि; | |
| (ख) | निर्धारण अधिकारी, और | |
| (ग) | निधि की अधिकारिता वाले प्रधान आयकर आयुक्त या आयकर आयुक्त । |
को संसूचित करेगा।

