1[ऐसे व्यक्तियों का या के वर्ग जिनको धारा 139क के उपबंध लागू नहीं होंगे।
114ककख (1) धारा 139क के उपबंध किसी ऐसे अनिवासी को लागू नहीं होंगे जो कोई कंपनी या विदेशी कंपनी नहीं है (जिसे इसमें इसके पश्चात् अनिवासी कहा गया है) जिसने पूर्व वर्ष के दौरान किसी विनिर्दिष्ट निधि में विनिधान किया है, यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की हैं, अर्थात् :-
(i) अनिवासी ने भारत में पूर्व वर्ष के दौरान विनिर्दिष्ट निधि में विनिधान से आय से भिन्न कोई आय अर्जित नहीं की है।
(ii) अनिवासी की आय पर अधिनियम की धारा 194ठखख में विनिर्दिष्ट दरों पर देय किसी आय-कर की स्रोत पर कटौती की गई है और उसे विनिर्दिष्ट निधि द्वारा केंद्रीय सरकार को विप्रेषित किया गया है; और
(iii) अनिवासी ने विनिर्दिष्ट निधि के लिए निम्नलिखित ब्यौरे और दस्तावेज दिए हैं, अर्थात्:-
(क) नाम, ई मेल आई डी, टेलीफोन नं.
(ख) भारत से बाहर के उस देश या विनिर्दिष्ट क्षेत्र का पता जिसका वह निवासी है;
(ग) यह घोषणा कि वह भारत से बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट राज्य क्षेत्र का निवासी है;
(घ) उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र की कर पहचान संख्या जिसका वह निवासी है और यदि ऐसी संख्या उपलब्ध नहीं है तो ऐसी विशिष्ट संख्या जिसके आधार पर उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र की सरकार द्वारा, जिसका उसने निवासी होने का दावा किया है, अनिवासी की पहचान की जाती है।
(2) विनिर्दिष्ट निधि उस वित्तीय वर्ष की तिमाही के लिए तिमाही विविरण प्रस्तुत करेगी, जिसमें इलैक्ट्रानिक ढंग से आय-कर प्रधान महानिदेशक (तंत्र) या आय-कर महानिदेशक (तंत्र) अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को प्ररूप सं. 49खक में उपनियम (1) के खंड (iii) में निर्दिष्ट ब्यौरे और दस्तावेज उसके द्वारा प्राप्त किए जाते हैं तथा उस वित्तीय वर्ष की तिमाही के अंत से पन्द्रह दिन के भीतर उपनियम (1) के उपखंड (ग) के खंड (iii) में निर्दिष्ट घोषणा अपलोड करेगी, जिससे ऐसा विवरण उपनियम (3) के अधीन आय-कर प्रधान महानिदेशक (तंत्र) या महानिदेशक (तंत्र) द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रियाओं, प्ररूपों और मानकों के अनुसार संबंधित है।
2[(2क) धारा 139क के उपबंध अनिवासी को लागू नहीं होंगे, जो एक पात्र विदेशी विनिधानकर्ता है, जिसने केवल धारा 47 के खंड (viiकख) में निर्दिष्ट पूंजी आस्ति में संव्यवहार किया है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अवस्थित शेयर बाजार में सूचीबद्ध है और ऐसी पूंजी आस्ति के अंतरण पर प्रतिफल संदत्त किया जाता है या विदेशी मुद्रा में संदेय है, यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती हैं, अर्थात्:-
(i) पात्र विदेशी विनिधानकर्ता भारत में धारा 47 के खंड (viiकख) में निर्दिष्ट पूंजी आस्ति के अंतरण से आय से भिन्न कोई आय अर्जित नहीं करता है;
(ii) पात्र विदेशी विनिधानकर्ता, स्टाक दलाल को जिसके माध्यम से संव्यवहार किया जाता है, निम्नलिखित ब्यौरे और दस्तावेज प्रस्तुत करेगा, अर्थात्:-
(क) नाम, ई-मेल आईडी, संपर्क नंबर;
(ख) भारत के बाहर के उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र का पता जिसका वह निवासी है;
(ग) एक घोषणा कि वह भारत के बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र का निवासी है; और
(घ) उसके निवास वाले देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र में कर पहचान संख्या और यदि ऐसी संख्या उपलब्ध नहीं है, तब विशिष्ट संख्या, जिसके आधार पर भारत सरकार द्वारा अनिवासी के उस देश या विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र की, जिसका वह निवासी होने का दावा करता है, पहचान की जाए।
(2ख) स्टाक दलाल, वित्तीय वर्ष की तिमाही के लिए एक तिमाही विवरण, जिसमें उसके द्वारा प्राप्त किए गए उपधारा (2क) में निर्दिष्ट ब्यौरे और दस्तावेज हैं, प्ररूप संख्या 49खक में इलेक्ट्रानिक रूप से प्रधान महानिदेशक आय-कर (प्रणाली) या महानिदेशक आय-कर (प्रणाली) या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को प्रस्तुत करेगा, और ऐसे वित्तीय वर्ष, जिससे ऐसे विवरण संबंधित हैं, की तिमाही की समाप्ति के पन्द्रह दिन के भीतर उपनियम (3) के अधीन प्रधान महानिदेशक आय-कर (प्रणाली) या महानिदेशक आय-कर (प्रणाली) द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रियाओं, रूप विधानों और मानको के अनुसार उपधारा (2क) के खंड (ii) के उपखंड (ग) में निर्दिष्ट घोषणा, अपलोड करेगा।]
(3) आय-कर प्रधान महानिदेशक (तंत्र)या आय-कर महानिदेशक (तंत्र) प्ररूप 49खक को प्रस्तुत करने और उसके सत्यापन के प्रयोजनों के लिए प्रक्रिया, प्रारूप और मानक विनिर्दिष्ट करेंगे तथा 3[उपनियम (2) या उपनियम (2ख) के उपबंधों के अनुसार] तिमाही विवरण प्रस्तुत करने और उसके सत्यापन के संबंध में दिन-प्रतिदिन के प्रशासन के लिए उत्तरदायी होंगे।
स्पष्टीकरण- इस नियम के प्रयोजनों के लिए,--
4[(क) "विनिर्दिष्ट निधि" से न्यास या कंपनी या सीमित दायित्व भागीदारी या निगमित निकाय के रूप में भारत में स्थापित या निगमित कोई निधि अभिप्रेत है जिसे प्रवर्ग-1 या प्रवर्ग-2 वैकल्पिक विनिधान निधि के रूप में रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र अनुदत्त किया गया है और वह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (वैकल्पिक विनिधान निधि) विनियम, 2012 के अधीन विनियमित है या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 (2019 का 50) के अधीन बनाए गए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र प्राधिकरण (निधि प्रबंधन) विनियम, 2022 के अधीन विनियमित है तथा जो धारा 10 के खंड (4घ) के स्पष्टीकरण के खंड (ग) के अपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र या विनिर्दिष्ट निधि में अवस्थित है;]
(ख) "अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र" का वही अर्थ होगा, जो उसका विशेष अर्थिक जोन अधिनियम, 2005 (2005 का 28) की धारा 2 के खंड(थ) में है।]
5[(ग) "पात्र विदेशी विनिधानकर्ता" से ऐसे अनिवासी अभिप्रेत हैं, जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, परिपत्र आईमएडी/एचओ/एफपीआईसी/सीआईआर/पी/2017/003, तारीख 4 जनवरी, 2017 के अनुसार क्रियाशील हैं;
(घ) "स्टाक दलाल" से किसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अवस्थित मान्यताप्राप्त शेयर बाजार में व्यापार अधिकारी रखने वाला व्यक्ति और ऐसे बाजार का सदस्य अभिप्रेत है।]

