निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के सम्बन्ध में दस्तावेज बनाने और बनाये रखने में असफलता के लिये जुर्माना
हस्तांतरण मूल के प्रावधानों को जुड़ी एक इकाई के साथ उच्च/कम मूल्य पर लेन-देन में प्रवेश करने से एक इकाई द्वारा करदेयता कम करने के अभ्यास पर नियन्त्रण रखने के लिये तैयार किया गया है। इस भाग मे आप निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन के सम्बन्ध में दस्तावेज बनाने और बनाये रखने में असफलता के लिये जुर्माना से सम्बन्धित प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए। जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें। |
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निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में दस्तावेजों को रखने तथा अनुरक्षण में विफलता हेतु जुर्माना
प्रस्तावना
हस्तांतरण मूल्य निर्धारण के प्रावधानों को संबंद्ध कंपनी के साथ बाजार मूल्य के मुकाबले उच्च/कम मूल्य पर लेनदेन में प्रवेश करके कंपनी द्वारा कर देयता को कम करने के अभ्यास की जांच पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। इस भाग में आप निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों को रखने तथा अनुरक्षण में विफलता हेतु जुर्माने से संबंधित प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। हालांकि जुर्माने के प्रावधानों को समझने से पूर्व व्यक्ति को निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन से संबंधित हस्तांतरण मूल्य के मूल प्रावधानों की समीक्षा करनी चाहिए
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन का अर्थ
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन का अर्थ है कोई भी निम्नलिखित लेनदेन जो अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन न हो
(i) कोई भी व्यय जिसके संबंध में धारा 40क(2)(ख) में संदर्भित व्यक्ति को भुगतान किया गया अथवा किया जाना है
धारा 40क(2)(ख) कंपनी की सूची प्रदान करता है जिसे करदाता की संबंधित पार्टी के तौर पर समझा जाता है, अन्य वस्तुओं के साथ-साथ, व्यक्तिगत करदाता का कोई रिश्तेदार, कंपनी की स्थिति में निदेशक, सांझेदार फर्म आदि की स्थिति में एक सांझेदारी
(ii) धारा 80क में संदर्भित किसी प्रकार का लेनदेन
धारा 80क(6) के अनुसार, जब करदाता विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अन्य विषयों में धारा 80-झक, 80झकख, 80झख, 80-झग, 80झघ, 80झड़ आदि के अंतर्गत छूट का दावा करता है तथा इसकी संबंद्ध कंपनियों के साथ लेनदेन में प्रवेश करता है, यह लेनदेन उचित बाजार कीमत पर किया जाना चाहिए। इसलिए, यदि लेनदेन धारा 80क के अंतर्गत आता है तो इसे निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के तौर पर समझा जाएगा
(iii) धारा 80-झक(8) में संदर्भित वस्तुओं अथवा सेवाओं का कोई स्थानांतरण
धारा 80-झक आधारभूत विकास, दूरसंचार सेवा, ऊर्जा उत्सर्जन आदि में संलग्न औद्योगिक उपक्रम अथवा उद्यमों से लाभ अथवा प्राप्ति के संबंध में कटौती उपलब्ध कराता है
धारा 80-झक(8) धारा 80-झक के अंतर्गत कटौती का दावा करने वाले उद्यम द्वारा उत्पाद तथा सेवा के इंटर यूनिट स्थानांतरण को कवर करता है
(iv) धारा 80-झक(10) में संदर्भितानुसार करदाता तथा अन्य व्यक्ति के बीच किसी प्रकार का व्यापार करना
धारा 80-झक आधारभूत विकास, दूरसंचार सेवा, ऊर्जा उत्सर्जन आदि में संलग्न औद्योगिक उपक्रम अथवा उद्यमों से लाभ तथा प्राप्ति के संबंध में कटौती उपलब्ध कराता है
धारा 80-झक के अंतर्गत कटौती का दावा करने वाले करदाता अपने संबंधित व्यक्ति के साथ व्यापारिक लेनदेन में प्रवेश कर सकता है। लेनदेन ऐसी प्रणाली में व्यवस्थित किया जा सकता है कि करदाता द्वारा अर्जित लाभ सामान्य लाभ से अधिक हो। ऐसा करने पर ऐसे संबंधित व्यक्ति का लाभ करदाता की ओर किया जा सकता है तथा करदाता की सांमजस्यता के अनुसार धारा 80झक के अंतर्गत उसे उपलब्ध कटौती हेतु मंनोरंजित शेष लाभ पर कर अदा न करे अथवा कम कर अदा करें। इस प्रकार का लेनदेन धारा 80-झक(10) के अंतर्गत कवर किया जाएगा
(v) धारा VI-क अथवा धारा 10कक के अंतर्गत किसी अन्य धारा हेतु संदर्भित किसी प्रकार का लेनदेन जिस पर धारा 80-झक की उप-धारा (8) अथवा उप-धारा (10) के प्रावधान लागू होते हैं।
धारा 10कक विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित ईकाई द्वारा उत्सर्जित आय के संबंध में छूट प्रदान करता है
धारा VI-क के अंतर्गत विभिन्न धाराएं है जिनके अंतर्गत करदाता कटौती का दावा कर सकते है। हालांकि अध्याय VI-क की केवल यहां वही धाराएं प्रासंगिक है जिस पर धारा 80झक(8) तथा (10) के प्रावधान लागू होते है जिसमें धारा 80-झक, 80-झख, 80-झग, 80-झघ आदि शामिल है।
(vi) अन्य कोई लेनदेन निर्धारित किया जा सकता है
उक्त लेनदेन केवल तभी निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के तौर पर समझे जाऐंगे यदि इन लेनदेनों की कुल कीमत वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्रवेश पर पांच करोड़ रूपए से राशि से अधिक हो।
लेनदेन नजदीकी कीमत पर होना चाहिए।
धारा 92 के अनुसार जब कोई निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन संबंद्ध उद्यमों के बीच किया जाता है तो कथित लेनदेन नजदीकी कीमत पर होना चाहिए। अन्य शब्दों में संबंद्ध उद्यमों के साथ निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के परिणामस्वरूप उद्यम हेतु किसी व्यय के भत्तों अथवा उत्पन्न आय ऐसे लेनदेन की नजदीकी कीमत के संबंध में आंकी जानी चाहिए
धारा 92 के प्रावधान तभी लागू होंगे जब वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्रवेश पर निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की कुल कीमत पांच करोड़ रूपए की राशि से अधिक हो।
उदाहरण, ऐसीम लि. ने अपनी एक समूह कंपनी की सेवा ली, संबंद्ध उपक्रम कर अवकाश का आनंद ले रहा है। लेनदेन एक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन है। ऐसीम लि. ने समूह कंपनी को कथित सेवा देने के लिए रू. 9,80,00,000 का भुगतान किया। ऐसी सेवा की नजदीकी कीमत रू. 8,40,00,000 है। वर्ष के दौरान ऐसीम लि. द्वारा किसी प्रकार की कोई अन्य घरेलू लेनदेन में प्रवेश नही किया है। इस मामले में धारा 92 के प्रावधान लागू होंगे?
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धारा 92 के अनुसार, संबंद्ध उद्यम के साथ किया गया किसी प्रकार का निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन नजदीकी कीमत पर होना चाहिए। अपने संबंद्ध उद्यम के साथ ऐसीम लि. द्वारा प्रवेश करने पर लेनदेन निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन है तथा इसलिए धारा 92 के प्रावधान लागू होंगे
वर्तमान मामले में यह देखा जा सकता है कि इसकी करयोग्य व्यापारिक आय की गणना के दौरान ऐसीम लि. अपने संबंद्ध उद्यम को भुगतान किए गए सेवा प्रभार के संबंध में रू. 9,80,00,000 की राशि का दावा करेगा
नजदीकी कीमत अर्थात् सेवा की उचित कीमत रू. 8,40,00,000 है लेकिन रू. 9,80,00,000 की अधिकतम राशि का भुगतान कर ऐसीम लि. ने अधिकतम कटौती का दावा किया है तथा अपने लाभ को रू. 1,40,00,000 तक सीमित किया है। इस मामले में धारा 92 के प्रावधान लागू होंगे तथा ऐसीम लि. की आय निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की नजदीकी कीमत के अनुसार आंकी जाएगी। अन्य शब्दों में ऐसीम लि. की करयोग्य आय सेवा प्रभार के कारण रू. 8,40,00,000 की कटौती की स्वीकृति द्वारा आंकी जानी है।
उक्त उदहारण में, यदि लेनदेन निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन नही हैं तो धारा 92 के प्रावधान लागू नही होंगे
सहमति मूल्य की गणना की विधि
पूर्वचर्चितानुसार, एक करदाता को सहमति मूल्य पर निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन करना चाहिए। सहमति मूल्य निम्नलिखित विधि में से किसी को भी लागू कर निर्धारित किया जाना है
• तुलनीय अनियंत्रित मूल्य विधि
• पुन: बिक्री मूल्य विधि
• लागत अधिक्य विधि
• लाभ विभाजन विधि
• व्यवहार निविल लाभ विधि
• सीबीडीटी द्वारा निर्धारित की जा सकने वाली ऐसी अन्य विधि
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सुरक्षित रखे जाने वाले दस्तावेज
धारा 92घ प्रदान करता है कि निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नियम 10घ के अंतर्गत इस संबंध में निर्धारित किए जाने वाली ऐसी सूचना तथा दस्तावेज को सुरक्षित तथा अपने पास रखना होगा। आयकर प्राधिकरण करदाता से इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है। आयकर प्राधिकरण द्वारा ऐसी मांग पर करदाता को इस संबंध में नोटिस की प्राप्ति की तिथि से 10 दिनों की अवधि के भीतर इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराना होगा। करदाता आयकर प्राधिकरण को 10 दिनों की अवधि को आगे बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है जो 30 दिनों से अधिक नही होगी। नियम 10घ के अनुसार यह दस्तावेज प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष की समाप्ति से 8 वर्षों की अवधि के लिए अनुरक्षित रखे जाऐंगे।
प्रत्येक व्यक्ति जो निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करता है, द्वारा नियम 10घ में उपलब्तानुसार अनुरक्षित रखे जाने वाली सूचना तथा दस्तावेज निम्नानुसार है :-
• अन्य उद्यम द्वारा यहां धारित अन्य मालिकाना हित अथवा शेयर के विवरण सहित उद्यम के स्वामित्व का ब्यौरेवार विवरण
• समूह जिसके साथ निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन उद्यम द्वारा सन्निहित की जाती है तथा उनमें से स्वामित्व संयोजन, में सन्निहित प्रत्येक उद्यम का नाम, पता, कानूनी अवस्था, कर निवासी सहित मल्टीनेशनल समूह जिसका उद्यम एक भाग है की एक प्रोफाइल
• उद्यम तथा उद्योग के व्यापार का विस्तृत विवरण जिसमें उद्यम संचालन करती है तथा संबंद्ध उद्यमों के व्यापार जिसके साथ उद्यम लेनदेन करती है
• प्रत्येक संबंद्ध उद्यम, स्थानांतरित संपत्ति का विवरण अथवा प्रदान की गई सेवा तथा मात्रा तथा ऐसे लेनदेन की प्रत्येक कीमत अथवा ऐसे लेनदेन की श्रेणी सहित प्रवेश कर निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के प्रकार तथा शर्ते (मूल्य सहित)
• निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में शामिल संबंद्ध उद्यमों द्वारा तथा कंपनी द्वारा नियोजित की गई अथवा नियोजित किए जाने हेतु संपत्ति तथा जोखिम ग्रहण तथा किए गए कार्यो का विवरण
• पृथक रूप से प्रत्येक प्रभाग अथवा उत्पाद के लिए तथा पूर्ण रूप से व्यापार के लिए उद्यम द्वारा तैयार कोई अन्य वित्तीय अनुमान अथवा बजट, पुर्वानुमान, आर्थिक तथा बाजार विश्लेषण का रिकॉर्ड
• थर्ड पार्टी जो निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की मूल्य निर्धारण हेतु प्रासंगिक हो, के साथ किसी प्रकार के अनियंत्रित लेनदेन से संबंधित नियम व शर्ते, प्रकार के रिकॉर्ड सहित निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के प्रवेश के साथ उसकी तुलनीयता के विश्लेषण को ध्यान मे रख कर अनियंत्रित लेनदेन का रिकॉर्ड
• प्रासंगिक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के साथ अनियंत्रित लेनदेन की तुलनीयता के मूल्यांकन हेतु किए गए विश्लेषण का रिकॉर्ड
• प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन अथवा लेनदेन की श्रेणी के संबंध में नजदीकी कीमत के निर्धारण हेतु विचारनीय विधि का विवरण, विवरण के साथ सबसे उचित विधि के तौर पर चुनी गई विधि क्योंकि इस विधि को चुना गया था तथा इस मामले में कैसे ऐसी विधि को लागू किया गया था
• सबसे उचित विधि को लागू करने में प्रयोग की गई वित्तीय सूचना तथा तुलनीय डाटा के विवरण सहित नजदीकी कीमत के निर्धारण हेतु किए गए वास्तविक कार्य का रिकॉर्ड तथा समायोजन यदि हो, जिसे निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के बीच तथा तुलनीय अनियंत्रित लेनदेन के बीच ऐसे लेनेदेन में प्रवेश करने वाले उद्यम के बीच अंतर हेतु खाते में किया गया था।
• स्वीकृति, नीतियां तथा मूल्य समझौता, यदि हो जिसने नजदीकी कीमत के निर्धारण को गंभीर रूप से प्रभावित किया गया है
• कर उद्देश्य के लिए कुल आय हेतु किया गया अनुषांगिक समायोजन तथा आयकर नियम के अंतर्गत निर्धारित नजदीकी कीमत के साथ संरेखण हेतु मूल्य स्थानांतरण हेतु किए गए समायोजन, यदि हो, का विवरण
• संबद्ध उद्यम से संबंधित सूचना अथवा डाटा सहित अन्य कोई सूचना, डाटा अथवा दस्तावेज, जो नजदीकी कीमत के निर्धारण हेतु प्रासंगिक हो सकती है
उक्त निर्दिष्ट सूचना वास्तविक दस्तावेजों द्वारा समर्थित होगी जिसमें निम्नलिखित शामिल हो सकता है :
• सरकार द्वारा आधिकारिक प्रकाशन, रिपोर्ट, अध्ययन तथा डाटा बेस
• मान्यताप्राप्त संस्थानों द्वारा लाए गए तकनीकी प्रकाशन तथा किए गए बाजार अनुसंधान अध्ययन की रिपोर्ट
• स्टॉक एक्सचेंज तथा उत्पाद बाजार अवतरण सहित मूल्य प्रकाशन
• संबद्ध कंपनी के व्यापारिक मामलों से संबंधित लेखा तथा वित्तीय विवरण का प्रकाशन
• निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के समान लेनदेन के संबंध में असंबद्ध उद्यम के साथ अथवा संबद्ध लेनदेन में प्रवेश के साथ समझौता तथा अनुबंध
• कंपनी तथा संबद्ध उद्यम के बीच किया गया समझौता के किसी नियम का पत्र तथा अन्य पत्रव्यवहारी दस्तावेज
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सूचना तथा जानकारी को सुरक्षित रखने तथा पास रखने में विफलता के लिए जुर्माना
उक्त चर्चितानुसार, धारा 92घ कुछ सूचना तथा दस्तावेजों के अनुरक्षण को आपेक्षित करता है। ऐसी जानकारी अथवा दस्तावेजों के सुरक्षित रखने में विफलता जुर्माने का आकर्षित करेगा। निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सूचना तथा दस्तावेजों को रखना तथा अनुरक्षण में विफलता हेतु जुर्माने से संबंधित प्रावधान धारा 271कक में दिए गए है। धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना निम्नलिखित विफलताओं में से किसी भी स्थिति में लागू होगा
(1) यदि एक व्यक्ति धारा 92घ के साथ नियम 10घ में उपलब्धतानुसार निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सूचना तथा जानकारी को पास रखने तथा अनुरक्षित रखने में विफल होता है
(2) यदि एक व्यक्ति इस संबंध में (अर्थात् प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 8 वर्ष) निर्धारित अवधि हेतु धारा 92घ के साथ नियम 10घ में उपलब्धतानुसार निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सूचना तथा जानकारी को पास रखने तथा अनुरक्षित रखने में विफल होता है
(3) यदि एक व्यक्ति निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की सूचना देने में विफल होता है जिसे देना उसके लिए आपेक्षित हो
(4) यदि एक व्यक्ति निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में असत्य सूचना अथवा दस्तावेजों को रखता अथवा प्रस्तुत करता है
जुर्माना करदाता द्वारा प्रविष्ट किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत होगा
धारा 273ख के आधार पर धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराता है
धारा 92ड द्वारा आपेक्षितानुसार लेखापाल से रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफलता हेतु जुर्माना
धारा 92ड उपलब्ध कराता है कि अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन अथवा निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक को निर्धारित प्रपत्र में सनदी लेखापाल से रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी तथा इसे इस संबंध में निर्धारित तिथि को अथवा इससे पूर्व प्रस्तुत करना होगा। यदि एक करदाता ऐसा करने में विफल होता है तो वह धारा 271खक के अंतर्गत जुर्माने को भरने के लिए उत्तरदायी हो सकता है। लेखाकार से रिपोर्ट की प्रस्तुति में विफलता हेतु धारा 271खक के अंतर्गत जुर्माना धारा 92ड द्वारा आपेक्षित रू. 1,00,000 है।
धारा 273ख के आधार पर धारा 271खक के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराता है
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में सूचना तथा दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में विफलता हेतु जुर्माना
धारा 92घ(3) के अनुसार कर प्राधिकारी अधिनियम के अंतर्गत किसी कार्यवाही के दौरान किसी व्यक्ति की आवश्यकता हो सकती है जिसने किसी सूचना अथवा दस्तावेज (नियम 10घ में चर्चितानुसार) को प्रस्तुत करने हेतु निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश किया हो। ऐसी सूचना अथवा दस्तावेज इस संबंध में जारी सूचना की प्राप्ति की तिथि से 10 दिनों की अवधि के भीतर प्रस्तुत किया जाना है (अवधि कर प्राधिकरण द्वारा 30 दिनों की अवधि के लिए आगे बढ़ाई जा सकती है)
धारा 271छ के अनुसार यदि कोई व्यक्ति, जो निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश हुआ हो, उक्त चर्चितानुसार ऐसी सूचना अथवा दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में विफल होता है तो कर प्राधिकारी ऐसे व्यक्ति को जुर्माने के रूप में ऐसी प्रत्येक विफलता के लिए घरेलू निर्दिष्ट लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत के समान की राशि को वसूलने का निर्देश दे सकते है।
धारा 273ख के आधार पर धारा 271छ के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराता है
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संबंध में दस्तावेजों को रखने तथा अनुरक्षण में विफलता हेतु जुर्माने पर एमसीक्यू
प्रश्न 1. निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन को भी कवर करता है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन का अर्थ धारा 92खक के अंतर्गत कुछ निर्दिष्ट निर्धारण लेनदेन है जो अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन नही है
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है
प्रश्न 2. धारा ............ प्रदान कराती है कि निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नियम 10घ के अंतर्गत इस संबंध में निर्धारितानुसार ऐसी सूचना तथा दस्तावेजों को रखना अनुरक्षित रखना होगा
(क) 92 (ख) 92क
(ग) 92ग (घ) 92घ
सही उत्तर : (घ)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 92घ प्रदान कराती है कि निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नियम 10घ के अंतर्गत इस संबंध में निर्धारितानुसार ऐसी सूचना तथा दस्तावेजों को रखना अनुरक्षित रखना होगा
इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है
प्रश्न 3. निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष की समाप्ति की तिथि से.....................की अवधि के लिए ऐसे लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों को अपने पास रखना तथा अनुरक्षित रखना होगा
(क) 2 वर्ष (ख) 5 वर्ष
(ग) 8 वर्ष (घ) 10 वर्ष
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
नियम 10घ के अनुसार निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष की समाप्ति की तिथि से 8 वर्ष की अवधि के लिए ऐसे लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों को अपने पास रखना तथा अनुरक्षित रखना होगा
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 4. निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन से संबंधित सूचना तथा दस्तावेजों को अपने पास रखना तथा अनुरक्षित रखने में विफल होने पर जुर्माने का प्रावधान धारा............... में दिए गए हैं
(क) 271 (ख) 271क
(ग) 271ख (घ) 271कक
सही उत्तर : (घ)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन से संबंधित सूचना तथा दस्तावेजों को अपने पास रखना तथा अनुरक्षित रखने में विफल होने पर जुर्माने का प्रावधान धारा 271कक में दिए गए है
इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प हैं
प्रश्न 5. धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना .....................की राशि के समान होगा
(क) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत
(ख) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 1 प्रतिशत
(ग) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 3 प्रतिशत
(घ) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 4 प्रतिशत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत की राशि के समान होगा
इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 6. धारा 273ख के आधार पर धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराए
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 273ख के आधार पर धारा 271कक के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराए
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 7. धारा 92ड द्वारा आपेक्षितानुसार लेखाकार से रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफलता के लिए धारा 271खक के अंतर्गत जुर्माना................है
(क) रू. 10,000
(ख) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत
(ग) रू. 1,00,000
(घ) करदाता द्वारा किए गए प्रत्येक निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 1 प्रतिशत
सही उत्तर : (ग)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 92ड द्वारा आपेक्षितानुसार लेखाकार से रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफलता के लिए धारा 271खक के अंतर्गत जुर्माना रू. 1,00,000 है
इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है
प्रश्न 8. धारा 273छ के अंतर्गत जुर्माना ऐसी प्रत्येक विफलता के लिए निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत की दर से लगाया जाएगा यदि निर्धारिती धारा 92घ(3) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने हेतु आपेक्षितानुसार ऐसी किसी सूचना अथवा दस्तावेज को प्रस्तुत करने में विफल होता है
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (क)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 271छ के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जिसने निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन किया हो धारा 92घ(3) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने हेतु आपेक्षितानुसार ऐसी सूचना अथवा दस्तावेज को प्रस्तुत करने में विफल होता है तो ऐसे व्यक्ति को जुर्माने के रूप में ऐसी प्रत्येक विफलता के लिए निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन की राशि का 2 प्रतिशत के समान राशि का जुर्माना देना होगा।
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है
प्रश्न 9. धारा 271छ के अंतर्गत लगाया गया जुर्माना धारा 273ख के आधार पर माफ नही किया जा सकता चाहे करदाता ने विफलता के लिए उपयुक्त कारण उपलब्ध कराया हो
(क) सही (ख) गलत
सही उत्तर : (ख)
सही उत्तर की प्रमाणिकता :
धारा 273ख के आधार पर धारा 271छ के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता विफलता के लिए उचित कारण उपलब्ध कराए
चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

