अधिसूचना सं. 55/2016 [एफ. नं. 142/26/2015-टीपीएल / एस. ओ. 2226(र्इ) : आयकर (19वां संशोधन), नियम, 2016
अधिसूचना सं.
अधिसूचना सं. 55/2016 [एफ. नं. 142/26/2015-टीपीएल / एस. ओ. 2226(र्इ)
अधिसूचना तिथि
28/06/2016
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
28/06/2016
[भारत के राजपत्र में प्रकाशित करने के लिए, असाधारण, भाग-II, धारा 3, उप-धारा (ii)]
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
अधिसूचना
नर्इ दिल्ली, 28 जून, 2016
आयकर
एस. ओ. 2226(र्इ) - आयकर अधिनियम, 1961 (1961 की 43) की धारा 295 के साथ धारा 9 तथा धारा 285क द्वारा पुष्ट अधिकारों का प्रयोग करते हुए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एतद्द्वारा आयकर नियम, 1962 को आगे संशोधित करने के लिए निम्नलिखित नियमों को बनाया है जिनके नाम हैं :-
1 (1) इन नियमों को आयकर (19वां संशोधन), नियम, 2016 कहा जा सकता है
(2) वह आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा
2. आयकर नियम, 1962 में (तत्पश्चात् कथित नियम के तौर पर संदर्भित), भाग II में, उप-भाग ज के बाद निम्नलिखित उप-भाग शामिल किए जाऐंगे, जिनके नाम है :-
"I - कुछ मामलों में आय के विभाजन तथा परिसंपत्तियों की राशि का निर्धारण
11पख. कुछ मामलों में परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत - (1) परिसंपत्ति, मूर्त अथवा अमूर्त, निर्दिष्ट तिथि के अनुसार, की उचित बाजार कीमत धारा 9 की उप-धारा (1) के उद्देश्यों के लिए भारत से बाहर (तत्पश्चात् "विदेशी कंपनी अथवा उद्यम" के तौर पर संदर्भित) पंजीकृत अथवा निगमित एक उद्यम अथवा एक कंपनी द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संघटित है, इस नियम के प्रावधानों के अनुसार आंकी जाएगी।
(2) जहां शेयर निर्दिष्ट तिथि पर विनियमित प्राधिकृत स्टाक एक्सचेंज पर सूचित एक भारतीय कंपनी का शेयर है तो शेयर को उचित बाजार कीमत स्टाक एक्सचेंज पर ऐसे शेयर की विचारनीय कीमत होगी :
बशर्ते कि जहां शेयर, शेयरधारक के भाग के तौर पर संघटित होता हो जो उक्तकथित कंपनी के संबंध में प्रबंधन अथवा नियंत्रण के किसी अधिकार को पुष्ट करता हो, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, तो शेयर की उचित बाजार कीमत निम्नलिखित फार्मूले के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जिनके नाम है :-
उचित बाजार कीमत = (क + ख)/ग
जहां
क = प्राधिकृत स्टॉक एक्सचेंज पर उद्धृत इसके शेयरों के प्रत्यक्ष मूल्य के आधार पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण
ख = निर्दिष्ट तिथि के अनुसार कंपनी की देयता की बही राशि
ग = शेष शेयरों की संख्या
आगे मुहैया कराया जाता है कि जहां, निर्दिष्ट तिथि पर, शेयर एक प्राधिकृत स्टाक एक्सचेंज पर सूचित होते हैं, शेयर का प्रत्यक्ष मूल्य प्राधिकृत स्टाक एक्सचेंज के संदर्भ में आँके जाऐंगे जो मूल्य के निर्धारण के लिए विचारित अवधि के दौरान शेयर में ट्रेडिंग की उच्चतम राशि का रिकार्ड है।
(3) जहाँ परिसंपत्ति भारतीय कंपनी, जो निर्दिष्ट तिथि पर प्राधिकृत स्टाक एक्सचेंज पर सूचित नहीं है, के शेयर में है, शेयर की उचित बाजार कीमत ऐसे निर्धारण में प्रतिफल देयता, यदि हो, द्वारा बढ़ाए गए सहमति आधार पर शेयर के मूल्यांकन के लिए अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत मूल्यांकन कार्यप्रणाली के अनुसार एक व्यापारी बैंकर अथवा एक अकाउंटेंट द्वारा निर्धारितानुसार ऐसी तिथि पर इसकी उचित बाजार कीमत होगी।
(4) जहां परिसंपत्ति व्यक्तियों के संघ अथवा सहभागी फर्म के हित में है, इसकी उचित बाजार कीमत निम्नलिखित तरीके में निर्धारित की जाएगी जिनके नाम हैं :-
(i) ऐसी फर्म अथवा व्यक्तियों के संघ के निर्दिष्ट तिथि पर राशि, ऐसे निर्धारण में विचारित देयता, यदि हो, को बढ़ाकर किसी अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत कार्यप्रणाली के अनुसार एक व्यापारी बैंकर अथवा एक अकाउंटेंट द्वारा निर्धारित की जाएगी
(ii) वाक्यांश (i) में आँकी गर्इ राशि का भाग जो इसकी पूंजी की राशि के समान है, उस अनुपात में इसके सदस्यों अथवा सांझेदारों के बीच बाँटी जाएगी जिसमें पूंजी को उसके द्वारा अभिदत्त किया गया है तथा राशि का शेष, फर्म अथवा संघ के विघटन की स्थिति में परिसंपत्तियों के वितरण के लिए व्यक्तियों के सांझेदार फर्म अथवा संघ के समझौते के अनुसार सांझेदारों अथवा सदस्यों के बीच बाँटी जाएगी अथवा ऐसे समझौते की अनुपस्थिति में, उस अनुपात में जिसमें सांझेदार अथवा सदस्य लाभ को सांझा करने के हकदार है तथा एक सदस्य अथवा सांझेदार को आवंटित कुल राशि फर्म अथवा व्यक्तियों कें संघ, जो भी स्थिति हो, के उस साथी के हित के उचित बाजार कीमत के अनुसार समझी जाएगी।
(5) उप-नियम (2), (3) तथा (4) में संदर्भित को छोड़कर परिसंपत्ति की उचित बाजार कीमत मूल्य होगा जिस मूल्य पर बेचा जाता है यदि इसे ऐसे निर्धारण में विचारित देयता, यदि हो, द्वारा बढ़ाकर एक व्यापारी बैंकर अथवा एक लेखांकन द्वारा निर्धारितानुसार निर्दिष्ट आंकड़े पर खुले बाजार में बेचा जाता है।
(6) विदेशी कंपनी अथवा एक उद्यम की समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत निम्नलिखित तरीके से निर्धारित की जाएगी, जिनके नाम हैं :-
(i) जहां विदेशी कंपनी अथवा उद्यम में शेयर अथवा ब्याज व्यक्तियों, जो संबंधित व्यक्ति नहीं हैं, के बीच हैं तो ऐसे स्थानांतरण के उद्देश्य के लिए, निर्दिष्ट तिथि के अनुसार विदेशी कंपनी अथवा उद्यम द्वारा खरीदी गर्इ समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार राशि निम्न फार्मूले के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जिनके नाम हैं :-
समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत = क + ख
जहां ;
क = शेयर अथवा ब्याज के स्थानांतरण के प्रतिफल की पूर्ण राशि के आधार पर आँकी गर्इ विदेशी कंपनी अथवा उद्यम की देयता की बाजारी पूंजीकरण :
ख = व्यापारी बैंकर अथवा एक अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणिकतानुसार निर्दिष्ट तिथि पर कंपनी अथवा उद्यम की देयता की बही राशि
(ii) अन्य किसी स्थिति में, यदि -
(क) विदेशी कंपनी अथवा उद्यम के शेयर निर्दिष्ट तिथि पर शेयर बाजार पर सूचित है, विदेशी कंपनी अथवा उद्यम द्वारा खरीदी गर्इ समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत निम्नलिखित फार्मूले के अनुसार निर्धारित होगी, जिनके नाम हैं :-
समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत = क + ख
जहाँ ;
क = शेयर बाजार जहां विदेशी कंपनी अथवा उद्यम के शेयर सूचित हैं, पर शेयर के प्रत्यक्ष मूल्य के आधार पर आँकी गर्इ विदेशी कंपनी अथवा उद्यम के बाजार का पूंजीकरण
ख = निर्दिष्ट तिथि के अनुसार कंपनी अथवा उद्यम की देयता की बही राशि
बशर्ते कि जहां, निर्दिष्ट तिथि के अनुसार, शेयर एक से अधिक शेयर बाजार पर सूचित हैं, उक्तकथित फार्मूले में प्रत्यक्ष मूल्य उस शेयर बाजार के सबंध में होगा जो मूल्य के निर्धारण के लिए विचारित अवधि के दौरान शेयर में ट्रेडिंग के उच्चतम वाल्यूम को रिकार्ड करता है।
(ख) विदेशी कंपनी अथवा उद्यम में शेयर निर्दिष्ट तिथि पर शेयर बाजार पर सूचित नहीं हैं, विदेशी कंपनी अथवा उद्यम द्वारा खरीदी गर्इ समस्त परिसंपत्तियों की राशि निम्नलिखित फार्मूले के अनुसार आँकी जाएगी, जिनके नाम हैं :-
समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत = क + ख
जहाँ
क = अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत मूल्यांकन कार्यप्रणाली के अनुसार व्यापारी, बैंकर अथवा एक लेखापाल द्वारा निर्धारितानुसार निर्दिष्ट तिथि के अनुसार विदेशी कंपनी अथवा उद्यम की उचित बाजार कीमत
ख = क में उचित बाजार कीमत के निर्धारण के लिए विचारित कंपनी अथवा उद्यम, यदि हो, की देयता की लागत।
(7) जहां उचित बाजार कीमत को व्याख्या के वाक्यांश (ix) के प्रथम प्रावधान में संदर्भित किसी अंतरिम तुलन पत्र के आधार पर निर्धारित किया गया हो तो उचित बाजार कीमत प्रयोज्य कानूनों के अनुसार प्रासंगिक वित्तीय विवरण के अंतिम रूप देने के पश्चात् उचित रूप से संशोधित होगी तथा इस नियम तथा नियम 11पग तथा 114घख के प्रावधान तद्नुसार लागू होंगे।
(8) भारत में स्थित किसी परिसंपत्ति की उचित बाजार कीमत के निर्धारण के लिए, सहभागी फर्म अथवा व्यक्तियों के संघ में एक भारतीय कंपनी अथवा ब्याज के शेयर के तौर पर, कथित कपनी अथवा सहभागी फर्म अथवा व्यक्तियों के संघ के समस्त परिसंपत्ति तथा व्यापारिक संचालन विचारनीय होंगे यह सोचे बिना कि परिसंपत्ति अथवा व्यापारिक संचालन भारत से बाहर अथवा भारत में स्थित है।
(9) विदेशी मुद्रा में गणना के लिए विनिमय की दर, भारत में स्थित परिसंपत्ति की राशि तथा रूपए में अभिव्यक्त निर्दिष्ट तिथि के अनुसार ऐसी मुद्रा की टेलीग्राफिक स्थानांतरण खरीद दर होगी।
व्याख्या : इस नियम तथा नियम 11पग के उद्देश्य के लिए. -
(i) "अकाउंटेंट" का अर्थ उप-नियम (6) के उद्देश्य के लिए तथा धारा 288 की उप-धारा 2 के स्पष्टीकरण में संदर्भित अकाउंटेंट हैं जिसमें राष्ट्र की सरकार द्वारा समकक्ष मूल्यांकन करने के लिए प्राधिकृत कोर्इ मूल्य-निर्धारक, जहां विदेशी कंपनी अथवा उद्यम पंजीकृत अथवा निगमित अथवा इसकी कोर्इ एजेंसी, जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करती हैं, शामिल हैं, जिनके नाम हैं :-
(क) यदि वह अकाउंटेनसी अथवा मूल्यांकन सेवाओं को प्रतिपादित करने में संलग्न किसी उद्यम में सदस्य अथवा सहभागी है तो -
(i) उद्यम अथवा इसकी सहयोगी कंपनी दो से अधिक राष्ट्रों में उपस्थित हो; तथा
(ii) वर्ष, जिसमें किया गया मूल्यांकन दस करोड़ से अधिक होता है, के उत्तरगामी वर्ष में उद्यम की वार्षिक प्राप्ति।
(ख) यदि वह व्यक्तिगत रूप से अकाउंटेंसी का पेशा करता हो अथवा वह मूल्यनिर्धारक हो तो -
(i) पेशे करने से वर्ष, जिसमें मूल्यांकन किया जाता है, में उत्तरगामी वर्ष की वार्षिक प्राप्ति एक करोड़ रूपए से अधिक होती है; तथा
(ii) उसका पेशेवर अनुभव दस वर्षों से कम न हो।
(ii) "संबंधित व्यक्ति" का अर्थ धारा 102 के वाक्यांश (4) में संदर्भितानुसार होगा;
(iii) "प्रबंधन अथवा नियंत्रण का अधिकार" में किसी अन्य तरीके में अथवा वोटिंग समझौते अथवा शेयरधारक समझौते अथवा प्रबंधन अधिकार अथवा शेयरधारक के कारण से, सहित व्यक्ति अथवा एक साथ, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष, के तौर पर व्यावहार करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों द्वारा किए गए निति निर्णय अथवा प्रबंधन अथवा निदेशकों की नियुक्ति बहुमत का अधिकार शामिल है;
(iv) "टेलीग्राफिक स्थानांतरण खरीद दर" का अर्थ नियम 26 हेतु स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट अर्थ होगा;
(v) स्टॉक एक्सचेंज पर उद्धृत शेयर के संबंध में "ध्यान देने योग्य कीमत" निम्न्लिखित का उच्चतम होगी :-
(क) निर्दिष्ट तिथि से उत्तरगामी छह माह की अवधि के दौरान कथित शेयर बाजार पर उद्धृत शेयरों के साप्ताहित उच्च तथा कम अंतिम मूल्यों का औसत; अथवा
(ख) निर्दिष्ट तिथि से उत्तरगामी दो सप्ताहों के दौरान कथित शेयर बाजार पर उद्धृत शेयरों के साप्ताहित उच्च तथा कम अंतिम मूल्यों का औसत;
(vi) "देयता की बही लागत" का अर्थ देयता की लागत है जैसा कंपनी अथवा उद्यम, जो भी स्थित हो, के तुलन पत्र में निर्दिष्ट है, प्रदत्त पूंजी से संबंधित सुरक्षा प्रीमियम तथा सामान्य रिजर्व तथा अतिरिक्त तथा इक्विटी शेयर अथवा सदस्य ब्याज के संबंध में प्रदत्त पूंजी को छोड़कर;
(vii) "निर्दिष्ट तिथि" का अर्थ होगा जैसा धारा 9 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) के स्पष्टीकरण के वाक्यांश (घ) में संदर्भित है;
(viii) शब्द "व्यापारी बैंकर" तथा "प्राधिकृत शेयर बाजार" का अर्थ वह होगा जैसा नियम 11प में संदर्भित है
(ix) "बैलेंस शीट" -
(क) एक भारतीय कंपनी के संबंध में, ऐसी कंपनी (वहाँ संलग्न नोट्स सहित तथा अकाउंट का अभिन्न अंग) का तुलन पत्र का अर्थ जैसा निर्दिष्ट तिथि पर लिया गया है जिसे प्रभावी कंपनियों के संबंधित कानूनों के अंतर्गत नियुक्त कंपनियों के आडिटर द्वारा ऑडिट किया गया है।
(ख) किसी अन्य मामले में, राष्ट्र जिसमें विदेशी कंपनी अथवा उद्यम पंजीकृत अथवा निगमित होती है, के प्रभावी कानूनों के अंतर्गत भारत के बाहर प्रासंगिक प्राधिकारी को जमा तथा निर्दिष्ट तिथि पर आर्हरित कम्पनी अथवा उद्यम (वहाँ संलग्न नोट्स सहित तथा अकाउंट का अभिन्न अंग) का तुलन पत्र हैं
बशर्ते कि जहाँ निर्दिष्ट तिथि के अनुसार तुलन-पत्र प्राप्त नहीं किया जाता, लंबित खातों को अंतिम रूप देना, जैसा वाक्यांश (क) तथा (ख) में निर्दिष्ट हैं, तुलन पत्र का अर्थ निर्दिष्ट तिथि के अनुसार अंतरिम तुलन पत्र तथा किसी अन्य उद्यम की स्थिति में कंपनी अथवा एक समकक्ष निकाय के बोर्ड के निदेशक द्वारा अनुमोदित होगा:
आगे मुहैया कराया जाता है कि जहाँ निर्दिष्ट तिथि धारा 9 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) के स्पष्टीकरण 6 के वाक्यांश (घ) के उप-वाक्यांश (ii) में संदर्भित डाटा हैं।
11पग. भारत में परिसंपत्ति हेतु रोप्य आय का निर्धारण - (1) धारा 9 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) हेतु संदर्भित एक कंपनी अथवा एक उद्यम, में ब्याज अथवा शेयर के भारत से बाहर स्थानांतरण से आय, भारत में स्थित परिसंपत्ति हेतु रोप्य, निम्नलिखित फार्मूले के अनुसार निर्धारित होगी, जिनके नाम हैं : -
| क × | ख | ||
| ग |
जहाँ;
क = अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आँके गए कंपनी अथवा उद्यम में ब्याज अथवा शेयर के स्थानांतरण से आय, जैसे कि ऐसा शेयर अथवा ब्याज भारत में स्थित है;
ख = नियम 11पख के अनुसार आँकी गर्इ निर्दिष्ट तिथि के अनुसार भारत में स्थित परिसंपत्ति की उचित बाजार कीमत, जिसके द्वारा क में संदर्भित शेयर अथवा ब्याज वस्तुत: इसकी लागत से प्राप्त होता है;
ग = नियम 11पख के अनुसार आँकी गर्इ निर्दिष्ट तिथि के अनुसार कंपनी अथवा उद्यम की समस्त परिसंपत्तियों की उचित बाजार कीमत:
बशर्ते कि यदि उद्यम अथवा कंपनी में ब्याज अथवा शेयर के स्थानांतरणकर्ता उक्तकथित फार्मूले के प्रयोग के लिए आपेक्षित सूचना को मुहैया कराने में असफल होता है तो भारत में स्थित परिसंपत्ति हेतु रोप्य ब्याज अथवा ऐसे शेयर के स्थानांतरण से आय ऐसे तरीके में निर्धारित किया जाएगा जैसा निर्धारण अधिकारी उपयुक्त समझे।
(2) भारत में स्थित परिसंपत्ति से वस्तुत: इसकी राशि को प्राप्त करने वाली कम्पनी अथवा एक उद्यम में शेयर अथवा ब्याज के स्थानांतरणकर्ता फार्मूले के अनुसार विभाजन के आधार पर मुहैया कराने वाले एक अकाउंटेंट द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित तथा सत्यापित प्रपत्र सं. 3गन में आय की वापसी की रिपोर्ट के साथ प्राप्त तथा प्रस्तुत किया जाएगा तथा प्रामाणित करेगा कि भारत में स्थित परिसंपत्ति हेतु रोप्य आय को सही रूप से आंका गया है
3. कथित नियमों में, नियम 114घक के पश्चात्, निम्नलिखित नियमों को भी शामिल किया जाएगा, जिनके नाम हैं :-
"114घख" धारा 285क के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने वाली सूचना अथवा दस्तावेज - (1) धारा 285क हेतु संदर्भित प्रत्येक भारतीय कंपनी कथित धारा के उद्देश्यों के लिए, इस नियम के अनुसार सूचना तथा दस्तावेजों को अनुरक्षित तथा प्रस्तुत करेगा
(2) सूचना को वित्त वर्ष जिसमें धारा 9 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) हेतु स्पष्टीकरण 5 हेतु संदर्भित भारत से बाहर (तत्पश्चात् "विदेशरी कंपनी अथवा उद्यम" के तौर पर संदर्भित) निगमित एक कंपनी अथवा उद्यम के किसी स्थानांतरण की समाप्ति से नब्बे दिनों की अवधि के भीतर भारतीय कंपनी पर क्षेत्राधिकार रखने वाले निर्धारण अधिकारी को डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक प्रपत्र सं. 49घ में प्रस्तुत किया जाएगा।
बशर्ते कि शेयर अथवा ब्याज के संबंध में लेनदेन भारतीय उद्यम के संबंध में प्रबंधन अथवा नियंत्रण के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष स्थानांतरण अधिकारों का प्रभाव हो, सूचना लेनदेन के नब्बे दिनों के भीतर कथित प्रपत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
(3) भारतीय उद्यम को इसके अंग्रेजी अनुवाद के साथ निम्नलिखित को सुरक्षित रखना होगा, यदि मूल रूप से तैयार दस्तावेज विदेशी भाषा में हैं तथा इसे प्रस्तुत करना चाहिए जब उप-नियम (2) के अंतर्गत प्रस्तुत सूचना की पुष्टि हेतु किसी उत्तरगामी अवधि में किसी आयकर प्राधिकारी द्वारा ऐसा करने के लिए बोला जाए, जिनके नाम हैं :-
(i) नजदीकी संघटक कंपनी अथवा उद्यम, कंपनी अथवा उद्यम, मध्यवर्ती संघटन कंपनी अथवा कंपनियाँ अथवा उद्यम अथवा उद्यमों तथा भारतीय कंपनी की विशिष्ट संघटन कंपनी अथवा उद्यम;
(ii) समूह, जिसका भारतीय उद्यम एक सलाहकार है, के भारत में अन्य उद्यमों का ब्यौरा;
(iii) स्थानांतरण से पहले तथा बाद में विदेशी कंपनी अथवा उद्यम में शेयर अथवा ब्याज का संघटन ढांचा;
(iv) कोर्इ विदेशी कंपनी अथवा उद्यम जो भारतीय कंपनी में अथवा के द्वारा भारत में कोर्इ परिसंपत्ति रखता है, में शेयर अथवा ब्याज के संबंध में किया गया कोर्इ स्थानांतरण अनुबंध अथवा समझौता;
(v) विदेशी कम्पनी अथवा उद्यम के वित्त तथा अकांउटिंग विवरण जो शेयर अथवा ब्याज के स्थानांतरण की तिथि से दो वर्ष पूर्व के लिए भारतीय कंपनी में अथवा के माध्यम से भारत में परिसंपत्ति को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संघटित रखता है;
(vi) स्थानांतरणकर्ता की पूरी व्यवस्था के निर्णय अथवा क्रियान्वयन प्रक्रिया से संबंधित सूचना;
(vii) विदेशी कंपनी अथवा उद्यम तथा इसकी सहायक के संबंध में सूचना, जो निम्न से संबंधित हो -
(क) व्यापारिक संचालन;
(ख) कर्मी;
(ग) वित्त तथा संपत्ति;
(घ) आंतरिक तथा बाहरी ऑडिट अथवा मूल्यांकन रिपोर्ट, यदि हो, शेयर अथवा ब्याज के संबंध में प्रतिफल के आधार पर गठन;
(viii) स्थानांतरित किए जा रहे शेयर अथवा ब्याज के स्थल के स्थान को निर्धारित करने के लिए परिसंपत्ति मूल्यांकन रिपोर्ट तथा अन्य समर्थित प्रमाण;
(ix) भारत से बाहर कर के भुगतान का विवरण, जो शेयर अथवा ब्याज के स्थानांतरण से संबंधित है।
(x) समर्थित प्रमाण के साथ एक व्यापारी बैंकर अथवा अकाउंटेंट द्वारा विधिवत रूप से प्रमाणित भारतीय परिसंपत्ति तथा कुल परिसंपत्तियों की मूल्यांकन रिपोर्ट;
(xi) दस्तावेज जो अनुसरित लेखांकन प्रैक्टिस के अंतर्गत लेनदेनों के संबंध में जारी होते हैं
(4) जहां एक से अधिक भारतीय कंपनी होती हैं जो समूह के घटक उद्यम हैं, सूचना को किसी एक भारतीय कंपनी द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है, यदि, -
(i) समूह को अन्य समस्त भारतीय कंपनियों की ओर से सूचना को प्रस्तुत करने के लिए ऐसी भारतीय कंपनी को नामित किया गया है जो समूह के घटक हैं; तथा
(ii) नामित भारतीय कंपनी से संबंधित सूचना को निर्धारण अधिकारी के समूह की ओर से लिखित में प्रेषित किया गया है:
बशर्ते कि उप-नियम में शामिल कुछ भी प्रभावी नहीं होगा यदि नामित भारतीय कंपनी इस नियम के प्रावधानों के अनुसार सूचना को प्रस्तुत करने में विफल होती है।
(5) प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति), जो भी स्थिति हो, प्रपत्र सं. 49घ को इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल करने के लिए प्रक्रिया को निर्दिष्ट करेगा तथा इस नियम के अंतगत ऐसी प्रस्तुत सूचना के संबंध में उपयुक्त सूचना, अर्चिवल तथा बहाली नीतियों के उद्विकास तथा कार्यान्वयन के लिए भी उत्तरदायी होगा।
(6) उप-नियम (3) में निर्दिष्ट सूचना तथा दस्तावेज को गुप्त रखा जाएगा तथा प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से आठ वर्षों की अवधि के लिए रखा तथा अनुरक्षित किया जाएगा।
व्याख्या : इस नियम के उद्देश्य के लिए -
(i) "घटक इकार्इ" का अर्थ होगा जैसा धारा 286 की उप-धारा (9) के वाक्यांश (घ) में निर्दिष्ट हैं
(ii) "समूह" का अर्थ होगा जैसा धारा 286 की उप-धारा (9) के वाक्यांश (ड़) में निर्दिष्ट हैं;
(iii) "मध्यवर्ती संघटन कंपनी अथवा उद्यम" का अर्थ एक कंपनी अथवा एक उद्यम जिसका अन्य राष्ट्र अथवा उद्यम में नियंत्रक हित हैं तथा जो अन्य कंपनी अथवा, उद्यम की सहायक अथवा, द्वारा नियंत्रित होती है;
(iv) "नजदीकी संघटक कंपनी अथवा उद्यम" का अर्थ कंपनी अथवा उद्यम हैं जो भारतीय कंपनी में नियंत्रक हित को प्रत्यक्ष रूप से अनुरक्षित रखता है।
(v) "आधारभूत संघटन कंपनी अथवा उद्यम" का अर्थ एक कंपनी अथवा एक उद्यम जिसका प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय कंपनी का आधारभूत नियंत्रण हैं तथा ऐसी कंपनी अथवा उद्यम जो किसी अन्य कंपनी अथवा उद्यम के सहायक अथवा उसके द्वारा स्वयं नियंत्रित नहीं है।"
4. कथित नियमों में, परिशिष्ट II में, -
(क) प्रपत्र सं. 3गध के पश्चात्, निम्नलिखित प्रपत्रों को शामिल किया जाएगा, जिनके नाम हैं :-
"प्रपत्र सं. 3गन
(नियम 11पग देखें)
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 9 के अंतर्गत
भारत में स्थित परिसंपत्तियों के लिए रोप्य आय
* मैने/हमने ............................. को समाप्त हुए पिछले वर्ष के दौरान धारा 9 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) हेतु स्पष्टीकरण 5 हेतु संदर्भित .....................(भारत से बाहर निगमित कंपनी अथवा उद्यम का नाम)............................में हित अथवा शेयर के स्थानांतरण के तौर पर पैन................ रखने वाले मैसर्स (निर्धारिती का नाम तथा पता) के खाते तथा रिकार्ड की जाँच की है।
* मैने/हमने समस्त जानकारी तथा स्पष्टीकरण को प्राप्त किया है जो जहाँ तक मुझे/हमें' पता है तथा विश्वास के आधार पर भारत में स्थित परिसंपत्ति हेतु रोप्य कथित निर्धारिती की आय को निश्चित करने के उद्देश्य के लिए आवश्यक थी।
* मैं/हम प्रमाणित करता हूँ कि निर्धारण वर्ष ...................... के संबंध में उक्त निर्दिष्ट कंपनी/उद्यम* में शेयर/हित के स्थानांतरण पर निर्धारिती को भारत में उपार्जित अथवा उत्पन्न समझे जाने वाली आय रू........................... है जिसे इस प्रपत्र हेतु परिशिष्ट में दिए गए विवरणों के आधार पर कार्य किया गया है। मेरे/हमारे* विचार में तथा जहाँ तक मुझे/हमें* ज्ञात है तथा मेरे/हमारे* द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार परिशिष्ट में दिए गए विवरण सत्य अथवा सही हैं
तिथि
| हस्ताक्षर | |
| ‡अकाउंटेंट | |
| सदस्यता सं................. |
टिप्पणी
1. *जो लागू न हो उसे काट दें
2. **यहाँ नाम तथा पता दें
3. ‡यह रिपोर्ट धारा 288 की निम्न उप-धारा (2) के स्पष्टीकरण में निर्दिष्टानुसार एक अकाउंटेंट द्वारा किया जाना है
4. # यदि स्थानांतरण पिछले वर्ष में एक अथवा एक से अधिक कंपनी अथवा उद्यम में शेयर अथवा हित हैं तो ऐसी प्रत्येक कंपनी अथवा उद्यम के संबंध में विवरण दिया जाना है।
5. जहाँ इस रिपोर्ट में निर्दिष्ट कोर्इ मामला नेगेटिव अथवा योग्यता के साथ बिना उत्तर दिए रहता है, तो रिपोर्ट को इसलिए कारणों को निर्दिष्ट करना होगा।
परिशिष्ट
1. शेयर अथवा हित के स्थानांतरण के लिए प्राप्त प्रतिफल का कंपनी/उद्यम वार ब्यौरा :
| क्र.सं. | कंपनी/उद्यम का नाम | स्थानांतरित शेयर/हित का मात्रा | शेयर/हित के अधिग्रहण की लागत | स्थानांतरण की तिथि | प्राप्त प्रतिफल |
2. शेयर अथवा हित के स्थानांतरण से प्राप्त आय (कंपनी/उद्यम वार विवरण) रू.....................
3. भारत में स्थित परिसंपत्ति की लागत जिसके द्वारा शेयर अथवा हित इसकी राशि से प्राप्त होते हैं (कंपनी/उद्यम वार विवरण) रू.....................
4. कंपनी अथवा उद्यम की वैश्विक परिसंपत्तियों की लागत (कंपनी/उद्यम वार विवरण) रू.....................
5. भारत में स्थित परिसंपत्ति हेतु रोप्य आय (कंपनी/उद्यम वार विवरण तथा कुल) रू.....................
6. मद 3 तथा 4 में परिसंपत्तियों की लागत पर प्राप्ति के लिए नियोजित विधि का विवरण
7. निर्भर दस्तावेज तथा मूल्यांकन रिपोर्ट, यदि हो, का विवरण
8. की गर्इ किसी कल्पना सहित टिप्पणी";
(ख) प्रपत्र 49ग के पश्चात्, निम्नलिखित प्रपत्र को शामिल किया जाएगा, जिनके नाम हैं :-
"प्रपत्र सं. 49घ
[नियम 114घख देखें]
धारा 285क के अंतर्गत एक भारतीय कंपनी द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली सूचना तथा दस्तावेज
सेवा में
निर्धारण अधिकारी
_________________
_________________
भाग क
| 1 | भारतीय कंपनी का नाम तथा पता | |
| 2 | स्थिति (चाहे कंपनी, एलएलपी/फर्म/स्थार्इ संस्थान आदि हो) | |
| 3 | आवासीय स्थिति | |
| 4 | स्थार्इ खाता संख्या | |
| 5 | पिछला वर्ष | |
| 6 | मूल्यांकन वर्ष | |
7 |
क्या समूह की ओर से सूचना को मुहैया कराने के लिए भारतीय कंपनी को नामित किया गया है यदि हाँ, - (i) समस्त भारतीय कंपनी के विवरणों को मुहैया कराना जो समूह के घटक हैं : (क) नाम (ख) पैन (ग) पता (ii) यदि सूचना को ऐसी कंपनी के किसी भारतीय कंपनी विवरणों की ओर से प्रस्तुत किया जा रहा है : (क) नाम (ख) पैन (ग) पता |
हाँ/नहीं |
8 |
नजदीकी स्वामित्व उद्यम का विवरण, मध्यवर्ती संघटक उद्यम तथा अंतिम संघटक उद्यम, - (क) नजदीकी संघटक उद्यम :- (क) नाम (ख) निगमन का राष्ट्र (ग) राष्ट्र जिसका यह कर निवासी है
(ख) मध्यवर्ती संघटक उद्यम :- (क) नाम (ख) निगमन का राष्ट्र (ग) राष्ट्र जिसका यह कर निवासी है
(ग) अंतिम संघटक उद्यम :- (क) नाम (ख) निगमन का राष्ट्र (ग) राष्ट्र जिसका यह कर निवासी है |
|
9 |
(क) क्या किसी कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा का शेयर भारत में स्थित परिसंपत्तियों से वास्तव में इसकी राशि से प्राप्त होता है, जो भारतीय कम्पनी के माध्यम से अथवा में संघटित होता है (ख) यदि हाँ, कंपनी अथवा उद्यम का विवरण दें |
हाँ/नहीं |
भाग ख
(प्रबंधन अथवा नियंत्रण के अधिकार के स्थानांतरण के परिणामस्वरूप लेनदेन की रिपोर्ट को दाखिल करने के लिए)
10 |
क्या 9 में संदर्भित किसी कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा के शेयर के संबंध में किसी लेनदेन का भारतीय कंपनी पर नियंत्रण अथवा प्रबंधन के अधिकार के स्थानांतरण का अधिकार हैं यदि हाँ तो निम्नलिखित का विवरण दें:- (i) कंपनी अथवा उद्यम का नाम (ii) ऐसे लेनदेन के लिए प्रतिफल सहित लेनदेनों का ब्यौरा (iii) पते सहित स्थानांतरणकर्ता का नाम (iv) स्थानांतरण के उत्तरगामी 12 माह की अवधि के दौरान स्थानांतरणकर्ता के संघटन प्रतिशत सहित शेयर/ब्याज का प्रतिशत (v) पते के साथ स्थानांतरी का ब्यौरा (vi) स्थानांतरण के पहले तथा पश्चात् कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा के शेयर के संबंध में संघटन ढ़ांचा (vii) कंपनी अथवा उद्यम के वित्तीय तथा लेखांकन विवरण (viii) स्थानांतरित किए जा रहे शेयर अथवा ब्याज के स्थल को निर्धारित करने का आधार (ix) स्थानांतरण की तिथि से तुरंत पहले भारतीय कंपनी की परिसंपत्ति की वैल्यू तथा ब्यौरा (x) कंपनी अथवा उद्यम की परिसंपत्ति के मूल्यांकन का आधार (xi) मदों (viii) तथा (x) के संबंध में दस्तावेजों के समर्थन का विवरण |
हाँ/नहीं |
भाग ग
(पिछले वर्ष के शेयर/ब्याज के स्थानांतरण के संबंध में सूचना के प्रतिवेदन के लिए दाखिल किए जाने के लिए)
11 |
(क) क्या 9 में संदर्भित कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा का शेयर को पिछले वर्ष के दौरान स्थानांतरित किया गया है, आय जिसके द्वारा धारा 9(1) के प्रावधानों के अंतर्गत भारत में देय अथवा प्राप्त होना समझा जाता है
(ख) यदि हाँ तो विवरण दें :- (i) कंपनी अथवा उद्यम का नाम (ii) लेनदेनों का विवरण (iii) पते के साथ स्थानांतरणकर्ता का नाम (iv) स्थानांतरण के 12 महीनों की अवधि के दौरान स्थानांतरणकर्ता के संघटन प्रतिशत के साथ स्थानांतरित शेयर/हित का प्रतिशत (v) कंपनी अथवा उद्यम की कुल परिसंपत्ति की लागत (vi) पते सहित स्थानांतरणकर्ता का विवरण
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हाँ/नहीं |
12 |
क्या 9 में संदर्भित कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा का शेयर के संबंध में कोर्इ लेनदेन भारतीय कंपनी पर प्रबंधन अथवा नियंत्रण के स्थानांतरण अधिकार को प्रभावित करता है
यदि हाँ तो विवरण दें,- (i) कंपनी अथवा उद्यम का नाम (ii) प्रतिफल सहित लेनदेनों का विवरण (iii) पते के साथ स्थानांतरणकर्ता का नाम (iv) स्थानांतरण के उत्तरगामी 12 महीनों की अवधि के दौरान स्थानांतरणकर्ता के संघटन प्रतिशत के साथ स्थानांतरित की गर्इ शेयर/हित का प्रतिशत
(v) पते सहित स्थानांतरणकर्ता का विवरण (vi) क्या प्रपत्र 49घ को लेनदेन के संबंध में प्रस्तुत किया गया था यदि हां तो प्रपत्र 49घ............../............. को प्रस्तुत करने की तिथि यदि नही, (क) प्रपत्र 49घ को प्रस्तुत न करने के कारण (ख) निम्नलिखित विवरणों को प्रस्तुत करें
(i) स्थानांतरण के पहले तथा पश्चात् कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा के शेयर के संबंध में स्वामित्व चार्ट (ii) कंपनी अथवा उद्यम के वित्तीय तथा अकाउंटिंग विवरण (iii) कंपनी अथवा उद्यम में हित अथवा के शेयर के स्थल को निर्धारित करने का आधार (iv) स्थानांतरण की तिथि से तुरंत पहले भारतीय कंपनी की परिसंपत्ति का मूल्य तथा विभाजन |
हाँ/नहीं |
13 |
भारतीय कंपनी की परिसंपत्ति की राशि तथा विभाजन (i) वर्ष के प्रारंभ में (ii) वर्ष की समाप्ति पर |
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| 14 | मद 11(v), 12(ख)(iii) तथा (iv) तथा 13 में संदर्भित परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का आधार | |
| 15 | मद 11(v), 12(ख)(iii) तथा (iv) तथा 13 के संबंध में समर्थित दस्तावेजों का विवरण |
प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर
नाम ........................
सत्यापन
मैं,..................................(बडे़ अक्षरों में पूरा नाम), पुत्र/पुत्री..................................., स्थार्इ खाता संख्या (पैन)........................................... रखने वाली भारतीय कंपनी में उक्तनिर्दिष्ट की ओर से, सत्यनिष्ठापूर्वक घोषणा करता हूँ कि जहां तक मुझे पता है तथा ज्ञात है, प्रपत्र में दी गर्इ सूचना सत्य तथा सही है तथा उसमें अन्य विवरणों को सही रूप से निर्दिष्ट किया गया है। मैं आगे घोषणा करता हूँ कि मैं .............................. के तौर पर अपनी क्षमता के अनुसार इस प्रपत्र को जमा कर रहा हूँ तथा मैं इस प्रस्तुतीकरण तथा इसके सत्यापन को करने के लिए भी सक्षम हूं
........................... को सत्यापित
स्थान.
प्राधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर
नाम .......................
(अधिसूचना सं. 55/2016 एफ. नं. 142/26/2015-टीपीएल)
(नीरज कुमार)
अवर सचिव (कर नीति तथा विधान)
टिप्पणी :- सैद्धांतिक नियम अधिसूचना नंबर एस. ओ. 969(र्इ), दिनांक 26 मार्च, 1962 के द्वारा तथा एस.ओ. 2213 (र्इ), दिनांक 27/06/2016 की अधिसूचना के द्वारा अन्तिम संशोधन भारतीय राजपत्र, असाधारण, भाग III, धारा 3, उप-धारा (i) में प्रकाशित हुए थे।

