आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
प्रपत्र 3गङख आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत निर्धारित है जो प्रासंगिक पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा दाखिल किया जाना है। यह आयकर अधिनियम, 1961 की 92ड़ के तहत दाखिल किया जाना आवश्यक है।
• आयकर अधिनियम, 1961 की 92ड़
• आयकर नियम, 1962 का नियम 10ङ
• प्रत्येक निर्धारिती जो अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन करता है, उसे प्रपत्र 3गङख में अभ्यासरत चार्टर्ड एकाउंटेंट से रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी।
• लेखाकार को यह मत देना होगा कि क्या निर्धारिती द्वारा उसके द्वारा किए गए अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन के संबंध में "निर्धारित उचित सूचना और दस्तावेज" अनुरक्षित रखे गए हैं।
• सभी निर्धारितियों (कॉर्पोरेट्स और गैर-कॉर्पोरेट्स सहित) पर लागू, जिन्होंने:
• धारा 92ख के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन किया है; या
• धारा 92खक के अनुसार निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन किया है।
• प्रपत्र सं 3गङख को आयकर (छठा संशोधन) नियम, 2013 द्वारा, 01-04-2013 से प्रतिस्थापित किया गया। प्रतिस्थापन से पूर्व, प्रपत्र सं. 3गङख को आयकर (इक्कीसवाँ संशोधन) नियम, 2001 द्वारा, 21-08-2001 से प्रारंभ किया गया था।
• ई-प्रपत्र से संलग्न टिप्पणियों को सावधानीपूर्वक पढ़ा जाए तथा उचित रूप से अनुपालन किया जाए।
• धारा 139(1) के तहत आय विवरणी दाखिल करने की देय तिथि से एक महीना पूर्व।
• प्रपत्र 3गङख को https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर ऑनलाइन दाखिल किया जाना है।
• यदि कोई व्यक्ति प्रपत्र 3गङख में लेखाकार से रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहता है तो निर्धारण अधिकारी 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगा सकता है।