आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
प्रपत्र संख्या 10ड़ड़ एक इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र है जिसे किसी निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है, जो भारत का निवासी तो है किंतु भारत में अनिवासी होने और अधिसूचित देश में निवासी होने के दौरान अधिसूचित देश में खाता खोला है।
· आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(23चड़)
· आयकर नियम, 1962 का नियम 21ककक
· भारत में निवासी किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति पर लागू, जिसने पूर्व में अधिसूचित देश (कनाडा, यूके, यूएसए) में अनिवासी रहते हुए विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति-लाभ खाते खोले और बनाए रखे।
· ऐसा व्यक्ति, सभी विनिर्दिष्ट खातों में प्रोद्भूत आय को पूर्ववर्ती वर्ष की कुल आय में, जिसमें वह अधिसूचित देश में निकासी/मोचन पर कर योग्य हो जाती है, शामिल करने का विकल्प चुन सकता है।
· ऐसी आय जिस पर पूर्व वर्षों में कर लगाया जा चुका है, या अनिवासी/साधारणतः निवासी न होने की स्थिति या दोहरे कराधान निवारण समझौते (डीटीएए) के कारण भारत में कर योग्य नहीं है, उसे पुनः शामिल नहीं किया जाएगा; ऐसी आय पर चुकाए गए विदेशी कर को विदेशी कर क्रेडिट गणना के लिए अनदेखा किया जाएगा।
· एक बार प्रयोग किया गया विकल्प, सभी आगामी वर्षों के लिए लागू होगा और वापस नहीं लिया जा सकता है, सिवाय उस स्थिति के जहां व्यक्ति अनिवासी हो जाता है।
· यदि व्यक्ति अनिवासी हो जाता है, तो विकल्प उस वर्ष से कभी भी प्रयोग नहीं किया गया माना जाएगा, और मध्यवर्ती अवधि के लिए उपार्जित आय उस प्रासंगिक वर्ष से ठीक पहले के वर्ष में कर योग्य हो जाएगी।
· भारत में निवासी किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति पर लागू जो पूर्व में अधिसूचित देश में अनिवासी रहते हुए विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति-लाभ खाते खोले और बनाए रखता था।
· आयकर (छठा संशोधन) नियम, 2022 द्वारा प्रपत्र संख्या 10ड़ड़ द्वारा पेश किया गया था, जो 04-04-2022 से प्रभावी है।
· लागू नहीं
· आयकर अधिनियम की धारा 139(1) के अंतर्गत आय विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तारीख को या उससे पहले।
· प्रपत्र संख्या 10ड़ड़ को ऑनलाइन माध्यम से https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर दाखिल किया जाना है।