आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सुलभता विकल्प
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा पहली अनुसूची

बीमा कारबार

धारा

धारा संख्या

पहली अनुसूची

अध्याय शीर्षक

अनुसूची - अनुसूची

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2020

बीमा कारबार

बीमा कारबार

पहली अनुसूची

बीमा कारबार

[धारा 44 देखिये]

क--जीवन बीमा कारबार

जीवन बीमा कारबार के लाभों को पृथक्त: संगणित किया जाना

1. ऐसे व्यक्ति की दशा में, जो जीवन बीमा कारबार करता है या जिसने पूर्ववर्ष में किसी समय जीवन बीमा कारबार किया है, ऐसे कारबार से व्यक्ति के लाभ और अभिलाभ की संगणना, उसके किसी अन्य कारबार के लाभ या अभिलाभ से पृथक् की जाएगी।

जीवन बीमा कारबार के लाभों की संगणना

2. अधिशेष के वार्षिक औसत को, जो निर्धारण वर्ष के प्रारम्भ से पूर्व समाप्त होने वाली अंतिम अन्तर्मूल्यांकन अवधि की बाबत बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) के अनुसार किए गए बीमांकिक मूल्यांकन द्वारा प्रकट अधिशेष या कमी को समायोजित करके आए, जीवन बीमा कारबार के लाभ और अभिलाभ समझा जाएगा, जिससे उसमें सम्मिलित किसी अधिशेष या कमी का, जो किसी पूर्वतर अन्तर्मूल्यांकन अवधि में सम्मिलित की गयी थी, उसमें से अपवर्जन हो जाए।

कटौतियां

3. [वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा 1.4.1977 से लोप किया गया। इससे पूर्व इस नियम का पहले वित्त अधिनियम, 1966 द्वारा 1.4.1966 से और वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से संशोधन किया गया था।]

स्रोत पर कटौती द्वारा संदत्त कर का समायोजन

4. जहां किसी वर्ष के लिए जीवन बीमा कारबार के लाभों का निर्धारण बारह मास से अधिक की अन्तर्मूल्यांकन अवधि के लिए मूल्यांकन द्वारा प्रकट अधिशेष के वार्षिक औसत के अनुसार किया जाता है वहां उस वर्ष के लिए संदेय आय-कर की संगणना करने में पूर्ववर्ष में संदत्त आय-कर का मुजरा धारा 199 के अनुसार नहीं किया जाएगा बल्कि ऐसी अवधि के दौरान प्रतिभूतियों पर ब्याज से या अन्य प्रकार से स्रोत पर कटौती के रूप में संदत्त आय-कर के वार्षिक औसत का मुजरा किया जाएगा।

ख–अन्य बीमा कारबार

अन्य बीमा कारबार के लाभों और अभिलाभों की संगणना

5. जीवन बीमा से भिन्न किसी कारबार के लाभों और अभिलाभों को बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) या उसके अधीन बनाए गए नियमों या बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) या उसके अधीन बनाए गए विनियमों के उपबंधों के अनुसार तैयार किए गए लाभ और हानि लेखे में प्रकट किए गये कर और विनियोजनों से पूर्व लाभ माना जाएगाजो निम्नलिखित समायोजनों के अधीन रहते हुए होगा,--

() इस नियम के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए कोर्इ ऐसा व्यय या मोक जिसके अंतर्गत किसी कर, लाभांश, रिजर्व के उपबंध या किसी अन्य उपबंध के रूप में, जो विहित की जाए, लाभ और हानि लेखा में नामे डाली गर्इ (डेबिट) कोर्इ रकम भी शामिल है जो धारा 30 से धारा 43ख तक के उपबंधों के अधीन कारबार के लाभों और अभिलाभों की संगणना करने के लिए स्वीकार्य नहीं है, पुन: जोड़ दिया जाएगा;

() (i) विनिधानों की वसूली में किसी अभिलाभ या हानि को, यथास्थिति, जोड़ा जाएगा या उसकी कटौती की जाएगी, यदि ऐसे अभिलाभ या हानि को लाभ-हानि खाते में जमा या उससे विकलित नहीं किया गया है;

(ii) लाभ-हानि लेखे से विकलित किए गए विनिधान के मूल्य में कमी के किसी उपबंध को वापस जोड़ा जाएगा;

() अनवसित जोखिमों के लिए रिजर्व में अग्रनीत ऐसी रकम, जो इस निमित्त विहित की जाए, कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी।

55ख[परंतु निर्धारिती द्वारा धारा 43ख के अधीन संदेय कोर्इ राशि, जिसे इस नियम के खंड () के अनुसार वापस जोड़ा गया है, उस पूर्ववर्ष में, जिसमें ऐसी राशि वास्तव में संदत्त की गर्इ है, इस नियम के अधीन आय की संगणना में कटौती के रूप में अनुज्ञान की जाएगी।]

ग–अन्य उपबंध

अनिवासी व्यक्ति के लाभ और अभिलाभ

6. (1) भारत में निवास न करने वाले और केार्इ बीमा कारबार चलाने वाले व्यक्ति की, भारत में शाखाओं के लाभ और अभिलाभ, अधिक विश्वसनीय आधार सामग्री के अभाव में, ऐसे व्यक्ति की विश्व-आय का वह अनुपात माना जा सकेगा जो भारत से प्राप्त उसकी प्रीमियम आय के उसकी कुल प्रीमियम आय से अनुपात के समान हो।

(2) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, विश्व-आय की, जहां तक वह भारत में निवास न करने वाले व्यक्ति के जीवन बीमा कारबार से सम्बद्ध है, संगणना उस रीति में की जाएगी जो भारत में चलाए गए जीवन बीमा कारबार के लाभों और अभिलाभों की संगणना करने के लिए इस अधिनियम में दी गर्इ है।

निर्वचन

7. (1) इन नियमों के निर्वचन के लिए–

(i) [* * *];

(ii) ''विनिधानों'' के अंतर्गत प्रतिभूतियां, स्टाक और शेयर भी हैं।

(iii) [* * *];

(iv) ''जीवन बीमा कारबार'' से बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 2 के खंड (11) में परिभाषित जीवन बीमा कारबार अभिप्रेत है;

(v) ''नियम'' से इस अनुसूची में अन्तर्विष्ट नियम अभिप्रेत है।

(2) इन नियमों में बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) या उसके किसी उपबंध के प्रति निर्देशों का, जहां तक उनका संबंध भारतीय जीवन बीमा निगम से है, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वे जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (1956 का 31) की धारा 43 के साथ पठित उस अधिनियम या उसके उपबंध के प्रति निर्देश हैं।

 

55ख. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित।

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट