धारा 54 व कृषि भूमि के हस्तांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ से छूट प्रदान करती है। इस भाग में यदि करदाता ने अन्य कृषि भूमि खरीदी है कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न पूंजीगत लाभों से छूट से सम्बन्धित धारा 54 ब के विभिन्न प्रावधानों के बारे में आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

कृषि भूमि के हस्तांतरण पर पूंजीगत लाभ के लिए छूट

प्रस्तावना

एक किसान निश्चित कारणों से अपनी कृषि भूमि को विस्थापित करना चाहता है और इसलिए उसने अपनी पुरानी कृषि भूमि को बेच दिया और बिक्री से प्राप्त आय से उसने एक अन्य कृषि भूमि खरीद लिया। इस मामले में विक्रेता का उद्देश्य, पुरानी भूमि की बिक्री से आय अर्जित करना नहीं था, बल्कि अन्य जमीन प्राप्त करना था। इस मामले में, यदि विक्रेता पुरानी भूमि की बिक्री से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ पर आयकर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा, तो यह उसके लिए एक मुसीबत होगी।

धारा 54ख एक ऐसी मुसीबत से राहत प्रदान करती है। धारा 54ख एक करदाता को राहत प्रदान करती है जो अपनी कृषि भूमि बेच देता है और बिक्री से प्राप्त आय से वह एक अन्य कृषि भूमि का अधिग्रहण करता है। इस संबंध में विस्तृत प्रावधानों की चर्चा इस भाग में की गयी है।

बुनियादी शर्तें

धारा 54ख के लाभ का दावा करने के लिए निम्न शर्तों का संतुष्ट होना आवश्यक है।

धारा 54ख का लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ को उपलब्ध है।

• हस्तांतरित परिसंपत्ति कृषि भूमि होनी चाहिए। भूमि एक दीर्घकालिक पूंजी परिसंपत्ति या अल्पकालिक पूंजी परिसंपत्ति हो सकती है।

• कृषि भूमि हस्तांतरण की तिथि से तत्काल कम से कम दो वर्ष पहले की अवधि के लिए कृषि प्रयोजन के लिए व्यक्ति द्वारा या उसके माता पिता द्वारा प्रयोग में होनी चाहिए।एचयूएफ के मामले में जमीन एचयूएफ द्वारा प्रयोग में होनी चाहिए।

• पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर करदाता द्वारा अन्य कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाना चाहिए। अनिवार्य अधिग्रहण के मामले में नई कृषि भूमि के अधिग्रहण की अवधि मुआवजे की प्राप्ति की तिथि से निर्धारित की जायेगी। हालांकि धारा 10(37) के अनुसार, व्यक्ति अथवा एचयूएफ की स्थिति में पूंजीगत लाभ पर कोई कर देय योग्य नही होगा यदि कृषि भूमि किसी कानून तथा विचार के अंतर्गत अनिवार्य अधिग्रहण किया हो जो 01-04-2004 को अथवा उसके पश्चात् प्राप्त तथा केंद्र सरकार अथवा आरबीआई द्वारा अनुमोदित हो

उदाहरण

मि. राजा ने अप्रैल 2018, में एक कृषि भूमि खरीदी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। भूमि जुलाई, 2025 में 8,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 1,00,000 रुपये थी। क्या वह अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकते हैं?

**

धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है(जो दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो सकती है), के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है।

यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ के लिए उपलब्ध है। भूमि को कम से कम दो साल के लिए कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए। इस मामले में, धारा 54ख की सभी शर्तें संतुष्ट थी और, इसलिए, मि. राजा धारा 54 ख के अंतर्गत निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकते हैं।

उदाहरण

मि. कमल ने अप्रैल 2020 में एक कृषि भूमि खरीदी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। भूमि मई 2025 में 18,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 2,00,000 रुपये थी। क्या वह अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकते हैं?

**

धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है(जो दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो सकती है), के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ के लिए उपलब्ध है।

भूमि को कम से कम दो साल के लिए कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए। इस मामले में, धारा 54ख की सभी शर्तें संतुष्ट थी और इसलिए, मि. कमल धारा 54 ख के अंतर्गत निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकते हैं।

उदाहरण

राजा एचयूएफ ने जून, 2020 में एक कृषि भूमि खरीदी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। भूमि जुलाई, 2025 में 28,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 8,00,000 रुपये थी। क्या एचयूएफ अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकता है?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है(जो दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो सकती है), के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। यह लाभ केवल एक व्यक्ति या एचयूएफ के लिए उपलब्ध है। भूमि को कम से कम दो साल के लिए कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए। इस मामले में, धारा 54ख की सभी शर्तें संतुष्ट थी और इसलिए, राजा एचयूएफ धारा 54 ख के अंतर्गत निर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकता है।

उदाहरण

मि. कुमार ने अप्रैल, 2018 में सोना खरीदी और उसे जुलाई, 2025 में 8,40,000 रुपये में बेच दिया। सोने की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 1,00,000 रुपये थी। क्या वह 1,00,000 रुपये के पूंजीगत लाभ से कृषि भूमि की खरीद के द्वारा धारा 54ख के लाभ का दावा कर सकते हैं?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है(जो दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो सकती है), के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। इस मामले में पूंजी परिसंपत्ति सोना है अर्थात कृषि भूमि से अन्य है, और, इसलिए, धारा 54ख का लाभ उपलब्ध नहीं है।

छूट की राशि

धारा 54ख के तहत छूट निम्न से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि; या

• नई कृषि भूमि में निवेश [पूंजी लाभ जमा खाता योजना में जमा राशि सहित (इसकी चर्चा बाद में की गयी है)]

उदाहरण

मि. राजा ने अप्रैल 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी।

भूमि जुलाई, 2025 में 8,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 1,00,000 रुपये थी। पुरानी भूमि की बिक्री से प्राप्त आय से, उन्होंने 3,00,000 रुपये में एक अन्य कृषि भूमि खरीदी (2025 अगस्त में खरीदी गयी)। धारा 54ख के तहत मि. राजा द्वारा कितनी राशि की छूट के लिए दावा किया जा सकता है?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है, के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। धारा 54ख के तहत छूट निम्न से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि; या

• नई कृषि भूमि में निवेश

उपरोक्त प्रावधानों को देखते हुए, इस मामले में छूट निम्न राशि से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजी लाभ की राशि, अर्थात, 1,00,000 रुपये

• नई कृषि भूमि में निवेश की राशि, अर्थात, 3,00,000 रुपये।

इस प्रकार, छूट 1,00,000 रुपए होगी। कर योग्य पूंजीगत लाभ शून्य (संपूर्ण लाभ मुक्त होगा) होगा।

उदाहरण

मि. कौशल ने अप्रैल 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। भूमि जुलाई, 2025 में 18,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 4,00,000 रुपये थी। पुरानी भूमि की बिक्री से प्राप्त आय से, उन्होंने 3,00,000 रुपये में एक अन्य कृषि भूमि खरीदी (अगस्त, 2025 में)। धारा 54ख के तहत मि. कौशल द्वारा कितनी राशि की छूट के लिए दावा किया जा सकता है?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है, के हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में किया जा सकता है। धारा 54ख के तहत छूट निम्न से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजी लाभ की राशि, या

• नई कृषि भूमि में निवेश

उपरोक्त प्रावधानों को देखते हुए, इस मामले में छूट निम्न राशि से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजी लाभ की राशि, अर्थात, 4,00,000 रुपये

• नई कृषि भूमि, में निवेश की राशि, अर्थात, 3,00,000 रुपये

इस प्रकार, छूट 3,00,000 रुपए होगी। कर योग्य पूंजी लाभ 1,00,000 रुपए होगा। (4,00,000 रुपए शेष 3,00,000 रुपये)

नई भूमि स्थानांतरित किए जाने के परिणाम

धारा 54ख के तहत छूट, पूंजी परिसंपत्ति जो कृषि भूमि है, के अन्य कृषि भूमि के रूप हस्तांतरित किये जाने पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में उपलब्ध है। हालांकि, इस लाभ के दुरूपयोग पर नियंत्रण रखने के लिए धारा 54ख में एक प्रतिबंध जोड़ा गया है। यह प्रतिबंध नई जमीन की बिक्री के निषेध के रूप में है।

यदि एक करदाता नई कृषि भूमि खरीदता है और धारा 54ख के तहत छूट का दावा करता है और फिर नई कृषि भूमि अधिग्रहण की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के भीतर स्थानांतरित कर दी जाती है, तो धारा 54ख के तहत दिया गया लाभ वापस ले लिया जाएगा। इस निषेध का अंतिम प्रभाव निम्नानुसार है:

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के बाद, प्रतिबंध लगाया जा सकेगा यदि नई कृषि भूमि खरीद की तिथि से 3 वर्ष की अवधि से पहले बेच दी जाती है।

• यदि कृषि भूमि उसकी खरीद की तिथि से 3 वर्ष की अवधि से पहले बेच दी जाती है तो नई भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की गणना के समय, धारा 54ख के तहत छूट के लिए दावा की गयी पूंजीगत लाभ की राशि नई भूमि के अधिग्रहण की लागत से काट ली जायेगी।

उदाहरण

मि. रजत ने अप्रैल, 2025 में अपनी कृषि भूमि 25,20,000 रुपये में बेची। पिछले 10 वर्षों से भूमि कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की गयी थी। भूमि के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि 8,40,000 रुपये थी। दिसंबर, 2025 में उन्होंने 10,00,000 रुपये मूल्य की एक अन्य कृषि भूमि खरीदी। हालांकि, नई भूमि अप्रैल, 2026 में 12,00,000 रूपये में बेच दी गयी। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए मि. रजत के कर योग्य पूंजीगत लाभ की राशि क्या होगी?

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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पूंजीगत लाभ की गणना

विवरण रु.
पुरानी भूमि के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि 8,40,000
शेष: धारा 54ख के तहत छूट (*) 8,40,000
कर योग्य दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ शून्य

(*) धारा 54ख के तहत छूट निम्न से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजी लाभ की राशि, या

• नई कृषि भूमि में निवेश

उपरोक्त प्रावधानों को देखते हुए, इस मामले में छूट निम्न राशि से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि, अर्थात, 8,40,000 रुपये

अथवा

• नई कृषि भूमि, में निवेश की राशि, अर्थात, 10,00,000 रुपये

इस प्रकार, छूट 8,40,000 रुपए होगी।

वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत लाभ की गणना

यदि एक करदाता अन्य कृषि भूमि खरीदता है और धारा 54ख के तहत छूट का दावा करता है और फिर नई कृषि भूमि अधिग्रहण की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के भीतर स्थानांतरित कर दी जाती है, तो धारा 54ख के तहत दिया गया लाभ वापस ले लिया जाएगा। इस मामले में गणना निम्न प्रकार की जायेगी:

विवरण रु.
प्रतिफल का पूर्ण मूल्य (अर्थात, नई भूमि का बिक्री मूल्य) 12,00,000
घटा: पूंजी परिसंपत्ति के हस्तांतरण के संबंध में पूर्ण और विशेष रूप से किया गया व्यय (जैसे, दलाली, आदि) शून्य
निवल बिक्री प्रतिफल 12,00,000
शेष: अधिग्रहण की लागत (*) 1,60,000

नई भूमि की बिक्री से अल्पकालिक पूंजीगत लाभ

10,40,000

(*) यदि भूमि उसकी खरीद की तिथि से 3 वर्ष की अवधि से पहले बेच दी जाती है तो नई भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की गणना के समय, धारा 54ख के तहत छूट के लिए दावा की गयी पूंजीगत लाभ की राशि नई भूमि के अधिग्रहण की लागत से काट ली जायेगी। इस प्रावधान को लागू करते हुए नई भूमि के अधिग्रहण की लागत गणना निम्नानुसार की जाएगी:

विवरण रु.
नई भूमि के अधिग्रहण की लागत 10,00,000
शेष: धारा 54ख के तहत पहले किया गया छूट का दावा 8,40,000
पूंजीगत लाभ की गणना करते समय नई भूमि की प्रयोग की जाने वाली कीमत 1,60,000

उदाहरण

मि. आकाश ने अप्रैल, 2025 में अपनी कृषि भूमि 25,20,000 रुपये में बेची। पिछले 10 वर्षों से भूमि कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की गयी थी। भूमि के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि 8,40,000 रुपये थी। दिसंबर, 2025 में उन्होंने 5,00,000 रुपये मूल्य की एक अन्य कृषि भूमि खरीदी। नई भूमि अप्रैल, 2026 में 12,00,000 रूपये में बेच दी गयी। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए मि. आकाश के कर योग्य पूंजीगत लाभ की राशि क्या होगी?

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पूंजीगत लाभ की गणना

विवरण रु.
नई भूमि के अधिग्रहण की लागत 10,00,000
शेष: धारा 54ख के तहत पहले किया गया छूट का दावा 8,40,000
पूंजीगत लाभ की गणना करते समय नई भूमि की प्रयोग की जाने वाली कीमत 1,60,000

विवरण

रु.

पुरानी भूमि के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि 8,40,000
घटा: धारा 54ख के तहत छूट (*) 5,00,000

कर योग्य अल्पकालिक पूंजीगत लाभ

3,40,000

(*) धारा 54ख के तहत छूट निम्न से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि; या

• नई कृषि भूमि में निवेश

उपरोक्त प्रावधानों को देखते हुए, इस मामले में छूट निम्न राशि से कम होगी:

• कृषि भूमि के हस्तांतरण से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि, अर्थात, 8,40,000 रुपये

• नई कृषि भूमि, में निवेश की राशि, अर्थात, 5,00,000 रुपये

इस प्रकार, छूट 5,00,000 रुपए होगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत लाभ की गणना

यदि एक करदाता एक कृषि भूमि खरीदता है और धारा 54ख के तहत छूट का दावा करता है और फिर नई कृषि भूमि अधिग्रहण की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के भीतर स्थानांतरित कर दी जाती है, तो धारा 54ख के तहत दिया गया लाभ वापस ले लिया जाएगा। इस मामले में गणना निम्न प्रकार की जायेगी:

विवरण रु.
प्रतिफल का पूर्ण मूल्य (अर्थात, नई भूमि का बिक्री मूल्य) 12,00,000
घटा: पूंजी परिसंपत्ति के हस्तांतरण के संबंध में पूर्ण और विशेष रूप से किया गया व्यय (जैसे, दलाली, आदि) शून्य
निवल बिक्री प्रतिफल 12,00,000
घटा: अधिग्रहण की लागत (*) शून्य
नई कृषि भूमि की बिक्री पर लघु अवधि के पूंजीगत लाभ 12,00,000

(*) यदि भूमि उसकी खरीद की तिथि से 3 वर्ष की अवधि से पहले बेच दी जाती है तो नई भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ की गणना के समय, धारा 54ख के तहत छूट के लिए दावा की गयी पूंजीगत लाभ की राशि नई भूमि के अधिग्रहण की लागत से काट ली जायेगी। इस प्रावधान को लागू करते हुए नई भूमि के अधिग्रहण की लागत गणना निम्नानुसार की जाएगी:

विवरण रु.
नई भूमि के अधिग्रहण की लागत 5,00,000
शेष: धारा 54ख के तहत पहले किया गया छूट का दावा 5,00,000
पूंजीगत लाभ की गणना करते समय नई भूमि की कीमत प्रयोग की जायेगी शून्य

पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए।

यदि आयकर विवरणी दाखिल करने की तिथि तक पुरानी भूमि के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ का अन्य कृषि भूमि की खरीद के लिए (पूर्ण या आंशिक रूप में) उपयोग नहीं किया जाता है, तो पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना, 1988 (जिसे इसके बाद से पूंजीगत लाभ खाता योजना कहा गया है) के अनुसार, अप्रयुक्त राशि को पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की किसी भी शाखा में जमा करके छूट का लाभ उठाया जा सकता है। 2 साल की निर्धारित समय सीमा के भीतर उक्त खाते से राशि वापस निकाल कर नई भूमि खरीदी जा सकती है।

उदाहरण

मि. राज एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2025 को 8,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 2,00,000 रुपये थी। वह धारा 54ख के तहत छूट का दावा करना चाहते हैं। किस समय तक उन्हें एक और कृषि भूमि खरीद लेनी चाहिए?

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, 25 अगस्त, 2025 अर्थात् 24 अगस्त, 2027 को अथवा पूर्व से 2 वर्ष की अवधि के भीतर उन्हें अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई 2026 है। यदि मि. राज, 31 जुलाई 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 2,00,000 रुपये जमा करना होगा। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 2,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 2,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, केवल पूंजीगत लाभ खाता योजना में मात्र जमा करना ही पर्याप्त नहीं होगा। इस योजना में जमा करने के बाद, उन्हें 2 साल अर्थात् 24 अगस्त, 2027 को अथवा पूर्व की निर्धारित अवधि के भीतर नयी भूमि खरीदने के लिए इस धन का उपयोग करना पड़ेगा।

उदाहरण

मि. राज एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2025 को 18,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 4,00,000 रुपये थी। वह, 31 जुलाई 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, हालांकि, जुलाई 2026 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 4,00,000 रुपये जमा कर देते हैं। क्या वह धारा 54ख के तहत किसी भी छूट का दावा करने के हकदार होंगे?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, 25 अगस्त, 2025 अर्थात 24 अगस्त,2027 को अथवा पहले से 2 वर्ष की अवधि के भीतर उन्हें अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई 2026 है। यदि मि. राज, 31 जुलाई 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 4,00,000 रुपये जमा करना होगा। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 4,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 4,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने पूंजीगत लाभ खाता योजना में 4,00,000 रुपये जमा किया है और, इसलिए, वह धारा 54ख के तहत 4,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं।

हालांकि, केवल पूंजीगत लाभ खाता योजना में मात्र जमा करना ही पर्याप्त नहीं होगा। इस योजना में जमा करने के बाद, उन्हें 2 साल की निर्धारित अवधि के भीतर नयी भूमि खरीदने के लिए इस धन का उपयोग करना पड़ेगा अर्थात् 24 अगस्त 2027 को अथवा उससे पहले

उदाहरण

श्री कमल ने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी। उसके खरीदे जाने के दिन से भूमि को कृषि उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इस भूमि को रू. 18,40,000 के लिए 25 अगस्त, 2023 को बेचा गया। भूमि की बिक्री पर उत्पन्न पूंजीगत प्राप्ति रू. 4,00,000 है। वह 31 जुलाई, 2026 तक अन्य कृषि भूमि नहीं खरीद सका, हालांकि, जुलाई, 2026 में, उसने पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में रू. 3,00,000 जमा किए। क्या वह धारा 54ख के अंतर्गत किसी छूट का दावा करने के लिए पात्र होगा ?

धारा 54ख के अंतर्गत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के स्थानांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में पुरानी भूमि को 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित किया गया था, इसलिए, उसे स्थानांतरण की तिथि से 2 वर्ष की अवधि के भीतर अन्य भूमि को खरीदना होगा।

पुरानी भूमि को वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित किया गया था तथा वर्ष 2025-26 की आय की विवरण को दाखिल करने की देय तिथि 31 जुलाई 2026 है। यदि श्री कमल 31 जुलाई, 2026 तक अन्य भूमि नहीं खरीद सके तो उनको पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में रू. 4,00,000 को जमा करना होगा।

पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में रू. 4,00,000 को जमा करके वह धारा 45ख के अंतर्गत रू. 4,00,000 की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में, उनको पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में रू. 3,00,000 को जमा करना होगा और इसलिए वह धारा 54 ख के अंतर्गत रू. 3,00,000 की छूट का दावा कर सकते हैं।

हालांकि, पूंजीगत प्राप्ति खाता योजना में जमा करना ही उपयुक्त नहीं होगा। योजना में जमा करने के बाद उसे 2 वर्ष की निदिष्ट अवधि के भीतर नई कृषि भूमि को खरीदने के लिए इस कोष का प्रयोग करना होगा।

पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में जमा राशि का गैर उपयोग

यदि पूंजीगत लाभ खाता योजना में जमा राशि जिसके संबंध में करदाता ने छूट का दावा किया है, एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के लिए निर्धारित अवधि के भीतर उपयोग नहीं की जाती है, तो अप्रयुक्त राशि पर (जिसके लिए छूट का दावा किया गया है) दीर्घ कालिक पूंजीगत लाभ या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के आधार पर) पर पिछले वर्ष के लिए जिसमें 2 वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त हो जायेगी, आय के रूप में कर लगाया जाएगा।

उदाहरण

मि. रामलाल एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2023 को 25,20,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 5,00,000 रुपये थी।

वह, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, हालांकि, 31 जुलाई, 2026 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा कर देते हैं। वह 24 अगस्त, 2027 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदते हैं। क्या वह धारा 54ख के तहत किसी भी छूट का दावा करने के हकदार होंगे? यदि हाँ, तो, क्या दी गई छूट वापस ली जा सकती है?

**

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, 25 अगस्त, 2025 से 2 वर्ष की अवधि के भीतर अर्थात 24 अगस्त, 2027 तक उन्हें अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई 2026 है। यदि मि. रानमल, 31 जुलाई 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो, उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा करना होगा।

पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 5,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा किया है और, इसलिए, वह धारा 54ख के तहत 5,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54ख के तहत छूट 5,00,000 रूपये होगी।

उन्हें, योजना में जमा धन 2 साल की निर्धारित अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के लिए उपयोग करना होगा। यदि वह 2 वर्ष के भीतर जमीन नहीं खरीदते हैं, तो अप्रयुक्त राशि पर (जिसके लिए छूट का दावा किया गया है) दीर्घ कालिक पूंजीगत लाभ या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के आधार पर) पर पिछले वर्ष के लिए जिसमें 2 वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त हो जायेगी, आय के रूप में कर लगाया जाएगा।

इस मामले में, 2 वर्ष की अवधि 24 अगस्त, 2027 को समाप्त हो जाती है। मि. रानमल ने 24 अगस्त, 2027 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदी है इसलिए वर्ष 2025-26 में अनुमन्य की 5,00,000 रुपये की छूट रद्द कर दी जाएगी और वर्ष 2027-28 के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय के रूप में कर आरोपित किया जायेगा।

उदाहरण

मि. कौशल एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2025 को 25,20,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 5,00,000 रुपये थी।

वह, 31 जुलाई 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, हालांकि, जुलाई 2026 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा कर देते हैं। जनवरी, 2027 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना से 4,00,000 रुपये निकाल लेते हैं और कृषि भूमि खरीद लेते हैं। इसके बाद वह 24 अगस्त, 2027 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदतें हैं। क्या वह धारा 54ख के तहत किसी भी छूट का दावा करने के हकदार होंगे? यदि हाँ, तो, क्या दी गई छूट वापस ली जा सकती है?

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धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, स्थानांतरण वर्ष की अवधि से अर्थात 24 अगस्त, 2027 से 2 वर्षों के अंदर उन्हें अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि मि. खुशाल, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो, उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा करना होगा। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 5,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं।

इस मामले में उन्होंने पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा किया है और, इसलिए, वह धारा 54ख के तहत 5,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54ख के तहत छूट 5,00,000 रूपये होगी।

उन्हें, योजना में जमा धन (अर्थात, 5,00,000 रुपये) 2 साल की निर्धारित अवधि के भीतर कृषि भूमि की खरीद के लिए उपयोग करना होगा।यदि वह 2 वर्ष की अवधि के भीतर कृषि भूमि नहीं खरीदतें हैं, तो अप्रयुक्त राशि पर (जिसके लिए छूट का दावा किया गया है) दीर्घ कालिक पूंजीगत लाभ या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के आधार पर) पर पिछले वर्ष के लिए जिसमें 2 वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त हो जायेगी, आय के रूप में कर लगाया जाएगा।

इस मामले में, 2 वर्ष की अवधि 24 अगस्त, 2027 को समाप्त हो जाती है। इसलिए, मि. खुशाल को 24 अगस्त, 2027 तक 5,00,000 रुपये की एक जमीन खरीदनी होगी, हालांकि, उन्होंने जनवरी 2027 में 4,00,000 रुपये मूल्य की कृषि भूमि खरीदी है और उसके बाद 24 अगस्त, 2027 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदी है। इस प्रकार, 1,00,000 रुपए की अप्रयुक्त राशि पर निर्धारित अवधि की समाप्ति पर अर्थात वर्ष, 2027-28 के लिए दीर्घ कालिक पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय के रूप में कर लगाया जाएगा।

उदाहरण

मि. राजू ने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2025 को 18,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 3,00,000 रुपये थी। वह, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, हालांकि, जुलाई, 2026 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 5,00,000 रुपये जमा कर देते हैं। वह 24 अगस्त, 2027 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदतें हैं। क्या वह धारा 54ख के तहत किसी भी छूट का दावा करने के हकदार होंगे? यदि हाँ, तो, क्या दी गई छूट वापस ली जा सकती है?

**

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2025 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, स्थानांतरण की अवधि अर्थात 24 अगस्त, 2027 से 2 वर्षों के भीतर उन्हें अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि मि. राजू, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो, उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 3,00,000 रुपये जमा करना होगा। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 3,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 3,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने पूंजीगत लाभ खाता योजना में अधिक राशि अर्थात 5,00,000 रुपये जमा किया है हालांकि, वह धारा 54ख के तहत केवल 3,00,000 रुपये पर छूट का दावा करने के हकदार होगें। दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54ख के तहत छूट 3,00,000 रूपये होगी।

उन्हें, योजना में जमा धन 2 साल की निर्धारित अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि की खरीद के लिए उपयोग करना होगा। यदि वह 2 वर्ष की अवधि के भीतर कृषि भूमि नहीं खरीदतें हैं, तो अप्रयुक्त राशि पर (जिसके लिए छूट का दावा किया गया है) दीर्घ कालिक पूंजीगत लाभ या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के आधार पर) पर पिछले वर्ष के लिए जिसमें 2 वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त हो जायेगी, आय के रूप में कर लगाया जाएगा।

इस मामले में, 2 वर्ष की अवधि 24 अगस्त, 2025 को समाप्त हो जाती है। मि. राजू ने 24 अगस्त, 2025 तक कोई भी कृषि भूमि नहीं खरीदी है इसलिए वर्ष 2025-26 में अनुमन्य की गयी 3,00,000 रुपये की छूट रद्द कर दी जाएगी और वर्ष 2027-28 के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय के रूप में कर आरोपित किया जायेगा।

उदाहरण

मि. विपुल एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने अप्रैल, 2018 में एक कृषि भूमि खरीदी थी। खरीद की तिथि के बाद से, भूमि, कृषि प्रयोजन के लिए प्रयोग की जा रही थी। यह भूमि 25 अगस्त, 2025 को 28,40,000 रुपये में बेच दी गयी। भूमि की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ की राशि 6,00,000 रुपये थी। वह, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, हालांकि, जुलाई, 2026 में वह पूंजीगत लाभ खाता योजना में 6,00,000 रुपये जमा कर देते हैं। मार्च, 2027 में, वह इस योजना से 6,00,000 रुपये निकाल लेते हैं और उक्त राशि से एक कार खरीदते हैं। क्या वह धारा 54ख के तहत किसी भी छूट का दावा करने के हकदार होंगे? यदि हाँ, तो, क्या दी गई छूट वापस ली जा सकती है?

**

धारा 54ख के तहत छूट का दावा करने के लिए, करदाता को पुरानी भूमि के हस्तांतरण की तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर एक अन्य कृषि भूमि खरीदनी चाहिए। इस मामले में, पुरानी भूमि 25 अगस्त, 2023 को स्थानांतरित की गयी थी, इसलिए, स्थानांतरण की अवधि अर्थात 24 अगस्त, 2025 से अन्य कृषि भूमि खरीदनी होगी।

पुरानी भूमि वर्ष 2025-26 में स्थानांतरित की गयी थी और वर्ष 2025-26 के लिए आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2026 है। यदि मि. विपुल, 31 जुलाई, 2026 तक एक अन्य भूमि खरीदने में विफल रहते हैं, तो, उन्हें पूंजीगत लाभ खाता योजना में 6,00,000 रुपये जमा करना होगा। पूंजीगत लाभ खाता योजना में 6,00,000 रुपये जमा करके वह धारा 54ख के तहत 6,00,000 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने पूंजीगत लाभ खाता योजना में 6,00,000 रुपये जमा किया है इसलिये वह केवल 6,00,000 रुपये पर छूट का दावा करने के हकदार होगें। दूसरे शब्दों में, वर्ष 2025-26 के लिए धारा 54ख के तहत छूट 6,00,000 रूपये होगी।

उसे योजना में जमा की गई राशि का उपयोग निर्दिष्ट 2 वर्षों की अवधि के भीतर दूसरी कृषि भूमि खरीदने के लिए करना होगा। योजना से निकाली गई राशि का उपयोग केवल कृषि भूमि की खरीद के लिए ही किया जाना चाहिए। यदि निकाली गई राशि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो उसे निकासी के वर्ष में उस राशि को दीर्घकालिक पूंजी लाभ या अल्पकालिक पूंजी लाभ के रूप में कर योग्य आय माना जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि मूल पूंजी लाभ की प्रकृति क्या थी।

इस मामले में, श्री विपुल ने योजना से 6,00,000 रुपये की राशि निकाली है। अतः उन्हें निकासी के वर्ष में 6,00,000 रुपये की कृषि भूमि खरीदनी चाहिए थी। हालांकि, उन्होंने उक्त राशि का उपयोग कार खरीदने के लिए किया, इसलिए 6,00,000 रुपये की राशि को निकासी के वर्ष में दीर्घकालिक पूंजी लाभ के रूप में कर योग्य आय माना जाएगा।

 

कृषि भूमि के स्थानांतरण पर पूंजीगत लाभ हेतु छूट पर एमसीक्यू

 

प्रश्न 1.धारा ............... उन करदाताओं को राहत देती है जो अपनी कृषि भूमि को बेचते हैं तथा उस बिक्री राशि से अन्य कृषि भूमि खरीदते हैं

(क) 54 (ख) 54ख

(ग) 54डग (घ) 54च

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 54ख उन करदाताओं को राहत देती है जो अपनी कृषि भूमि को बेचते हैं तथा उस बिक्री राशि से अन्य कृषि भूमि खरीदते हैं

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 2. धारा 54ख के लाभ व्यक्ति तथा एचयूएफ के अलावा सभी व्यक्तियों के लिए उपलब्ध हैं।

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 54ख के लाभ केवल व्यक्ति तथा एचयूएफ के लिए उपलब्ध है,

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 3. धारा 54ख के लाभ उठाने के लिए निर्धारिती स्थानांतरण .....................होना चाहिए

(क) एक आवासीय संपत्ति

(ख) एक गैर-कृषि भूमि

(ग) कृषियोग्य भूमि

(घ) भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बांड

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 54ख के लाभ उठाने के लिए निर्धारिती स्थानांतरण कृषियोग्य भूमि होनी चाहिए

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 4. कृषि योग्य भूमि स्थानांतरण की तुरंत पूर्वगामी तिथि से कम से कम................... की अवधि से कृषि योग्य उद्देश्य हेतु व्यक्ति अथवा उसके माता-पिता द्वारा प्रयोग की जानी चाहिए

(क) 2 वर्ष (ख) 5 वर्ष

(ग) 7 वर्ष (घ) 10 वर्ष

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

कृषि योग्य भूमि स्थानांतरण की तुरंत पूर्वगामी तिथि से कम से कम दो वर्षों की अवधि से कृषि योग्य उद्देश्य हेतु व्यक्ति अथवा उसके माता-पिता द्वारा प्रयोग की जानी चाहिए

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 5. धारा 54ख के लाभ उठाने के लिए करदाता को पुरानी कृषि योग्य भूमि के स्थानांतरण की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के भीतर अन्य कृषियोग्य भूमि को अधिगृहित करना चाहिए

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 54ख के लाभ उठाने के लिए करदाता को पुरानी कृषि योग्य भूमि के स्थानांतरण की तिथि से 2 वर्षों की अवधि के भीतर अन्य कृषियोग्य भूमि को अधिगृहित करना चाहिए

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 6. धारा 54 ख के अंतर्गत राशि निम्नलिखित से कम होगी

• कृषियोग्य भूमि के स्थानांतरण पर उत्पन्न होने वाली पूंजीगत लाभ की राशि अथवा

• नई कृषियोग्य भूमि में निवेश (पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में जमा की गई राशि सहित)

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 54 ख के अंतर्गत राशि निम्नलिखित से कम होगी

• कृषियोग्य भूमि के स्थानांतरण पर उत्पन्न होने वाली पूजीगत लाभ की राशि अथवा

• नई कृषियोग्य भूमि में निवेश (पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में जमा की गई राशि

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 7. यदि करदाता नई कृषियोग्य भूमि खरीदने के लिए धारा 54ख के अंतर्गत छूट का दावा करता है तथा तत्पश्चात् इसके अधिग्रहण की तिथि से ....................की अवधि के भीतर नई कृषियोग्य भूमि को स्थानांतरित करता है तो धारा 54ख के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ निरस्त होंगे

(क) 3 वर्ष (ख) 5 वर्ष

(ग) 10 वर्ष (घ) 12 वर्ष

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि करदाता नई कृषियोग्य भूमि खरीदने के लिए धारा 54ख के अंतर्गत छूट का दावा करता है तथा तत्पश्चात् इसके अधिग्रहण की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के भीतर नई कृषियोग्य भूमि को स्थानांतरित करता है तो धारा 54ख के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ निरस्त होंगे

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 8. यदि आय का रिटर्न दाखिल करने की तिथि तक पुरानी भूमि के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ अन्य कृषियोग्य भूमि के उद्देश्य के लिए प्रयोग (पूर्ण अथवा आंशिक) नहीं होता है तो छूट के लाभ सार्वजनिक बैंक की किसी शाखा में......................में अप्रयोज्य राशि को जमा कराकर उठाया जा सकता हैं।

(क) चालू खाता (ख) बचत खाता

(ग) पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना (घ) ऋण खाता

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि आय का रिटर्न दाखिल करने की तिथि तक पुरानी भूमि के स्थानांतरण पर उत्पन्न पूंजीगत लाभ अन्य कृषियोग्य भूमि के उद्देश्य के लिए प्रयोग (पूर्ण अथवा आंशिक) नही होता है तो पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना, 1988 (इसके बाद यहां पूंजीगत लाभ खाता योजना के तौर पर निर्दिष्ट) के अनुसार छूट के लाभ सार्वजनिक बैंक की किसी शाखा में पूंजीगत लाभ जमा खाता योजना में अप्रयोज्य राशि को जमा कराकर उठाया जा सकता है।

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 9. 2 वर्षों की निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् पूंजीगत लाभ खाता जमा योजना में शेष अप्रयोज्य राशि पिछले वर्ष, जिसमें 2 वर्ष की निर्दिष्ट अवधि समाप्त हुई, के लिए दीर्घ कालीन पूंजीगत लाभ अथवा अल्प अवधि पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के प्रकार के अनुसार) के रूप में आय के अनुरूप कर लगेगा

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

2 वर्षों की निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् पूंजीगत लाभ खाता जमा योजना में शेष अप्रयोज्य राशि पिछले वर्ष, जिसमें 2 वर्ष की निर्दिष्ट अवधि समाप्त हुई, के लिए दीर्घ कालीन पूंजीगत लाभ अथवा अल्प अवधि पूंजीगत लाभ (मूल पूंजीगत लाभ के प्रकार के अनुसार) के रूप में आय के अनुरूप कर लगेगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही हैं तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है