आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सुलभता विकल्प
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 4/2023

परिपत्र की तिथि

05/04/2023

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

05/04/2023

परिपत्र सं. 4/2023

2023 की परिपत्र सं. 04

एफ.नं. 370142/06/2023-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

(टीपीएल प्रभाग)

दिनांक : 5 अप्रैल, 2023

विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खकग की उप-धारा (1क) के साथ पठित धारा 192 के अंतर्गत टीडीएस की कटौती से संबंधित स्पष्टीकरण

वित्त अधिनियम, 2023 के माध्यम से, 1 अप्रैल, 2024 को या उसके बाद प्रारंभ होने वाले प्रभावी निर्धारण वर्ष से एक नई कर व्यवस्था प्रदान करने के लिए आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 115खकग में उप-धारा (1क) को शामिल किया गया है। यह व्यवस्था व्यक्ति या हिंदु अविभाजित परिवार या व्यक्तियों के संघ [एक सहकारी संस्था को छोड़कर] या व्यक्तियों की निकाय, चाहे कार्पोरेटिड हो या नही, या एक कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के लिए लागू होती है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत, व्यक्ति की कुल आय के संदर्भ में आयकर इस शर्त कि व्यक्ति निर्दिष्ट छूट और कटौतियों का लाभ नही लेता, सहित कुछ अन्य शर्तों के अनुसार धारा 115खकग की उप-धारा (1क) में दी गई दरों पर आंकी जाएगी।

2. उक्त निर्दिष्ट नई कर व्यवस्था ऊपर बताए गए सभी व्यक्तियों पर लागू होने वाली डिफाल्ट कर व्यवस्था है। हालांकि, अधिनियम की धारा 115खकग की उप-धारा (6) के अंतर्गत एक व्यक्ति इस कर व्यवस्था से बाहर निकलने के विकल्प का चुन सकता है। व्यापार या किसी प्रकार के पेशे से आय प्राप्त न करने वाला व्यक्ति प्रत्येक वर्ष इस विकल्प को चुन सकता है।

3. कटौतीदाता के तौर पर अधिनियम की धारा 192 के अंतर्गत एक व्यक्ति की वेतन आय पर स्त्रोत पर काटे जाने वाले कर (टीडीएस) से संबंधित चिंताओं को व्यक्त करते हुए प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ कि नियोक्ता के रूप में पता नही चलेगा कि कर्मचारी के रूप में व्यक्ति ने अधिनियम की धारा 115खकग की उप-धारा (1) के अंतर्गत कराधान से बाहर निकलने का विकल्प चुना है या नही।

4. ऐसे मामलों में वास्तवितक परेशानियों को दूर करने के लिए, बोर्ड ने अधिनियम की धारा 119 के अंतर्गत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा निर्देश देते हैं कि एक कटौतीदाता, कर्मचारी के तौर पर, अपनी वांछित कर व्यवस्था से संबंधित अधिनियम की धारा 192 के अंतर्गत आय वाले अपने प्रत्येक कर्मचारियों से सूचना की मांग करेगा और ऐसा प्रत्येक कर्मचारी प्रत्येक वर्ष की अपनी वांछित कर व्यवस्था के संबंध में नियोक्ता के तौर पर कटौतीदाता को इसकी सूचना देगा और सूचना देने पर कटौतीदाता अपनी कुल आय की गणना करेगा और चुने गए विकल्प के अनुसार उसपर स्त्रोत पर कर कटौती करेगा।

5. यदि सूचना कर्मचारी द्वारा नही दी जाती है तो यह समझा जाएगा कि कर्मचारी ने डिफाल्ट कर व्यवस्था को चुना है और नई कर व्यवस्था से बाहर जाने का विकल्प नही चुना है। तद्नुसार, ऐसे मामले में, नियोक्ता अधिनियम की धारा 115खकग की उप-धारा (1) के अंतर्गत दी गई दरों के अनुसार अधिनियम की धारा 192के अंतर्गत आय पर स्त्रोत पर कर कटौती करेगा।

6. यह भी प्रमाणित किया जाता है कि सूचना अधिनियम की धारा 115खकग की उप-धारा (6) के संबंध में विकल्प को चुनने के परिणामस्वरूप पर नही दी जाएगी और व्यक्ति को उप-धारा के प्रावधानों के अनुसार अलग से ऐसा करना आवश्यक होगा।

7. यह परिपत्र 2020 की परिपत्र सं. सी1 को प्रतिस्थािपत करेगा और वित्त वर्ष 2023-24 और उसके बाद के वर्षों के दौरान टीडीएस पर लागू होगा।

विपुल अग्रवाल

निदेशक (टीपीएल-I)

निम्न को प्रति :

1. एफएम का पीएस/ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/ओएसडी

2. वित्त सचिव का पीएस

3. अध्यक्ष और सदस्य, सीबीडीटी

4. संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी

5. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (30 प्रतियां)

6. जेएस व कानूनी सलाहकार, विधि व कानून मंत्रालय, नई दिल्ली

7. भारतीय चार्टेड अकाउंटेंट संस्थान

8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

9. विभागीय वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान डीजीआईटी (पद्धति)

विपुल अग्रवाल

निदेशक (टीपीएल-I)