परिपत्र सं. 39/2016 : आद्यौगिक उपक्रम द्वारा प्राप्त परिवहन, ऊर्जा और ब्याज सब्सिडी - आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80-झख, 80-झग आदि के अंतर्गत कटौती के लिए पात्रता
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 39/2016
परिपत्र की तिथि
29/11/2016
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
29/11/2016
परिपत्र सं. 39/2016
एफ.नं. 279/विविध/140/2015-आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
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नर्इ दिल्ली, 29 नवंबर, 2016
विषय : आद्यौगिक उपक्रम द्वारा प्राप्त परिवहन, ऊर्जा और ब्याज सब्सिडी - आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80-झख, 80-झग आदि के अंतर्गत कटौती के लिए पात्रता - संबंधी
मुद्दे क्या औद्योगिक उपक्रम/पात्र व्यापार द्वारा प्राप्त राजस्व प्राप्ति जैसे परिवहन, ऊर्जा और ब्याज सब्सिडी आयकर अधिनियम, 1961 (तत्पश्चात् 'अधिनियम' के तौर पर संदर्भित) की धारा 80-झख/80-झग के अर्थ के भीतर इसकी व्यापारिक गतिविधियों से व्युत्पन्न व्यापार के लाभ और प्राप्तियों का भाग है तथा इसलिए अधिनियम के अध्याय VI-क के अंतर्गत तत्स्थानी कटौती के दावे के लिए पात्र व्यक्ति विवादास्पद है। ऐसी प्राप्तियों को निर्धारण अधिकारियों द्वारा प्राप्त 'अन्य स्रोतों से आय' के तौर पर समझा जाता है।
2. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय दिनांक 09.03.2016 में 2014 की सीए नं. 7622 में मेद्यालय स्टील लि. तथा अन्य मामलों में संघटित किया है कि औद्यौगिक उपक्रम को सरकार द्वारा परिवहन, ऊर्जा और ब्याज की सब्सिडी प्राप्तियां हैं जिसे उत्पाद के विनिर्माण/बिक्री से संबंधित लागत के अवयवों के लिए प्रतिपूर्ति की गर्इ है। इसलिए, औद्योगिक इकार्इ/व्यापार तथा ऐसे व्यापार सब्सिडी की प्रतिपूर्ति के बीच प्रत्यक्ष संबंध है। तद्नुसार, ऐसी सब्सिडी औद्योगिकी उपक्रम से प्राप्त कारोबार के लाभ तथा प्राप्ति का भाग हैं तथा शीर्षक 'अन्य स्रोतों से आय' के अंतर्गत शामिल नहीं की जानी है। इसलिए, कटौती औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न ऐसी राजस्व प्राप्तियों पर अधिनियम की धारा 80-झख/80-झग के अंतर्गत स्वीकार्य है।
3. उक्त को देखते हुए, यह स्पष्ट स्थिति है कि विनिर्माण उत्पादों की बिक्री के लिए अथवा विनिर्माण/उत्पादन की लागत की प्रतिपूर्ति के लिए सरकार द्वारा प्राप्त राजस्व सब्सिडी औद्योगिक उपक्रम/पात्र व्यापारों से प्राप्त व्यापार के लाभ तथा प्राप्ति के भाग है तथा इसलिए, अधिनियम के अध्याय VI-क के अंतर्गत कटौती के लिए स्वीकार्य हेतु सहमत है।
4. तद्नुसार, अब से, अपील उक्त निपटाए गए मामले पर विभाग द्वारा दाखिल नहीं की जा सकती तथा जो पहले से दाखिल है उनको निरस्त किया जा सकता है/बाध्य नहीं किया जा सकता।
5. उक्त को समस्त संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है।
(के. वंसी कृष्णा)
एसीआर्इटी (ओएसडी) (आर्इटीजे)
सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, सदस्य तथा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अवरसचिव पद के सभी अधिकारी
2. राजस्व सचिव का ओएसडी
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त एंव आयकर महानिदेशक समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के अनुरोध के साथ
4. प्रधान आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नागपुर
5. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
6. प्रधान आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली
7. सहायक महानिदेशक (पीआर, पीपी एंड ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली सामान्य मेलिंग सूची के अनुसार त्रैमासिक कर बुलेटिन में प्रकाशन के लिए और वितरण के लिए
8. भारतीय नियंत्रक व महालेखा परीक्षक
9. आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए एडीजी-4(पद्धति)
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस
11. गार्ड फाइल
(के. वंसी कृष्णा)
एसीआर्इटी (ओएसडी) (आर्इटीजे)
सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली

